
यारों, कॉपर का रंग चमक रहा है! 2025 में इसने 60% रिटर्न देकर सबको चौंका दिया। 6 जनवरी 2026 को कॉमेक्स पर 6.09 डॉलर/पाउंड छुआ, साल भर पहले 3.80 था। थोड़ी गिरावट आई 5.84 पर, लेकिन ट्रेंड तेजी का ही है। EV, डेटा सेंटर्स और डिफेंस की भूख ने इसे रॉकेट बना दिया। सोचो, इतना दमदार कमोडिटी – क्या लगाओगे?
क्यों चढ़े कॉपर के दाम? असली वजहें जान लो!
दोस्त, ये तेजी सट्टेबाजी नहीं, रियल डिमांड की है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां, बैटरी, वायरिंग – हर जगह कॉपर लग रहा। डेटा सेंटर्स का boom और डिफेंस ऑर्डर्स ने आग लगाई। भारत में MCX पर 29 दिसंबर को 1,393 रुपये/kg रिकॉर्ड हाई। 2025 में प्रति टन 13,000 डॉलर तक पहुंचा। सप्लाई चेन टाइट हो रही, US ने 6 लाख टन ज्यादा खरीदा। बाजार चिल्ला रहा – मांग>सप्लाई!
2026 में कॉपर की किल्लत, दाम आसमान छुएंगे?
एक्सपर्ट्स चेताते हैं, अगले साल 1.5 लाख टन डेफिसिट आएगा। ग्लोबल स्टडी ग्रुप के मुताबिक, इन्वेंट्री घट रही। VT Markets के रॉस कहते हैं, शॉर्टेज से प्राइस और चढ़ेंगी। भारत जैसे देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर पुश से डिमांड बूम। लेकिन चेतावनी – जियोपॉलिटिक्स या रिसेशन ने गिरा भी सकते हैं। लॉन्ग टर्म होल्डर्स, तैयार रहो!
रिटेल इन्वेस्टर कैसे कमाए? रिस्की गेम अलर्ट!
कॉपर ETF या फिजिकल बार? भारत में नहीं मिलेगा। MCX फ्यूचर्स ही ऑप्शन – लेकिन 2.5 टन लॉट साइज मतलब लाखों मार्जिन! छोटे इन्वेस्टर भागो, ये हाई रिस्क। एक्सपर्ट टिप: रिस्क मैनेजमेंट सीखो, लिवरेज से बचो। ज्यादातर के लिए शेयर बेहतर। डायरेक्ट कमोडिटी? प्रोफेशनल्स के लिए!
इन शेयरों से कॉपर बूम का फायदा उठाओ!
कॉपर प्राइस चढ़े तो ये स्टॉक्स उड़ान भरेंगे। हिंदुस्तान कॉपर – सरकारी, फुल इंटीग्रेटेड, डायरेक्ट बेनिफिट। वेदांता और हिंडाल्को – मल्टी मेटल जायंट्स, कॉपर से ग्रोथ। छोटे प्लेयर्स जैसे भाग्यनगर इंडिया या माधव कॉपर – हाई रिस्क, हाई रिटर्न। लेकिन याद रखो, मार्केट वोलाटाइल।









