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खाली प्लॉट से करें ₹70,000 तक की कमाई! मोबाइल टावर लगवाने के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, यहाँ जानें प्रोसेस

क्या आपका प्लॉट या छत खाली पड़ी है? सरकार के नए नियमों (2022) के बाद अब मोबाइल टावर लगवाना और भी आसान हो गया है। बिना किसी निवेश के हर महीने ₹70,000 तक कमाने का मौका न चूकें। आवेदन की सही प्रक्रिया और फर्जी कॉल से बचने के तरीके यहाँ विस्तार से जानें।

By Pinki Negi

खाली प्लॉट से करें ₹70,000 तक की कमाई! मोबाइल टावर लगवाने के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, यहाँ जानें प्रोसेस
Mobile Tower Rent Income 2026

आज में समय में हर कोई अपनी आमदनी बढ़ाने के नए तरीके ढूंढता है। अगर आपके पास भी कोई खाली प्लॉट या घर की बड़ी छत है, जो किसी काम नहीं आ रही, तो आप इसे कमाई का ज़रिया बना सकते हैं। आप अपनी इस खाली जगह को मोबाइल कंपनियों को टावर लगाने (Mobile Tower Installation) के लिए किराए पर दे सकते हैं। यह एक्स्ट्रा इनकम का एक शानदार तरीका है, जिससे आप बिना किसी अतिरिक्त मेहनत के हर महीने अच्छी-खासी रेंट मनी कमा सकते हैं।

मोबाइल टावर लगवाने के लिए किन कंपनियों से करें संपर्क?

अगर आप अपनी खाली जमीन या छत पर मोबाइल टावर लगवाकर कमाई करना चाहते हैं, तो भारत में कई भरोसेमंद कंपनियाँ यह सुविधा देती हैं। इनमें एयरटेल, रिलायंस इंफ्राटेल, BSNL, वोडाफोन-आइडिया (VI) जैसी मुख्य टेलीकॉम कंपनियों के साथ-साथ GTL इंफ्रास्ट्रक्चर, अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन (ATC), और इंडस टावर्स जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ भी शामिल हैं। इन कंपनियों की पूरी और आधिकारिक सूची आप भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की वेबसाइट www.dot.gov.in पर देख सकते हैं।

मोबाइल टावर लगवाने के लिए कितनी जगह है जरूरी? जानें मुख्य शर्तें

अगर आप मोबाइल टावर लगवाकर कमाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपके पास पर्याप्त और सही लोकेशन पर जगह होनी चाहिए। मोबाइल कंपनियाँ टावर लगाने के लिए जगह के हिसाब से कुछ मानक तय करती हैं:

  • शहर में घर की छत: कम से कम 500 वर्ग फुट खाली जगह।
  • प्राइवेट प्लॉट (शहरी क्षेत्र): कम से कम 2000 वर्ग फुट की जमीन।
  • गाँव या कृषि भूमि: यहाँ टावर के लिए कम से कम 2500 वर्ग फुट जगह होनी चाहिए।

मोबाइल टावर लगवाने के लिए खुद करें आवेदन, फर्जी कॉल से बचें

अगर आप अपनी खाली जगह पर मोबाइल टावर लगवाना चाहते हैं, तो आपको संबंधित टेलीकॉम या इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा। एक बात हमेशा गांठ बांध लें: कोई भी असली कंपनी आपको खुद फोन करके टावर लगाने का ऑफर नहीं देती। यदि आपको ऐसा कोई कॉल, मैसेज या ईमेल आता है जिसमें टावर लगवाने के बदले पैसे मांगे जा रहे हैं, तो समझ जाइए कि वह पूरी तरह से फर्जी (Scam) है।

एग्रीमेंट से पहले की प्रक्रिया

जब आप मोबाइल टावर के लिए आवेदन करते हैं, तो कंपनी तुरंत काम शुरू नहीं करती। सबसे पहले, कंपनी की एक टेक्निकल टीम आपकी जगह का फिजिकल सर्वे (जमीन का ब्योरा) करने आती है। वे यह देखते हैं कि क्या आपकी छत या प्लॉट टावर का वजन सहने के लिए मजबूत है और क्या वहां से सिग्नल की रेंज अच्छी मिलेगी।

जब कंपनी को यकीन हो जाता है कि आपकी जगह मोबाइल टावर के लिए हर तरह से उपयुक्त (Suitable) है, तभी वे आपके साथ कानूनी एग्रीमेंट (Agreement) की प्रक्रिया शुरू करते हैं।

मोबाइल टावर लगवाने के लिए जरूरी दस्तावेज और NOC की पूरी लिस्ट

मोबाइल टावर लगवाने की प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा करने के लिए आपके पास कुछ महत्वपूर्ण कागजात और सर्टिफिकेट होने अनिवार्य हैं। आवेदन करने और एग्रीमेंट साइन करने से पहले इन चीजों को तैयार रखें, ताकि कंपनी के साथ आपकी डील में कोई बाधा न आए:

जरूरी सर्टिफिकेट

  • स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट: यदि आप छत पर टावर लगवा रहे हैं, तो बिल्डिंग की मजबूती का प्रमाण पत्र जरूरी है।
  • नगर पालिका/पंचायत से NOC: स्थानीय प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है।
  • मालिक की सहमति: यदि जमीन या बिल्डिंग के एक से अधिक मालिक हैं, तो सभी की लिखित सहमति (NOC) चाहिए।
  • पर्सनल आईडी: आपका आधार कार्ड और पैन कार्ड

मोबाइल टावर लगवाने के सरकारी नियम और ठगी से बचने के उपाय

मोबाइल टावर लगवाना आपकी जेब भरने का साधन है, खाली करने का नहीं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी असली टेलीकॉम कंपनी टावर लगाने के लिए आपसे सिक्योरिटी मनी या एडवांस फीस नहीं लेती। टावर लगाने का पूरा खर्च कंपनी खुद उठाती है। अगर कोई आपसे पैसों की मांग करे, तो समझ जाइए कि वह धोखाधड़ी (Scam) है।

सरकारी नियम और आपकी सुविधा

  • नया नियम (2022): भारतीय टेलीग्राफ राइट ऑफ वे (संशोधन) नियम 2022 के अनुसार, अब अपनी निजी संपत्ति पर टावर लगाने के लिए बहुत जटिल मंजूरियों की जरूरत नहीं है।
  • स्थानीय प्रशासन: हालांकि, कंपनी को टावर लगाने से पहले स्थानीय नगर निगम या प्रशासन को इसकी लिखित सूचना देनी होती है।
  • सुरक्षा: यह नियम प्रक्रियाओं को आसान बनाते हैं ताकि 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो सके और मकान मालिकों को रेंट का लाभ मिल सके।

मोबाइल टावर के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

अगर आप अपनी खाली जमीन या छत पर मोबाइल टावर लगवाना चाहते हैं, तो आपको किसी एजेंट के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। आप सीधे कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त है और कंपनी सारा खर्च खुद उठाती है।

  1. सबसे पहले उस टेलीकॉम कंपनी (जैसे इंडस टावर्स, एयरटेल या जियो) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं जिसका टावर आप लगवाना चाहते हैं।
  2. होमपेज पर आपको ‘रजिस्टर योर प्रॉपर्टी’ (Register Your Property) या ‘Partner with Us’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
  3. आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा, जहाँ आपको अपना पिन कोड, प्रॉपर्टी का साइज (वर्ग फुट में), ओनरशिप टाइप (मालिकाना हक) और प्रॉपर्टी की कैटेगरी (आवासीय या व्यावसायिक) चुननी होगी।
  4. सभी जानकारी भरने के बाद ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। आपकी जानकारी सीधे कंपनी के अधिकारियों के पास पहुँच जाएगी।
  5. यदि आपकी लोकेशन टावर के लिए उपयुक्त पाई जाती है, तो कंपनी खुद आपसे संपर्क करेगी और आगे की जांच के बाद एग्रीमेंट करेगी।

कितनी हो सकती है आपकी हर महीने की कमाई?

मोबाइल टावर लगवाना आज के समय में पैसिव इनकम (घर बैठे कमाई) का एक बेहतरीन जरिया है। इसकी कमाई मुख्य रूप से आपकी लोकेशन और वहां नेटवर्क की मांग पर निर्भर करती है। 2026 के आंकड़ों और बाजार के रुझानों के अनुसार, संभावित किराया कुछ इस प्रकार हो सकता है:

क्षेत्र (Area)अनुमानित मासिक किराया (Monthly Rent)
महानगर (Metro Cities)₹50,000 – ₹1,50,000+ (जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु)
छोटे शहर (Urban Areas)₹25,000 – ₹60,000
ग्रामीण इलाके (Rural Areas)₹5,000 – ₹20,000
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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