
देश की सीमाओं पर तैनात जांबाजों की तादाद बढ़ाने और आंतरिक सुरक्षा को अटल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में करीब 55,000 नए जवानों की भर्ती का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। गृह मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में कुल 53 नई बटालियनों के गठन की मांग की गई है, जिसकी मंजूरी मिलते ही देशभर के युवाओं को सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर मिलेगा।
यह प्रस्ताव हाल ही में राज्यसभा में पेश की गई 257वीं रिपोर्ट का हिस्सा है, जिसे गृह स्थायी समिति के अध्यक्ष डॉ. राधा मोहन दास ने सदन के पटल पर रखा। रिपोर्ट के अनुसार, CAPF ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह मंत्रालय इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है और जल्द स्वीकृति मिलने की संभावना है। मंजूरी के बाद न केवल नई बटालियाँ गठित होंगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से शुरू हो जाएगी, जो बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित होगी।
बल-वार भर्ती का ब्रेकअप
सबसे बड़ी खबर CRPF के लिए है। प्रस्ताव में CRPF के लिए 20 नई बटालियनों के गठन का प्रावधान है, जिससे लगभग 22,000 जवानों की भर्ती होगी। यह कुल 55,000 भर्तियों में से 40 प्रतिशत से अधिक है। CRPF को आंतरिक सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी और नक्सल-आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए अतिरिक्त बल की सख्त जरूरत बताई गई है। इसके अलावा, BSF में 12 नई बटालियाँ और 2 अतिरिक्त सेक्टर बनाए जाएँगे, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर तैनाती के लिए तैयार होंगे।
SSB को भी मजबूत करने का प्लान है, जहाँ 12 नई बटालियाँ और 1 नया सेक्टर गठित होगा। नेपाल-भूटान सीमाओं की निगरानी के लिए यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। असम राइफल्स में 5 नई बटालियाँ बनेंगी, जबकि ITBP और अन्य CAPF इकाइयों में शेष बटालियाँ सृजित होंगी। कुल 33,000 भर्तियाँ इन बाकी बलों में होंगी, जो ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों से लेकर पूर्वोत्तर तक की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
देश सेवा का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए यह भर्ती ड्राइव सरकारी नौकरी का सबसे बड़ा अवसर है। शारीरिक फिटनेस, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन, पेंशन और प्रमोशन के लाभ मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना चुनौती होगी, क्योंकि CAPF भर्तियाँ अक्सर विवादों में घिरी रहती हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में CAPF का विस्तार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम है। युवा अब तैयारी शुरू कर दें—देश सेवा का कॉल आ गया है!









