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दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा! अब घर बैठे होगी जमीन की पहचान, रजिस्ट्री और नक्शे के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर

जमीन के कागजों और नक्शों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का दौर अब खत्म! दिल्ली सरकार की नई 'डिजिटल लैंड आईडी' योजना से आपकी प्रॉपर्टी का पूरा रिकॉर्ड अब आपकी उंगलियों पर होगा। जानिए कैसे 14 अंकों का यह नंबर आपकी जमीन को धोखाधड़ी से बचाएगा।

By Pinki Negi

दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा! अब घर बैठे होगी जमीन की पहचान, रजिस्ट्री और नक्शे के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर
दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा

दिल्ली में जमीन के प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार हर प्लॉट को 14 अंकों की एक यूनिक आईडी (ULPIN) देने जा रही है। केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम’ के तहत उठाए गए इस कदम से जमीन से जुड़े विवादों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। अब किसी भी भूखंड की पहचान करना आसान होगा, जिससे खरीदारों को धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी और भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित हो जाएंगे।

दिल्ली में सालों बाद लागू हुआ केंद्र का जमीन प्रोजेक्ट

डिजिटल भूमि रिकॉर्ड की यह योजना वैसे तो साल 2016 में शुरू हुई थी, लेकिन दिल्ली की पिछली सरकार ने इसे लागू नहीं किया था। अब मौजूदा सरकार ने पूरे राज्य में इसे अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत पश्चिमी दिल्ली के तिलंगपुर कोटला गाँव से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई, जहाँ 274 जमीनों के यूनिक आईडी (ULPIN) सफलतापूर्वक तैयार किए गए। इस ट्रायल की सफलता को देखते हुए अब दिल्ली के हर कोने में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

दिल्ली में ‘भू-आधार’ से खत्म होगा भ्रष्टाचार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 14 अंकों के यूनीक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) को भूमि विवादों के खिलाफ एक शक्तिशाली ‘डिजिटल हथियार’ बताया है। इसे ‘भू-आधार’ के नाम से भी जाना जाता है, जो प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान का एक क्रांतिकारी हिस्सा है।

इस व्यवस्था से जमीनी रिकॉर्ड्स में पारदर्शिता आएगी, धोखाधड़ी रुकेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। इस पूरी प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की आईटी शाखा को दी गई है, जो भारतीय सर्वेक्षण विभाग की तकनीकी मदद से दिल्ली के हर कोने का डिजिटल मैप तैयार करेगी।

अब ‘भू-आधार’ से घर बैठे मिलेगी प्रॉपर्टी की पूरी कुंडली

दिल्ली सरकार की इस नई पहल से नागरिकों को अब अपनी जमीन की पहचान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 14 अंकों के यूनिक नंबर के जरिए जमीन की पूरी जानकारी और उसकी सटीक सीमाएं (Geo-referencing) एक क्लिक पर मिल जाएंगी। इसके लिए ड्रोन सर्वे और हाई-क्वालिटी तस्वीरों का इस्तेमाल कर एक नया डिजिटल मैप तैयार किया जा रहा है, जिससे जमीनों की सीमाओं को लेकर होने वाले विवाद खत्म होंगे। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि एक ही जमीन को कई बार बेचने या फर्जी रजिस्ट्रेशन (Multi-registration) करने जैसी धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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