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Reliance Ranking: भारत में नंबर 1, लेकिन दुनिया में कहाँ टिकी है अंबानी की RIL? सच्चाई देख दंग रह जाएंगे आप

भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने 'फॉर्च्यून ग्लोबल 500' में 88वां स्थान पाकर इतिहास तो रच दिया है, लेकिन क्या यह एप्पल और वॉलमार्ट जैसे दिग्गजों को पछाड़ पाएगी? ₹19.21 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी की वैश्विक ताकत की पूरी सच्चाई जानकर आप दंग रह जाएंगे।

By Pinki Negi

Reliance Ranking: भारत में नंबर 1, लेकिन दुनिया में कहाँ टिकी है अंबानी की RIL? सच्चाई देख दंग रह जाएंगे आप
Reliance Ranking

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आज भारत की सबसे मूल्यवान और शक्तिशाली कंपनी है। पेट्रोकेमिकल से लेकर टेलीकॉम और रिटेल तक फैले अपने विशाल साम्राज्य के कारण यह देश में तो शीर्ष पर है ही, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रही है। लेकिन सवाल यह उठता है कि एप्पल, सैमसंग और वॉलमार्ट जैसे वैश्विक दिग्गजों के सामने रिलायंस की स्थिति क्या है? भारतीय बाजार में अपनी बादशाहत कायम करने के बाद अब दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के क्लब में अपनी रैंकिंग और साख बढ़ाने के लिए रिलायंस लगातार नए कदम उठा रही है।

दुनिया की टॉप 100 कंपनियों में रिलायंस का दबदबा

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। ‘2025 फॉर्च्यून ग्लोबल 500’ की ताजा लिस्ट में रिलायंस को 88वां स्थान मिला है, जो किसी भी भारतीय कंपनी के लिए अब तक की सबसे ऊंची रैंकिंग है। साल-दर-साल दुनिया की टॉप-100 कंपनियों में अपनी जगह बरकरार रखना रिलायंस की मजबूत वित्तीय स्थिति और ग्लोबल मार्केट में बढ़ती ताकत का प्रमाण है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय कंपनियां अब वैश्विक दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

₹19.21 लाख करोड़ के साथ रिलायंस की बादशाहत बरकरार

फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) भारतीय शेयर बाजार की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) लगभग ₹19.21 लाख करोड़ ($230 बिलियन) के करीब है। हालांकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों के कारण मूल्यांकन में थोड़ी कमी आई है, लेकिन इसके ऊर्जा (O2C), रिटेल और टेलीकॉम (Jio) सेगमेंट के दमदार प्रदर्शन ने इसे ‘फॉर्च्यून ग्लोबल 500’ की टॉप-100 सूची में 88वें स्थान पर मजबूती से टिकाए रखा है।

रिलायंस की ग्लोबल सफलता का असली इंजन

रिलायंस की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सबसे बड़ी भूमिका उसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस की है। जामनगर में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी के कारण रिलायंस आज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply) का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू (कमाई) हमेशा रिकॉर्ड स्तर पर रहता है। यह बिजनेस न केवल रिलायंस को आर्थिक मजबूती देता है, बल्कि इसे दुनिया के बड़े एनर्जी दिग्गजों की कतार में भी खड़ा करता है।

ग्लोबल मार्केट में तेज़ी से बढ़ता भारतीय नाम

रिलायंस रिटेल अब सिर्फ एक भारतीय ब्रांड नहीं, बल्कि एक वैश्विक पहचान बन चुका है। बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ साझेदारी और देशभर में फैले हज़ारों स्टोर्स के विशाल नेटवर्क ने इसे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते रिटेलर्स की लिस्ट में शामिल कर दिया है। आज रिलायंस की कुल कमाई और ‘फॉर्च्यून ग्लोबल 500’ की टॉप-100 रैंकिंग में इसके रिटेल सेगमेंट का बहुत बड़ा योगदान है। यह सेक्टर न केवल कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा रहा है, बल्कि इसे वैश्विक दिग्गजों जैसे वॉलमार्ट और अमेज़न के मुकाबले एक मज़बूत प्रतिस्पर्धी के रूप में भी खड़ा कर रहा है।

डेटा क्रांति जिसने बदल दी ग्लोबल साख

रिलायंस जियो ने न केवल भारत में इंटरनेट की दुनिया बदली, बल्कि फेसबुक (Meta) और गूगल जैसे दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों को भी भारत की ओर आकर्षित किया। जियो की सफलता ने रिलायंस को एक पारंपरिक कंपनी से बदलकर एक ‘डेटा और टेक कंपनी’ की पहचान दी है। यही कारण है कि आज वैश्विक बाजार में रिलायंस की साख (Valuation) तेजी से बढ़ी है। जियो की बदौलत रिलायंस अब डिजिटल भविष्य की रेस में ग्लोबल दिग्गजों के बराबर खड़ी दिखाई देती है।

रिलायंस का अगला बड़ा ‘ग्लोबल गेमचेंजर’

दुनिया अब रिलायंस को सिर्फ एक तेल कंपनी नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा के बड़े खिलाड़ी के रूप में देख रही है। अक्षय ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में मुकेश अंबानी के भारी निवेश ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया है। कंपनी ने 2035 तक ‘नेट कार्बन जीरो’ बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि आने वाले वर्षों में रिलायंस की ग्लोबल रैंकिंग और वैल्यूएशन को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

वॉलमार्ट और शेल जैसे दिग्गजों को टक्कर दे रही रिलायंस

रिलायंस इंडस्ट्रीज अब वैश्विक बाजार में वॉलमार्ट, एक्सॉन मोबिल और शेल जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के साथ सीधे मुकाबले में है। हालांकि कुल कमाई (रेवेन्यू) के मामले में रिलायंस अभी ग्लोबल टॉप-10 में शामिल नहीं है, लेकिन जिस तेजी से मुकेश अंबानी अपने बिजनेस को रिटेल, टेलीकॉम और ग्रीन एनर्जी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में फैला रहे हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस की यह विविधता (Diversification) उसे जल्द ही दुनिया की टॉप-50 कंपनियों की सूची में शामिल करवा सकती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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