
दिल्ली की बीजेपी सरकार ने बेटियों के बेहतर भविष्य और उनकी शिक्षा को मजबूती देने के लिए ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा लॉन्च की गई यह योजना पुरानी ‘लाडली योजना’ का स्थान लेगी, जिसे अब बंद कर दिया गया है। इस नई पहल के अंतर्गत, बेटियों को उनके जन्म से लेकर स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी करने तक 1 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक तंगी को दूर कर बेटियों की पढ़ाई को बिना किसी बाधा के पूरा करवाना है।
लखपति बिटिया योजना से मिलेगी आर्थिक मदद
इस योजना के तहत दिल्ली की बेटियों को पढ़ाई के अलग-अलग चरणों में कुल 56,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह पैसा सीधे उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में जमा किया जाएगा। खास बात यह है कि जैसे-जैसे समय बीतेगा, इस राशि पर ब्याज जुड़ता रहेगा, जिससे ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी होने तक (मैच्योरिटी पर) यह कुल रकम 1 लाख रुपये से भी ज्यादा हो जाएगी।
- जन्म पर 11,000 रुपये
- कक्षा 1 में प्रवेश पर 5000 रुपये
- कक्षा 6 में प्रवेश पर 5000 रुपये
- कक्षा 9 में प्रवेश पर 5000 रुपये
- कक्षा 10 पास करने पर 5000 रुपये
- कक्षा 12 में प्रवेश पर 5000 रुपये
- ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के दौरान 20,000 रुपये
राशि निकालने के नियम और समय सीमा
योजना के तहत जमा की गई यह राशि बेटियाँ तब निकाल सकेंगी जब वे अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर लेंगी और उनकी उम्र 18 वर्ष हो जाएगी। इसके अलावा, यदि वे अपनी ग्रेजुएशन या डिप्लोमा पूरा कर लेती हैं, तो 21 वर्ष की आयु होने पर वे इस पूरी मैच्योरिटी राशि को प्राप्त करने की पात्र होंगी।
कौन ले सकता है ‘लखपति बिटिया योजना’ का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए दिल्ली सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं, ताकि सही लाभार्थियों तक मदद पहुँच सके:
- दिल्ली का निवासी: बालिका का जन्म दिल्ली में होना चाहिए और उसका परिवार पिछले 3 साल से दिल्ली में रह रहा हो।
- आय सीमा: परिवार की सालाना आय 1.20 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- बेटियों की संख्या: एक परिवार की अधिकतम दो बेटियाँ ही इस योजना की पात्र हो सकती हैं।
- पंजीकरण का समय: आप बेटी के जन्म के 1 साल के अंदर या फिर स्कूल/कॉलेज में दाखिले (कक्षा 1, 6, 9, 11 या ग्रेजुएशन) के समय आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण शर्तें
- शिक्षा और स्वास्थ्य: बेटी का पूरा टीकाकरण (Vaccination) होना चाहिए और उसकी पढ़ाई सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से होनी जरूरी है।
- शादी की उम्र: यदि बेटी की शादी 18 साल से पहले कर दी जाती है, तो योजना का लाभ तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
- समय पर क्लेम: मैच्योरिटी पूरी होने पर तय समय के भीतर पैसा निकालना होगा, अन्यथा यह राशि वापस सरकार के पास चली जाएगी।
1 अप्रैल से पूरी तरह डिजिटल होगी योजना
दिल्ली की ‘लखपति बिटिया योजना’ आने वाली 1 अप्रैल से पूरे राज्य में लागू हो जाएगी। सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है, यानी अब आवेदन से लेकर पैसे मिलने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और आपको किसी भी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने इस शानदार पहल के लिए 160 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
लंबित भुगतान और पुरानी योजना का अपडेट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी है कि पिछली ‘लाडली योजना’ के तहत लगभग 1.86 लाख खाते ऐसे थे जिनका पैसा मैच्योर होने के बाद भी लाभार्थियों ने क्लेम नहीं किया था। सरकार अब सक्रिय रूप से इन परिवारों को ढूँढकर उनका बकाया पैसा लौटा रही है। अब तक 30,000 लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं और जल्द ही 100 करोड़ रुपये की अगली किश्त जारी की जाएगी।









