
सोलर एनर्जी का जमाना जोरों पर है और इसी रेस में Waaree Energies नाम की कंपनी ने बाजार में अपनी धाक बिठा ली है। हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग डे यानी शुक्रवार को इसके शेयर 2,548 रुपये पर बंद हुए। लगातार ऑर्डर मिलने से इन्वेस्टर्स की नजरें टिकी हैं। कंपनी का मार्केट कैप 73,230 करोड़ रुपये का हो चुका है, जो बताता है कि सोलर सेक्टर में कितना दम है। PE रेशियो 27 पर चल रहा है, जबकि इंडस्ट्री एवरेज 29 का है – मतलब वैल्यूएशन अभी भी अट्रैक्टिव लग रही है। अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर हैं, तो ये स्टॉक वाकई सोचने लायक है।
नया ऑर्डर मिला, ऑर्डर बुक और मोटी!
सबसे ताजा खबर ये है कि 8 जनवरी 2026 को Waaree Energies को 105 MW सोलर मॉड्यूल्स की डिलीवरी का फ्रेश ऑर्डर मिला। ये FY26 में पूरा होगा, यानी आने वाले महीनों में कंपनी की ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा। इससे भारत के यूटिलिटी-स्केल सोलर प्रोजेक्ट्स में Waaree की पकड़ और मजबूत हो जाएगी। अच्छी बात ये कि ऑर्डर में कोई रिलेटेड पार्टी या प्रमोटर का हाथ नहीं है – पूरी तरह क्लीन डील।
कंपनी ने क्लाइंट का नाम तो नहीं बताया, लेकिन इतना साफ है कि डिमांड पाइपलाइन में कोई कमी नहीं। कुल मिलाकर, ऑर्डर बुक अब करीब 47,000 करोड़ रुपये की हो गई है। सोचिए, इतना बैक मतलब स्टेबल रेवेन्यू की गारंटी!
Q2 रिजल्ट्स ने लगाई चौंका देने वाली छलांग
मुंबई की ये कंपनी सिर्फ सोलर पैनल्स नहीं बनाती, बल्कि EPC सर्विसेज, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, रूफटॉप सिस्टम्स और इनोवेटिव सोलर सॉल्यूशंस भी ऑफर करती है। FY26 की दूसरी तिमाही (30 सितंबर 2025 तक) में कमाल हो गया! कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के 361.65 करोड़ से 32.97% चढ़कर 842.55 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू तो और धमाकेदार – 69.69% की YoY ग्रोथ के साथ 6,065.64 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
ये आंकड़े बताते हैं कि Waaree न सिर्फ बिक्री बढ़ा रही है, बल्कि प्रॉफिट मार्जिन भी सुधार रही है। सोलर बूम का फायदा उठाते हुए कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग को स्केल-अप किया है।
24 GW कैपेसिटी के साथ ग्लोबल प्लेयर बनी Waaree
कंपनी की कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 24 GW की है, जो सोलर PV मॉड्यूल्स के मामले में भारत की टॉप रैंकिंग देती है। देश-विदेश में कई प्लांट्स चल रहे हैं, जो एक्सपोर्ट और लोकल डिमांड दोनों को हैंडल कर रहे। गवर्नमेंट की सोलर पुश – जैसे PM Surya Ghar योजना – से Waaree को डायरेक्ट फायदा हो रहा है। फ्यूचर में ALMM लिस्टेड मॉड्यूल्स की डिमांड बढ़ेगी, और Waaree तैयार है। चैलेंजेस जैसे रॉ मटेरियल कॉस्ट या ग्लोबल कॉम्पिटिशन हैं, लेकिन स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक इन्हें बैलेंस कर रही है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या मतलब?
Waaree Energies का सफर इंस्पायरिंग है – छोटी शुरुआत से ग्लोबल लेवल तक। अगर सोलर सेक्टर की ग्रोथ 20-25% सालाना रही, तो शेयर में और उछाल आ सकता है। लेकिन रिस्क भी हैं, जैसे पॉलिसी चेंजेस या इंपोर्ट ड्यूटीज। एक्सपर्ट्स कहते हैं, लॉन्ग टर्म होल्डर्स के लिए ये गोल्डन ऑपर्चुनिटी। आप क्या सोचते हैं? Waaree में पैसा लगाएंगे या वेट एंड वॉच? कमेंट्स में बताएं!









