
हर निवेशक की प्राथमिकता होती है पैसा सुरक्षित रहे और रिटर्न अच्छा मिले। सरकारी समर्थित कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) दो ऐसे लोकप्रिय विकल्प हैं, जो जीरो रिस्क देते हैं। लेकिन ब्याज दरें, टैक्स लाभ, लिक्विडिटी और उद्देश्य में फर्क है। वर्तमान दरों पर EPF (8.25%) लॉन्ग-टर्म में आगे, RD (6-7.5%) शॉर्ट-टर्म लक्ष्यों के लिए बेहतर। तो आइए विस्तार से समझें।
EPF: रिटायरमेंट का मजबूत आधार
EPF रिटायरमेंट का मजबूत आधार है। नौकरीपेशा लोगों के लिए डिजाइन, इसमें सैलरी का 12% कर्मचारी और नियोक्ता जमा करते हैं। FY24-25 की दर 8.25% मासिक चक्रवृद्धि, पूरी तरह टैक्स-फ्री। सरकार गारंटी देती है, EPFO मैनेज करता। 30 साल नौकरी में छोटी सैलरी से भी करोड़ों का कोष बनता। FY26 में 8-8.2% तक गिरने की आशंका।
RD: लचीली बचत योजना
RD लचीली बचत योजना है। बैंक/पोस्ट ऑफिस में मासिक जमा (₹500 से शुरू), 6 माह-10 साल टेन्योर। दरें: SBI 6.5-7%, पोस्ट ऑफिस 7.5%। मैच्योरिटी पर मूलधन+ब्याज। छोटे लक्ष्य जैसे बच्चों की फीस, शादी या वेकेशन के लिए आइडियल। ब्याज टैक्सेबल, ₹40,000+ पर TDS।
लेटेस्ट ब्याज दरें और कैलकुलेशन
₹10,000 मासिक निवेश पर तुलना:
| अवधि | EPF मैच्योरिटी (₹) | RD (7%) मैच्योरिटी (₹) | टैक्स प्रभाव (30% स्लैब) |
|---|---|---|---|
| 3 साल | ~4,00,000 | ~3,85,000 | ~₹25,000 कम हाथ में |
| 5 साल | ~7,00,000 | ~6,60,000 | ~₹45,000 कम |
| 10 साल | ~17,50,000 | ~15,50,000 | ~₹1,20,000 कम |
EPF का compounding और एम्प्लॉयर मैचिंग लंबे समय में दोगुना फायदा। 40 साल की उम्र से EPF शुरू करें तो रिटायरमेंट में लाखों बचत।
टैक्स और निकासी नियम
EPF: EEE स्टेटस का फायदा
EPF: EEE स्टेटस 80C डिडक्शन (₹1.5 लाख तक), ब्याज/मैच्योरिटी टैक्स-फ्री (5+ साल योगदान पर)। निकासी: 5 साल लॉक-इन; मेडिकल, घर खरीद, शादी, शिक्षा पर 75-90% विदड्रॉल। VPF से अतिरिक्त निवेश। RD: ब्याज स्लैब अनुसार टैक्स (नया रूल: ₹3 लाख+ पर 30%)। प्रीमैच्योर क्लोजर पेनल्टी 0.5-2%, आसान निकासी। कोई लॉक-इन नहीं।
योग्यता और रिस्क की तुलना
EPF: ₹15,000+ सैलरी वाले सैलरीड (वेतन सीमा ₹25,000 पर चर्चा)। नियोक्ता अनिवार्य योगदान। RD: सभी के लिए खुला, कोई आय सीमा नहीं। रिस्क: EPF सरकारी गारंटी; RD DICGC (₹5 लाख तक) इंश्योरेंस। दोनों में इन्फ्लेशन रिस्क, लेकिन EPF हायर रिटर्न से बेहतर।
विशेषज्ञ सलाह: कब चुनें क्या?
- EPF चुनें यदि: 30+ उम्र, रिटायरमेंट फोकस, सैलरीड जॉब। एम्प्लॉयर बूस्ट फ्री मनी।
- RD चुनें यदि: शॉर्ट-टर्म (1-5 साल), स्व-नियोजित, लिक्विडिटी जरूरी। पोस्ट ऑफिस RD महिलाओं/सीनियर्स को अतिरिक्त दर।
- कॉम्बो स्ट्रैटेजी: EPF मैक्स (₹1.5 लाख 80C) + RD शॉर्ट गोल्स + PPF/NPS डायवर्सिफाई। FY26 EPF कट से RD आकर्षक।
वास्तविक उदाहरण और सलाह
उदाहरण: मुंबई के IT इंजीनियर राहुल ने EPF+RD से 10 साल में 25 लाख कोष बनाया। स्वरोजगार करने वाली प्रिया RD से बच्चों की फीस फंड की। epfindia.gov.in, बैंक ऐप या UMANG से पासबुक चेक करें।









