
विंड एनर्जी की दिग्गज सुजलॉन एनर्जी ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के दमदार नतीजे घोषित किए, फिर भी शेयरों में 5% की गिरावट देखी गई। कंपनी का नेट प्रॉफिट 14.83% बढ़कर ₹445.2 करोड़, रेवेन्यू 42.4% उछलकर ₹4,228 करोड़ और EBITDA 48% ग्रोथ के साथ ₹730.5 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 17.5% पर पहुंचा। 9M FY26 में नेट प्रॉफिट 130% YoY बढ़कर ₹2,049 करोड़ हो गया।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
सुजलॉन ने Q3 में 617 MW की रिकॉर्ड डिलिवरी की, जो पिछले साल 447 MW थी। ऑर्डर बुक 6.4 GW के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जिसमें 2.4 GW अंडर एक्जीक्यूशन है। नेट कैश पोजीशन ₹1,556 करोड़ मजबूत बनी। S144 टर्बाइन की डिलिवरी तेज, मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 4.5 GW तक बढ़ी। 9M रेवेन्यू 58% ग्रोथ के साथ ₹11,211 करोड़ रहा। यह प्रदर्शन भारत के रिन्यूएबल टारगेट्स के अनुरूप है।
शेयर गिरावट के प्रमुख कारण
नतीजों के बाद शेयर ₹47 के आसपास ट्रेड कर रहा, जो प्रॉफिट बुकिंग का संकेत है। DII हिस्सेदारी घटना: घरेलू संस्थागत निवेशकों ने स्टेक 13% से घटाकर 12% किया। FII ने खरीदी, लेकिन DII बिकवाली ने दबाव बनाया। हाई वैल्यूएशन: P/B रेशियो 8.61x पर, सेक्टर में सबसे ऊंचा। पिछले 1 साल में शेयरों ने रैली की, लेकिन Q3 से पहले पीक से 11% गिरावट। मार्केट चिंताएं: US टैरिफ, चीन से डंपिंग और कॉम्पिटिशन (Inox Wind, Tata Power) ने सेंटिमेंट खराब किया। कोई डिविडेंड घोषणा न होने से रिटेल निवेशक निराश।
निवेशकों की प्रमुख चिंताएं
कंपनी डेट-फ्री है, लेकिन एक्जीक्यूशन रिस्क बरकरार। C&I और PSU ऑर्डर ग्रोथ अच्छी, पर Q4 में डिलिवरी डिले की आशंका। रिन्यूएबल सेक्टर में ओवरहाइप के बाद कंसॉलिडेशन। लॉन्ग टर्म पॉजिटिव: भारत का 500 GW रिन्यूएबल लक्ष्य सुजलॉन को फायदा पहुंचाएगा। ब्रोकरेज फर्म्स Q4 में PAT 91% ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म वोलेटाइल। विशेषज्ञ सलाह: 45-50 के सपोर्ट पर खरीदें।
भविष्य की संभावनाएं
FY26 में सुजलॉन का प्रदर्शन शानदार रहा, ऑर्डर बुक से विजिबिलिटी मजबूत। बुलेट ट्रेन जैसे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में रिन्यूएबल डिमांड बढ़ेगी। निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए; DII बिकवाली अस्थायी हो सकती है। सरकार की ग्रीन एनर्जी पुश से स्टॉक रिकवर कर सकता है। बिहार जैसे राज्यों में विंड प्रोजेक्ट्स से लोकल बूस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर, मजबूत फंडामेंटल्स पर प्रॉफिट टेकिंग का दौर है।









