
HDFC Bank अपने प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स Regalia Gold और Diners Privilege में आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने वाला है, जिससे ग्राहकों की फायदे‑संरचना, रिवॉर्ड और ट्रैवल सुविधाओं पर सीधा असर पड़ेगा। ये नए नियम 15 मई और 1 जुलाई 2026 से क्रमशः लागू होने जा रहे हैं, जिसके बाद कई मौजूदा बेनिफिट सीमित हो जाएंगे, जबकि कुछ नए ट्रैवल‑केंद्रित सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
सबसे बड़ा बदलाव Regalia Gold कार्ड के बेस रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर में 15 मई 2026 से होगा। अब ग्राहकों को हर 200 रुपये के खर्च पर 5 रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे, जबकि पहले हर 150 रुपये पर 4 पॉइंट्स मिलते थे। इसका मतलब यह है कि प्रति रुपये पर मिलने वाले रिवॉर्ड कम हो गए हैं, जिससे रोजमर्रा के छोटे‑छोटे खर्च पर ग्राहक को पहले जैसी तेज़ रफ्तार से पॉइंट्स नहीं जुड़ेंगे। हालांकि, बैंक ने कुछ खास कैटेगरी जैसे ट्रैवल, होटल, स्वाइप‑पर‑बिल आदि पर मिलने वाले अतिरिक्त रिवॉर्ड को पहले जैसा ही रखा है, जिससे नियमित बड़े खर्चदारों को फायदा बना रहेगा।
इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर बढ़ेगी DCC फीस
उसी तारीख से इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर लगने वाली Dynamic Currency Conversion (DCC) फीस भी बढ़कर 1.75 प्रतिशत कर दी जा रही है। यह शुल्क उन ट्रांजैक्शन पर लगेगा जो विदेश में या विदेशी मर्चेंट के साथ होते समय सीधे भारतीय रुपये में मर्चेंट‑साइड पर कन्वर्ट किए जाते हैं। यानी अब ओवरसीज टूर‑पैकेज, इंटरनेशनल वेबसाइट या विदेश में फिजिकल पेमेंट करते समय अगर मर्चेंट भारतीय रुपये में बिल दे तो बैंक की ओर से अतिरिक्त 1.75% चार्ज लगेगा, जिससे विदेश यात्रियों की खर्च‑बजट पर असर पड़ेगा।
कार्ड‑सुरक्षा से जुड़े नियम भी सख्त हो रहे हैं। कार्ड खोने, चोरी होने या डैमेज होने पर उसे दोबारा जारी करने के लिए 199 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा, जो पहले कई ऑफर‑पीरियड में फ्री या छूट वाला था। इससे ग्राहकों को और सावधानी से अपना कार्ड मैनेज करना होगा, विशेषकर ट्रैवल वाले दिनों में।
1 जुलाई से बदलेगी फ्री लाउंज सुविधा की शर्त
1 जुलाई 2026 से Regalia Gold और Diners Privilege कार्ड पर मिली आने वाली फ्री डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस सुविधा भी नियम‑बंधन के तहत आ जाएगी। अब ग्राहकों को यह सुविधा बिना किसी टर्नओवर शर्त के नहीं मिलेगी। Regalia Gold यूजर्स को हर तिमाही में 3 डोमेस्टिक लाउंज विजिट के लिए पिछले क्वार्टर में कम से कम 60,000 रुपये का खर्चा कार्ड से करना होगा। यह एक्सेस सीधे कार्ड स्वाइप से मिलेगी और वाउचर की जरूरत नहीं होगी, जिससे ट्रैवलरों को जमा और रिडीम की प्रक्रिया आसान होगी, लेकिन नियमित खर्च की शर्त बनाम फ्री एक्सेस ग्राहकों के लिए दबाव बना सकती है।
इंटरनेशनल लाउंज एक्सेस में Regalia Gold कार्ड पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ग्राहकों को Priority Pass के जरिए अभी की तरह साल में 6 इंटरनेशनल लाउंज विजिट बिना किसी खर्च‑शर्त के मिलती रहेंगी, जो बड़े अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए राहत की बात है। Diners Privilege कार्ड यूजर्स के लिए भी 60,000 रुपये की तिमाही खर्च‑शर्त लागू होगी, जो पूरी करने पर उन्हें 3 वाउचर मिलेंगे- दो डोमेस्टिक और एक इंटरनेशनल लाउंज के लिए। ये वाउचर SmartBuy प्लेटफॉर्म पर जनरेट किए जाएंगे और QR कोड के रूप में स्कैन कर प्रयोग किए जाएंगे। अगर शर्त पूरी नहीं होती, तो लाउंज वाउचर नहीं मिलेंगे, जिससे यात्री योजनाबद्ध रूप से कार्ड यूज करने पर मजबूर होंगे।
नया Travel Edge Program
इसी के साथ HDFC ने Regalia Gold कार्ड के लिए Travel Edge Program भी शुरू किया है, जो नियमित यात्रियों को अतिरिक्त फायदे देगा। इसके तहत ग्राहक हर तिमाही में बोर्डिंग पास अपलोड करके 2 फायदे चुन सकते हैं- जैसे स्पा सेशन, होटल में बुफे मील, एयरपोर्ट ट्रांसफर के लिए Uber के जरिए 750 रुपये तक का रिडेक्शन या चुनिंदा होटलों में रूम अपग्रेड। ये सुविधाएं केवल उसी शहर में मिलेंगी, जहां बोर्डिंग पास में गंतव्य दर्ज है, और वाउचर‑वेरिफिकेशन के बाद ही एक्टिवेट होंगी।
इससे कार्डहोल्डर न केवल ट्रैवल खर्च बचा सकेंगे, बल्कि यात्रा‑अनुभव को भी प्रीमियम बना सकेंगे, लेकिन साथ ही उन्हें अपना मासिक और तिमाही खर्च भी बैंक की शर्तों के अनुरूप रखना पड़ेगा।
ग्राहकों की योजना बनाने की जरूरत
इन सभी बदलावों से साफ है कि HDFC बैंक प्रीमियम कार्ड यूजर्स पर अधिक आधारित इनकम और खर्च के डेटा के आधार पर फायदे देने की दिशा में बढ़ रहा है। दूसरी ओर, ग्राहकों को अब रिवॉर्ड और लाउंज जैसी सुविधाओं के लिए अपने खर्च को विशेष कैटेगरी और नियमित यूज में बैंक के फ्रेमवर्क में फिट करना होगा, जिससे न केवल लाभ घटेगा, बल्कि यात्रा और खर्च‑प्लानिंग की सोच भी बदलनी पड़ेगी।









