
भारत की अर्थव्यवस्था को खड़ा करने में छोटे-मोटे बिजनेस ही असली हीरो हैं। चाहे गांव की छोटी दुकान हो या शहर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ये एमएसएमई सेक्टर देश की जीडीपी का करीब 30% योगदान देते हैं और करोड़ों लोगों को नौकरी भी। लेकिन इनके सामने सबसे बड़ा रोड़ा है सस्ता और आसान लोन। बिना जमानत के कर्ज की तलाश में छोटे कारोबारी भटकते रहते हैं।
अच्छी खबर ये है कि सरकार ने कई जबरदस्त योजनाएं चला रखी हैं, जो बिना झंझट के फंडिंग देती हैं। आइए, जानते हैं इनके बारे में, ताकि आपका बिजनेस भी उड़ान भर सके।
सस्ते कर्ज की सबसे बड़ी जंग
छोटे बिजनेस वाले अक्सर सोचते हैं कि बैंक लोन तो सपना ही है, क्योंकि उनके पास कोलैटरल नहीं। लेकिन केंद्र सरकार ने ठीक यही समस्या सुलझाने के लिए खास स्कीम्स बनाई हैं। इनमें सब्सिडी, गारंटी और डिजिटल अप्रूवल जैसी सुविधाएं हैं। अब छोटे उद्यमी बिना परेशान हुए लाखों-करोड़ों का लोन ले सकते हैं। ये योजनाएं न सिर्फ फाइनेंशियल मदद देती हैं, बल्कि बिजनेस को मजबूत और कॉम्पिटिटिव भी बनाती हैं। आत्मनिर्भर भारत का सपना इन्हीं पर टिका है।
मुद्रा योजना: छोटे सपनों का बड़ा साथी
2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे कारोबारियों की जान है। ये गैर-कॉरपोरेट वाले बिजनेस को 10 लाख तक का लोन देती है। तीन कैटेगरी हैं – शिशु (50 हजार तक), किशोर (5 लाख तक) और तरुण (10 लाख तक)। बैंक, एनबीएफसी या माइक्रो फाइनेंस से आसानी से मिल जाता है। मेरा एक दोस्त ने इसी से अपनी किराने की दुकान बढ़ाई, अब महीने का टर्नओवर दोगुना हो गया। कोई कोलैटरल नहीं, बस बिजनेस प्लान चाहिए।
खुद का कारोबार शुरू करने का मौका
अगर आप बेरोजगार युवा हैं या कारीगर, तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम आपके लिए गेम-चेंजर है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए 25 लाख और सर्विस सेक्टर के लिए 10 लाख तक लोन मिलता है। ऊपर से 15-35% सब्सिडी भी, जो कैटेगरी और लोकेशन पर डिपेंड करती है। ग्रामीण इलाकों में तो और ज्यादा फायदा। कई लोग इसी से फूड प्रोसेसिंग यूनिट या टेलरिंग शॉप खोल चुके हैं। आवेदन ऑनलाइन, प्रोसेसिंग तेज।
बिना गारंटी का जादू: सीजीटीएमएसई
सबसे कमाल की स्कीम है क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज। यहां 2 करोड़ तक लोन बिना किसी गारंटी के! 5 लाख तक पर 85% कवरेज और उसके बाद 75%। बैंक का रिस्क कम, लोन मिलना आसान। छोटे मैन्युफैक्चरर ने बताया, पहले रिजेक्ट हो जाते थे, अब अप्रूव हो जाता है। ये स्कीम बैंकों को भरोसा देती है, ताकि वो और लोन बांटें।
तकनीक अपनाओ, सब्सिडी पाओ
पुरानी मशीनों से तंग आ गए? क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम नई टेक्नोलॉजी लाने वालों के लिए है। 1 करोड़ तक लोन पर 15% सब्सिडी। उत्पादकता बढ़ेगी, प्रोडक्ट क्वालिटी सुधरेगी और ग्लोबल मार्केट में टक्कर ले सकोगे। ऑटो पार्ट्स बनाने वाले एक उद्यमी ने अपग्रेड किया, अब एक्सपोर्ट भी शुरू। सरकारी पोर्टल से चेक करें, योग्यता आसान।
फंडिंग और सॉफ्ट लोन से बिजनेस एक्सपैंड
इक्विटी की कमी? 50 हजार करोड़ का फंड ऑफ फंड्स वेंचर कैपिटल और पीई निवेश दिलाता है। ग्रोथ वाले एमएसएमई के लिए बेस्ट। साथ ही सिडबी की स्माइल योजना सॉफ्ट लोन देती है – मशीनरी पर 10 लाख से शुरू, कुल 25 लाख तक। 10 साल की ईजी EMI। ये स्कीम्स बिजनेस को स्केल अप करने में मदद करती हैं, बिना ज्यादा ब्याज के।
59 मिनट में लोन डिजिटल स्पीड
समय की कमी? ‘59 मिनट में एमएसएमई लोन’ सब कुछ ऑनलाइन कर देती है। 1 लाख से 5 करोड़ तक, 8.5% ब्याज से शुरू। जीएसटी और आईटी कंप्लायंट बिजनेस अप्लाई करें। पोर्टल पर डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें, मिनटों में अप्रूवल। डिजिटल इंडिया का कमाल, अब लोन इंतजार नहीं करवाता। ये स्कीम्स छोटे बिजनेस को पंख दे रही हैं। अगर आप एमएसएमई हैं, तो आज ही चेक करें। सरकार की ये पहल आत्मनिर्भरता की राह आसान बना रही है।









