
अक्सर लोग रिटायरमेंट के बाद खर्चों को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी भारतीयों के लिए निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया है। निवेश का एक स्मार्ट तरीका यह है कि आपको मोटी कमाई के लिए बहुत बड़ी राशि फंसाने की ज़रूरत नहीं है। अगर आप सही बैंक और सही स्कीम चुनते हैं, तो महज ₹1 लाख की FD पर भी आप साल भर में ₹24,000 तक का ब्याज कमा सकते हैं। इसका मतलब है कि आपको बिना किसी रिस्क के हर महीने ₹2,000 की रेगुलर इनकम घर बैठे मिल सकती है, जो बुढ़ापे में छोटे-मोटे खर्चों के लिए एक बड़ा सहारा बनती है।
₹1 लाख की FD पर पाएं धमाकेदार रिटर्न
वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए बैंक निवेश के नियमों में काफी रियायतें देते हैं, जिससे उन्हें बुढ़ापे में बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलती है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे प्रमुख बैंकों में सीनियर सिटीजन को फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.30% से लेकर 8.10% या उससे भी अधिक ब्याज मिल रहा है।
ऊंची ब्याज दरों और सही समय अवधि (Tenure) का चुनाव करके बुजुर्ग अपनी जमा पूंजी पर शानदार सालाना रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, महज ₹1 लाख की FD कराकर आप घर बैठे एक निश्चित रेगुलर इनकम का इंतजाम कर सकते हैं, जो आपकी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होती है।
5 साल की FD का कमाल
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से सबसे ज़्यादा फायदा उठाने के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि आपको कम से कम 5 साल के लॉक-इन पीरियड का विकल्प चुनना चाहिए। लंबे समय के निवेश से न केवल आपको कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का लाभ मिलता है, बल्कि यह टैक्स बचाने का भी एक शानदार जरिया है। इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत, 5 साल की FD में निवेश करने पर आपको टैक्स में भारी छूट मिलती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक तय सीमा तक आपको अपने निवेश और मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता, जिससे आपकी कुल बचत और भी बढ़ जाती है।
पैन कार्ड नहीं दिया तो कटेगा 20% ब्याज
FD से होने वाली कमाई पर टैक्स के नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। यदि एक साल में आपका ब्याज ₹10,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% TDS काटता है। लेकिन, अगर आपने बैंक में अपना पैन कार्ड (PAN) जमा नहीं किया है, तो यह टैक्स सीधे 20% कटेगा। अपनी बचत सुरक्षित रखने के लिए बैंक में पैन कार्ड अपडेट करना अनिवार्य है।
₹1 लाख तक के ब्याज पर नहीं कटेगा TDS
वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD निवेश अब और भी फायदेमंद है। यदि किसी बैंक से साल भर में मिलने वाला कुल ब्याज ₹1 लाख तक है, तो बैंक उस पर कोई TDS नहीं काटता है। अगर ब्याज दर 8% है, तो आप एक बैंक में करीब ₹12 से ₹13 लाख तक जमा कर सकते हैं और बिना टैक्स कटे साल भर में ₹1 लाख तक का ब्याज पा सकते हैं। हालांकि, यदि ब्याज ₹1 लाख से ऊपर जाता है, तो टैक्स बचाने के लिए फॉर्म 15H जमा करना अनिवार्य है।
अलग-अलग बैंकों में FD कराकर बचाएं अपना पूरा TDS
TDS से बचने का एक स्मार्ट तरीका यह है कि आप अपनी जमा पूंजी को एक ही बैंक के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करें। चूंकि बैंक TDS की गणना अपने स्तर पर करते हैं, इसलिए जब तक किसी एक बैंक में सालाना ब्याज ₹1,00,000 (सीनियर सिटीजन के लिए) से ऊपर नहीं जाता, तब तक वह बैंक टैक्स नहीं काटता। उदाहरण के लिए, यदि आपको HDFC बैंक से ₹90,000 और SBI से ₹80,000 का ब्याज मिलता है, तो आपकी कुल कमाई ₹1,70,000 होने के बावजूद कोई भी बैंक TDS नहीं काटेगा, क्योंकि दोनों ही बैंकों में ब्याज की व्यक्तिगत सीमा ₹1 लाख से कम है।









