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₹74 की ओर बढ़ रहा है यह एनर्जी शेयर! सुस्त भाव देखकर घबराएं नहीं, एक्सपर्ट्स ने दिया बड़ा टारगेट; पोर्टफोलियो में शामिल करने का सही समय?

सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में गिरावट से क्या आप भी परेशान हैं? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुस्ती केवल अस्थायी है और असली तेजी अभी बाकी है। जानें क्यों एक्सपर्ट्स ने ₹74 का बड़ा लक्ष्य दिया है और कैसे भविष्य की विंड डिमांड इस स्टॉक को मल्टीबैगर बना सकती है। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें!

By Pinki Negi

₹74 की ओर बढ़ रहा है यह एनर्जी शेयर! सुस्त भाव देखकर घबराएं नहीं, एक्सपर्ट्स ने दिया बड़ा टारगेट; पोर्टफोलियो में शामिल करने का सही समय?
एनर्जी शेयर

विंड एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से कमजोरी देखी जा रही है और मंगलवार को भी इसमें 2% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस सुस्ती के बीच मशहूर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को खरीदारी की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि भले ही शेयर अपने ऊपरी स्तर से 37% नीचे गिरकर ₹47 के करीब ट्रेड कर रहा है, लेकिन अब यहाँ से जोखिम कम और फायदा ज्यादा है। एक्सपर्ट्स ने इसके लिए ₹74 का टारगेट दिया है, जिसका मतलब है कि आने वाले समय में निवेशकों को करीब 54% तक की शानदार तेजी देखने को मिल सकती है।

सुजलॉन एनर्जी पर क्यों है दबाव? जानें एक्सपर्ट्स की भविष्य की रणनीति

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह विंड इंस्टॉलेशन की सुस्त रफ्तार और बढ़ता कंपटीशन है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर की मौजूदा कीमतों में ये नकारात्मक खबरें पहले ही शामिल हो चुकी हैं और अब यहाँ से रिकवरी की उम्मीद है। भविष्य में डेटा सेंटर्स और सरकारी कंपनियों की ओर से विंड एनर्जी की भारी मांग (20-24 GW) निकलने वाली है, जो कंपनी के लिए ग्रोथ का बड़ा जरिया बनेगी। 2030 तक क्लीन एनर्जी के बड़े लक्ष्य को देखते हुए सुजलॉन को आने वाले समय में इन नए ऑर्डर्स से जबरदस्त फायदा हो सकता है।

चीनी कंपनियों से मुकाबला और मजबूत रणनीति

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, सुजलॉन एनर्जी की सबसे बड़ी ताकत उसकी EPC रणनीति है। कंपनी अब अपने आधे प्रोजेक्ट्स को खुद डिजाइन और कंस्ट्रक्ट (EPC) करने की योजना बना रही है, जिससे उसे बड़े और जटिल ऑर्डर्स में ज्यादा मुनाफा होगा। भारत के विंड एनर्जी सेक्टर में चीनी कंपनियों की सीमित मौजूदगी भी सुजलॉन के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुजलॉन का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड और पेंडिंग प्रोजेक्ट्स में विंड एनर्जी की कम हिस्सेदारी इसके लिए भविष्य में नए और बड़े अवसरों के द्वार खोलेगी।

अगले 2 साल में 10 GW क्षमता पार करने का लक्ष्य

सुजलॉन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनके मुताबिक, अगले दो वर्षों में कंपनी की क्षमता 10 गीगावॉट (GW) को पार कर जाएगी और 2030 तक यह 13 से 15 GW तक पहुँच सकती है। खास बात यह है कि कंपनी के पास सालाना 20 GW मैन्युफैक्चरिंग की ताकत है, जिससे वह घरेलू मांग के साथ-साथ विदेशी ऑर्डर्स (Exports) को भी आसानी से पूरा कर सकती है। इसी भरोसे के कारण बाजार के सभी 9 बड़े एनालिस्ट्स ने इस शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है, जिसका मतलब है कि एक्सपर्ट्स इसे खरीदने की पुरजोर सलाह दे रहे हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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