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26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बंद रहेगा शेयर मार्केट, मंगलवार को इस कारण तेज हलचल की गुंजाइश

स्टॉक मार्केट में हाहाकार! 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर तीन दिन लगातार बंदी। शुक्रवार को सेंसेक्स 770 पॉइंट्स, निफ्टी 241 गिरे। FII की बिकवाली, रुपये की कमजोरी ने मचाया बवाल। मंगलवार को NSE के 5 इंडेक्स और 208 स्टॉक्स की एक्सपायरी से भूचाल! DII ने थामा बाजार। निवेशक सतर्क रहें।

By Pinki Negi

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दोस्तों, इस बार स्टॉक मार्केट को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलने वाली है। शनिवार-रविवार तो वैसे भी बंद रहते हैं, लेकिन सोमवार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के जश्न की वजह से पूरा बाजार बंद रहेगा। सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, कमोडिटी मार्केट भी पूरी तरह बंद हो जाएगा। इवनिंग सेशन में भी कोई कारोबार नहीं होगा। कल शुक्रवार को जो हंगामा हुआ, उसके बाद ये तीन दिन निवेशकों को सोचने का मौका देंगे।

सेंसेक्स 769.67 पॉइंट्स यानी करीब 1% लुढ़ककर 81,537.70 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 241.25 पॉइंट्स नीचे खिसककर 25,048.65 पर आ गया। ये गिरावट बाजार की कमजोरी को साफ बयां कर रही है।

मंगलवार को भूचाल की आशंका

अब सोचिए, जब बाजार मंगलवार को खुलेगा तो क्या होगा? आमतौर पर एक्सपायरी वाले दिन तो वैसे ही उथल-पुथल मच जाती है, लेकिन इस बार तो महामारी आने वाली है। NSE के पांच बड़े इंडेक्सेज – निफ्टी 50, निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट और निफ्टी नेक्स्ट 50 – की मंथली एक्सपायरी है। ऊपर से 208 स्टॉक्स के F&O कॉन्ट्रैक्ट्स भी खत्म हो रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में एक्सपायरीज का मतलब है तेज उतार-चढ़ाव। ट्रेडर्स अलर्ट रहें, क्योंकि छोटी सी खबर भी बाजार को हिला सकती है। ये दिन निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन स्मार्ट ट्रेडर्स के लिए मौका भी।

हफ्ते भर का काला अध्याय

इस कारोबारी हफ्ते में घरेलू बाजार पर बिकवाली का ऐसा दबाव पड़ा जैसे बादल फट गए हों। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही करीब ढाई फीसदी नीचे आ चुके हैं। पिछले हफ्ते जहां ये फ्लैट बंद हुए थे, वहां इस बार BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 16.28 लाख करोड़ रुपये घटकर 451.56 लाख करोड़ पर सिमट गया। निवेशकों का इतना बड़ा नुकसान हुआ कि हर कोई सिर पकड़ ले। ये गिरावट रातोंरात नहीं हुई, बल्कि कई वजहों से जमा हो गई। बाजार की ये कमजोरी हमें सिखाती है कि लंबे समय का नजरिया रखना कितना जरूरी है।

हाहाकार के पीछे छिपे कारण

मार्केट में ये हंगामा क्यों मचा? वजहें कई हैं, लेकिन सबसे बड़ी है विदेशी निवेशकों (FII) की बंपर बिकवाली। इस महीने उन्होंने 40,704 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले। सिर्फ 2 जनवरी को थोड़ी खरीदारी हुई थी, वो भी महज 290 करोड़ की। ऊपर से कच्चे तेल के दामों में उछाल, कंपनियों के खराब तिमाही रिजल्ट्स और रुपये की रिकॉर्ड गिरावट ने आग में घी डाल दिया। रुपया पहली बार 91.99 के पार चला गया डॉलर के मुकाबले।

घरेलू निवेशक (DII) ने तो कमाल कर दिया – उन्होंने 54,823 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को थामे रखा। एक भी दिन नेट बिकवाली नहीं की। लेकिन वैश्विक अनिश्चितताएं भी कम नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर रुझान निवेशकों को परेशान कर रहा है। ये सब मिलकर सेंटीमेंट को खराब कर रहे हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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