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महज ₹10,000 लगाकर शुरू किया यह काम, 3 महीने में कमा डाले ₹3 लाख! नौकरी छोड़ अब लाखों में हो रही कमाई

जयपुर की 25 वर्षीय स्वाति पटेल ने कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर सिर्फ 10,000 रुपये से 'ग्रीन फॉरेस्ट' सलाद स्टार्टअप शुरू किया। किफायती, ताजा विदेशी फलों वाले सलाद बेचे। 3 महीनों में 3 लाख रेवेन्यू! स्विगी छोड़ व्हाट्सएप पर फोकस किया। कम पूंजी, स्मार्ट मार्केटिंग से छोटे आइडिया ने रचा इतिहास। प्रेरणा के लिए पढ़ें!

By Pinki Negi

महज ₹10,000 लगाकर शुरू किया यह काम, 3 महीने में कमा डाले ₹3 लाख! नौकरी छोड़ अब लाखों में हो रही कमाई

जिंदगी में कभी-कभी एक फैसला सब कुछ बदल देता है। जयपुर की 25 साल की स्वाति पटेल ने ऐसा ही किया। अमेजन और रिवोल्यूट जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने के बाद उन्होंने सुरक्षित नौकरी को ठोकर मार दी। अगस्त 2025 में सिर्फ 10,000 रुपये की जेबभर से ‘ग्रीन फॉरेस्ट’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया। उनका आइडिया था किफायती, ताजा और विदेशी फलों वाले सलाद हर किसी को उपलब्ध कराना।

महज तीन महीनों में उन्होंने 3 लाख रुपये का रेवेन्यू कमा लिया। यह कहानी बताती है कि साहस और स्मार्ट प्लानिंग से छोटे सपने भी बड़े बन सकते हैं।

मध्य प्रदेश से जयपुर तक का सफर

स्वाति मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं। वहाँ से बीकॉम पूरा किया, फिर बेंगलुरु की जैन यूनिवर्सिटी से एमबीए। पिछले पाँच साल से जयपुर में बस गईं। शुरू में टेक्निकल सपोर्ट जॉब्स कीं, लेकिन मन हमेशा कुछ अपना करने को बेचैन था।

पहले आर्ट और हैंडक्राफ्टेड डेनिम ट्राई किया, लेकिन वो बड़े स्केल पर नहीं चला। फिर खान-पान के शौक ने रास्ता दिखाया। स्वाति को घर पर हेल्दी सलाद बनाना पसंद था। दोस्तों ने उनकी स्पेशल ड्रेसिंग्स की तारीफ की, तो सोचा क्यों न इसे बिजनेस बना लें?

सिर्फ 10,000 रुपये से निकली शुरुआत

पूंजी कम थी, लेकिन हौसला पूरा। 3,000 रुपये सब्जियों पर, 6,000 रुपये कच्चे माल और बाकी पैकेजिंग पर खर्च किए। जयपुर के जीटी सेंट्रल मार्केट में पहला दिन मुफ्त सैंपल बाँटे। एक कॉर्पोरेट ऑफिस के बाहर तीन घंटे रिजेक्शन झेले। लेकिन अगले दिन ‘पत्रिका गेट’ पर स्टॉल लगाया। सुबह की वॉक करने वाले लोगों ने 5 मिनट में सारे सलाद खरीद लिए। उस दिन से लगा कि आइडिया काम करेगा। स्वाति ने कभी हार नहीं मानी, बस सीखती गईं।

स्मार्ट मार्केटिंग से बनी ब्रांड

स्विगी-जोमैटो पर लिस्ट हुईं, लेकिन उनका कमीशन देखा तो पीछे हट गईं। सोचा, ग्राहकों को सस्ता रखना है। अब व्हाट्सएप ग्रुप्स और ऑफलाइन स्टॉल्स पर फोकस। डिलीवरी के लिए उबर और पोर्टर इस्तेमाल करती हैं। उनकी खासियत — मेयोनेज़ या लहसुन-प्याज़ के बिना घरेलू ड्रेसिंग्स, जैसे चुकंदर, पनीर चीज और चने वाली।

तीन महीनों में 3 लाख का टर्नओवर

सितंबर में 10 ऑर्डर प्रतिदिन से शुरूआत। नवंबर तक 120 ऑर्डर प्रतिदिन। कुल 5,000+ ऑर्डर पूरे, रेवेन्यू 3 लाख से ज्यादा। सलाद की कीमत 50 से 249 रुपये तक एवोकैडो, ड्रैगन फ्रूट जैसे महँगे फल भी शामिल। बहन की मदद से चल रहा यह बिजनेस अब जयपुर में मजबूत व्हाट्सएप कम्युनिटी बना चुका है। स्वाति कहती हैं, “स्वास्थ्य अच्छा भोजन हर किसी को मिलना चाहिए, चाहे जेब छोटी हो।”

भविष्य में क्या प्लान हैं

स्वाति का सपना बड़ा है। जयपुर से आगे बढ़कर दूसरे शहरों में विस्तार करना चाहती हैं। अभी फोकस लोकल सप्लाई चेन पर है, ताकि सलाद हमेशा ताज़ा रहें। उनकी सफलता छोटे उद्यमियों के लिए मिसाल है कम पूंजी, सही आइडिया और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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