
तांबे (कॉपर) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने इलेक्ट्रॉनिक बाजार का बजट बिगाड़ दिया है, जिससे अब एसी, फ्रिज और अन्य बिजली के उपकरणों के दाम बढ़ने लगे हैं। कॉपर महंगा होने के कारण कंपनियां हर हफ्ते अपनी कीमतों में बदलाव कर रही हैं, और अनुमान है कि आने वाले दिनों में इन सामानों के दाम 10 प्रतिशत तक और बढ़ सकते हैं। ऐसे में महंगाई का यह दबाव आम जनता को मिलने वाले जीएसटी सुधारों के लाभ को भी कम कर रहा है, जिससे घर की जरूरत का सामान खरीदना अब और महंगा साबित होगा।
तांबे की कीमतों ने बिगाड़ा बजट, अब फिर महंगे होंगे एसी और फ्रिज
सरकारों द्वारा जीएसटी (GST) में सुधार के बाद एसी और फ्रिज जैसे जरूरी सामानों की कीमतों में जो गिरावट आई थी, अब वह तांबे (कॉपर) की बढ़ती कीमतों के कारण खत्म होती दिख रही है। दिल्ली के कमला नगर मार्केट जैसे बड़े बाजारों के कारोबारियों का मानना है कि पिछले साल मिली टैक्स राहत का फायदा अब महंगाई की भेंट चढ़ जाएगा। तांबा महंगा होने से पंखे और एसी जैसे हर घर की जरूरत वाले आइटम्स की लागत बढ़ गई है, जिससे ग्राहकों को मिलने वाली राहत अब मुश्किल में पड़ती नजर आ रही है।
अगले महीने से 10% और महंगे हो जाएंगे एसी-फ्रिज, जानें कीमतों में उछाल की वजह
तांबे की कीमतों में आया अचानक उछाल अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है। बीते मात्र दो महीनों में कॉपर के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिससे 1000 रुपये प्रति किलो बिकने वाला तांबा अब 1400 रुपये के पार पहुँच गया है। इस भारी बढ़ोतरी के कारण जनवरी से ही एसी, फ्रिज और पंखा बनाने वाली कंपनियों ने अपनी कीमतों में इजाफा शुरू कर दिया है। जानकारों का मानना है कि अगले महीने से इन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दाम 10 प्रतिशत तक और बढ़ सकते हैं, जिससे गर्मियों की तैयारी कर रहे खरीदारों को बड़ा झटका लगेगा।
गर्मी से पहले महंगाई का करंट
तांबे की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने अब छोटे और बड़े दोनों व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबारियों का कहना है कि कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाने की वजह से नया स्टॉक खरीदना अब बहुत महंगा हो गया है, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले ही यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार एसी और फ्रिज जैसे उत्पादों के लिए लोगों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त कीमत चुकानी होगी। कॉपर के रेट में अस्थिरता के कारण बाजार में भविष्य की कीमतों को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है।









