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सावधान! क्या बैंक आपकी इजाजत के बिना काट सकता है खाते से पैसे? जानें अपने अधिकार और RBI का नियम

बैंक आपकी इज़ाज़त के बिना भी कुछ स्थितियों में खाते से पैसे काट सकता है, जैसे लोन या EMI बकाया होने पर ‘राइट ऑफ सेट‑ऑफ’ के तहत, टैक्स या कोर्ट ऑर्डर के मामले में या बैंक फीस और चार्ज वसूली के लिए। अनजान या गलत कटौती पर तुरंत स्टेटमेंट चेक करके बैंक से शिकायत करें।

By Pinki Negi

सावधान! क्या बैंक आपकी इजाजत के बिना काट सकता है खाते से पैसे? जानें अपने अधिकार और RBI का नियम

ज्यादातर लोगों को लगता है कि बैंक खाते में रखा पैसा उनकी सीधी अनुमति के बिना कोई नहीं छू सकता। आमतौर पर यह बात सही भी है, क्योंकि बैंक बिना किसी ठोस कारण या कानूनी ज़रूरत के मनमाने ढंग से आपके खाते से रुपये नहीं काट पाता। लेकिन कुछ खास परिस्थितियों और बैंकिंग नियमों के तहत बैंक को ऐसा करने का विशेष अधिकार दिया गया है। इन नियमों को समझना आज के समय में हर जागरूक खाताधारक के लिए ज़रूरी है, क्योंकि गलतफहमी की वजह से गलत समय पर खाते से बड़ी रकम घट सकती है और परेशानी और समय दोनों बर्बाद हो सकते हैं।

1. ऑटो‑डेबिट, EMI और स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन

आपके खाते से होने वाली ज़्यादातर कटौतियां ऐसी होती हैं, जिनके लिए आपने पहले ही लिखित या ऑनलाइन तरीके से “सहमति” दे दी होती है। जब आप किसी लोन की EMI, बीमा प्रीमियम, SIP या नेटफ्लिक्स, अमेज़न जैसे सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटो‑डेबिट ऑप्शन सेट करते हैं, तो बैंक या पेमेंट गेटवे हर महीने तय तारीख पर आपके खाते से स्वचालित रूप से पैसा काट लेता है।

इसी तरह स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन (Standing Instruction) सेट करके आप बैंक को निर्देश दे देते हैं कि हर महीने या हर 3 महीने में एक निश्चित राशि अन्य खाते या भुगतान व्यवस्था में ट्रांसफर हो। इन जानबूझकर दी गई अनुमतियों के तहत बैंक को दोबारा पूछे बिना हर बार राशि काटने का अधिकार होता है।

2. सर्विस चार्ज, फीस और छिपे हुए शुल्क

बैंक हर खाताधारक के साथ खाता खोलते समय कई शर्तें जोड़ता है, जिनमें विभिन्न प्रकार के चार्ज और फीस छुपे होते हैं। अगर आपके खाते में न्यूनतम बैलेंस की शर्त नहीं पूरी होती, तो बैंक उसका जुर्माना हर महीने ऑटोमैटिक काट लेता है। इसके अलावा SMS अलर्ट, एटीएम ट्रांजैक्शन फीस, वर्ष में एक बार डेबिट कार्ड फीस और अन्य छोटे‑छोटे चार्ज भी बैंक खाते से सीधे डेडक्ट कर देता है। अक्सर ये शुल्क पालिसी डॉक्यूमेंट के छोटे फॉन्ट में छिपे होते हैं, जिस कारण जानकारी के बिना खाते से धीरे‑धीरे पैसा घटता जाता है। इसलिए खाता खोलते या रिन्यू करते समय शुल्क वाला खंड ध्यान से पढ़ना ज़रूरी है।

3. लोन रिकवरी और ‘राइट ऑफ सेट‑ऑफ’

बैंकिंग के उन नियमों में से एक, जो ज़्यादातर ग्राहकों को चौका देता है, वह है “राइट ऑफ सेट‑ऑफ (Right of Set‑off)” अगर आपने बैंक से होम लोन, कार लोन या किसी अन्य प्रकार का लोन लिया है और उसकी EMI या बकाया समय पर नहीं चुका रहे हैं, तो बैंक के पास अधिकार होता है कि वह आपके उसी बैंक के दूसरे खाते (जैसे सेविंग अकाउंट या करंट अकाउंट) से पैसा काटकर अपना बकाया पूरा कर ले।

यानी बैंक एक ही खाताधारक के दो अलग‑अलग खातों को आपस में जोड़कर रिकवरी कर सकता है। इसके अलावा, अगर आप पर आयकर विभाग का नोटिस आता है या कोर्ट से कोई आदेश आता है, तो बैंक कानून के तहत बाध्य होगा कि खाते से निर्धारित राशि काटकर उसे संबंधित विभाग या न्यायालय को भेजे।

4. गलत या गैर‑कानूनी कटौती कब होती है?

हर कटौती सही नहीं होती। कई बार मानवीय गलती, सॉफ्टवेयर गड़बड़ी या साइबर फ्रॉड के कारण खाते से अनजान राशि कट जाती है। जैसे किसी एक ही ट्रांजैक्शन के लिए दो बार चार्ज कर देना, या कोई ऐसी निकासी जिसके लिए आपने कभी ऑथराइजेशन नहीं दिया। ऐसी स्थिति में अगर आप तुरंत ध्यान न दें, तो नुकसान बढ़ सकता है और रिकवरी की प्रक्रिया भी लंबी हो सकती है।

5. अगर खाते से अनजान पैसे कटें, तो क्या करें?

अगर आपको लगे कि खाते से अनजान या गलत तरीके से पैसे कट गए हैं, तो सबसे पहले पैनिक न करें, बल्कि ठंढे दिमाग से कदम उठाएं। सबसे पहले नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करें और देखें कि पैसा किस नाम, किस रेफरेंस या नोट से कटा है। अगर समझ न आए या शक हो, तो तुरंत बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें या नज़दीकी ब्रांच जाकर लिखित शिकायत दर्ज करें, जिसकी रसीद ज़रूर लें। इसके साथ अपने फोन पर SMS और ईमेल अलर्ट लगातार ऑन रखें, ताकि हर छोटी से छोटी ट्रांज़ैक्शन की हल्की सी भी जानकारी आपको तुरंत मिल जाए और आप समय पर गलत निकासी को रोक सकें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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