
विंड एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाली बड़ी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में पिछले कुछ समय से गिरावट देखने को मिल रही है। बीते एक साल में इसके स्टॉक करीब 19 प्रतिशत तक गिर चुके हैं, वहीं पिछले छह महीनों में इसमें लगभग 22 प्रतिशत की कमी आई है। वर्तमान में यह शेयर अपने सबसे ऊंचे स्तर (₹74.30) से करीब 30 प्रतिशत नीचे आ गया है, जिससे निवेशकों के लिए यह एक उतार-चढ़ाव वाला समय बना हुआ है।
सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में तकनीकी कमजोरी बरकरार
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में फिलहाल शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों ही स्तरों पर मंदी देखी जा रही है। यह शेयर अपने सभी महत्वपूर्ण ‘मूविंग एवरेज’ (5 दिन से लेकर 200 दिन तक) के स्तर से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो स्टॉक में कमजोरी का साफ संकेत है। हालिया कारोबार में भी इसमें 0.49 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई और यह ₹52.49 के भाव पर बंद हुआ।
मजबूत ऑर्डर बुक से भविष्य की उम्मीदें
भले ही सुजलॉन एनर्जी के शेयरों की कीमत में अभी गिरावट दिख रही हो, लेकिन कंपनी की आर्थिक स्थिति और बुनियाद (फंडामेंटल्स) काफी ठोस नजर आ रहे हैं। कंपनी के पास ऑर्डर्स की कोई कमी नहीं है; दिसंबर 2025 तक इसकी ऑर्डर बुक बढ़कर 6.2 गीगावॉट तक पहुँच गई है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले बेहतर है। ऑर्डर्स की यह बढ़त दर्शाती है कि आने वाले समय में कंपनी का कारोबार और प्रदर्शन मजबूत बना रह सकता है।
निवेश के लिए अहम स्तर और एक्सपर्ट की राय
मार्केट एक्सपर्ट जिगर एस पटेल (आनंद राठी) के अनुसार, सुजलॉन के शेयर के लिए ₹51 का स्तर एक मजबूत सहारा (सपोर्ट) है, जहाँ से कीमतों को फिर से बढ़त मिल सकती है। दूसरी ओर, ₹54 पर कड़ी रुकावट (रेजिस्टेंस) देखी जा रही है। यदि शेयर ₹54 की बाधा को पार कर लेता है, तो यह ₹56 तक जा सकता है। फिलहाल, कम समय के लिए यह स्टॉक ₹51 से ₹56 के बीच उतार-चढ़ाव दिखा सकता है।
गिरावट के बाद ठहराव के दौर में स्टॉक
बोनान्ज़ा पोर्टफोलियो के एक्सपर्ट ड्रमिल विथलानी के अनुसार, सुजलॉन के शेयरों में भारी गिरावट के बाद अब स्थिरता (कंसोलिडेशन) देखी जा रही है। तकनीकी रूप से देखें तो यह शेयर अपने 20, 50 और 100 दिनों के औसत मूल्य (EMA) से नीचे चल रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि कम समय के लिए स्टॉक की रफ्तार अभी भी सुस्त बनी रह सकती है।
सुजलॉन के लिए खरीदारी की रणनीति
बाजार जानकारों के अनुसार, सुजलॉन के शेयर के लिए ₹50-51 का स्तर एक मजबूत आधार (बेस) बन रहा है। जब तक शेयर ₹55 के पार नहीं निकलता, तब तक इसके ₹50 से ₹55 के बीच ही रहने के आसार हैं। ट्रेडर्स के लिए सलाह है कि जब भी शेयर ₹50 के करीब आए, तो वे खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन जोखिम से बचने के लिए ₹48 पर कड़ा ‘स्टॉप लॉस’ लगाना जरूरी है। अगर यह ₹55 के ऊपर टिक जाता है, तो इसकी कीमत ₹60 तक जा सकती है।
बिकवाली का दबाव और नए सपोर्ट लेवल
चॉइस ब्रोकिंग के एक्सपर्ट हितेश टेलर के मुताबिक, सुजलॉन के शेयरों पर लगातार बेचने वालों का दबाव बना हुआ है। शेयर अपने ₹52.75 के मजबूत स्तर को बरकरार नहीं रख पाया और नीचे गिर गया। अब नजरें ₹51.32 के स्तर पर हैं; अगर शेयर इससे भी नीचे जाता है, तो यह ₹49.70 तक लुढ़क सकता है। वहीं, ऊपर की ओर बढ़ने के लिए इसे ₹53.36 से ₹54.47 की रुकावटों को पार करना होगा। फिलहाल ₹51.32 के पास से थोड़ी रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है।
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स ने सुजलॉन पर जताया भरोसा
सुजलॉन एनर्जी के भविष्य को लेकर कई बड़े ब्रोकरेज हाउस काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं। Anand Rathi, ICICI Securities, Motilal Oswal और JM Financial जैसी संस्थाओं ने इस शेयर को खरीदने (Buy) की सलाह दी है, और आने वाले समय के लिए ₹70 से लेकर ₹82 तक के ऊंचे टारगेट दिए हैं। दूसरी ओर, Nuvama ने इसे ‘होल्ड’ (बनाए रखने) की कैटेगरी में रखा है और ₹60 का लक्ष्य तय किया है।
ब्रोकरेज हाउस और उनके टारगेट प्राइस
| ब्रोकरेज हाउस | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
| Anand Rathi | Buy | ₹82 |
| ICICI Securities | Buy | ₹76 |
| Motilal Oswal | Buy | ₹74 |
| JM Financial | Buy | ₹70 |
| Nuvama | Hold | ₹60 |
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी
सुजलॉन एनर्जी अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम है, जिसकी विंड टरबाइन बनाने में विशेष महारत है। हवा से बिजली बनाने के साथ-साथ यह कंपनी सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में भी पूरी सुविधाएँ देती है। इसमें जमीन की तलाश और उसका विकास करने से लेकर, सोलर प्लांट लगाने और भविष्य में उसकी देख-रेख (Asset Management) करने तक के सभी काम शामिल हैं। सीधे शब्दों में कहें तो सुजलॉन हरित ऊर्जा से जुड़ी तमाम जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद समाधान देती है।









