
पीपीएफ निवेश का बेहतरीन जरिया है, लेकिन नियमों की अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है। बहुत से लोग टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग बैंकों में एक से ज्यादा अकाउंट खोलने की गलती कर देते हैं, जबकि सरकारी नियम के अनुसार एक व्यक्ति केवल एक ही PPF अकाउंट रख सकता है।
हालांकि, आप अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर अलग खाता खोल सकते हैं, लेकिन पति-पत्नी के खातों को मिलाकर भी निवेश की एक तय सीमा होती है। अगर आप एक से अधिक खाते खोलते हैं, तो दूसरे खाते को ‘अनियमित’ माना जाएगा और उस पर आपको न तो ब्याज मिलेगा और न ही कोई टैक्स बेनिफिट।
एक व्यक्ति, एक खाता
पीपीएफ नियमों के अनुसार, पूरे भारत में एक व्यक्ति अपने नाम पर सिर्फ एक ही PPF अकाउंट रख सकता है। चाहे आप अलग-अलग बैंकों में खाते खोलें या एक पोस्ट ऑफिस और दूसरा बैंक में, नियम सबके लिए समान हैं। यदि आप जानबूझकर या अनजाने में दूसरा खाता खोलते हैं, तो उसे ‘अनियमित’ (Irregular) करार दिया जाएगा। ऐसे दूसरे खाते पर आपको न तो कोई ब्याज मिलेगा और न ही इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत कोई छूट मिलेगी, जिससे आपका पूरा निवेश बेकार जा सकता है।
निवेश की सीमा और टैक्स छूट के जरूरी नियम
आप अपने नाबालिग बच्चे के भविष्य के लिए उनके नाम पर अभिभावक (Guardian) के तौर पर पीपीएफ खाता खोल सकते हैं, लेकिन यहाँ निवेश की एक सीमा है। नियम के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में पिता या माता को अपने और बच्चे के खाते को मिलाकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही जमा करने की अनुमति है। आप दोनों खातों में अलग-अलग 1.5 लाख जमा करके 3 लाख पर टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकते। यदि कुल जमा राशि 1.5 लाख से ऊपर जाती है, तो उस अतिरिक्त राशि पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
दो PPF अकाउंट हैं तो सावधान! तुरंत करें मर्ज
अगर आपके पास एक से अधिक पीपीएफ खाते हैं, तो उन्हें तुरंत मर्ज (Merge) कराना ही एकमात्र समाधान है। इसके लिए आपको वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग को आवेदन देना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो सरकार आपके दूसरे खाते को फ्रीज कर सकती है। इस स्थिति में आपकी जमा मूल राशि तो वापस मिल जाएगी, लेकिन उस पर मिलने वाला पूरा ब्याज जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही, आयकर विभाग टैक्स छूट को रद्द कर आप पर भारी जुर्माना भी लगा सकता है।
15 साल के बाद भी बढ़ाएं मुनाफा और जानें अन्य विकल्प
पीपीएफ से अधिकतम लाभ पाने का सबसे अच्छा तरीका एक ही खाते को 15 साल तक चलाना है। इसके बाद भी अगर आप इसे जारी रखना चाहते हैं, तो 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ा सकते हैं। यदि आपके पास निवेश के लिए अधिक पैसा है, तो दूसरा पीपीएफ खाता खोलने के बजाय ELSS, NPS या बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना जैसे विकल्पों को चुनें। नियमों के खिलाफ जाकर दो पीपीएफ खाते खोलना फायदे के बजाय कानूनी उलझनों और नुकसान का कारण बन सकता है।









