
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना लगातार नौवां बजट भाषण पेश किया। जहां एक ओर नौकरीपेशा वर्ग को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बड़े बदलावों की उम्मीद थी, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने इस बार NPS को लेकर अपने पिटारे से कोई नई घोषणा नहीं की। बजट 2026 के अनुसार, NPS के मौजूदा नियम, टैक्स छूट की सीमा और निकासी की शर्तें यथावत रहेंगी।
NPS के मोर्चे पर बजट में क्या रहा?
बजट 2026 में NPS के नियमों, योगदान सीमा या एन्युटी (Annuity) से जुड़े किसी भी बदलाव का जिक्र नहीं किया गया। इसका सीधा मतलब यह है कि यह रिटायरमेंट सेविंग योजना PFRDA के उन्हीं पुराने नियमों के तहत चलती रहेगी, जो पिछले साल तय किए गए थे। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले बजट में मिली बड़ी छूटों के बाद इस बार सरकार ने स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया है।
इकोनॉमिक सर्वे
भले ही बजट में नई घोषणा न हुई हो, लेकिन आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने NPS की एक सुनहरी तस्वीर पेश की है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार:
- सब्सक्राइबर्स की संख्या: 31 दिसंबर 2025 तक NPS से जुड़ने वालों का आंकड़ा 211.7 लाख पार कर गया है।
- फंड की मजबूती (AUM): इस स्कीम के तहत कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब 16.1 लाख करोड़ रुपये के विशाल स्तर पर पहुंच चुका है।
- विकास दर: पिछले 10 वर्षों (FY15-FY25) में सब्सक्राइबर्स की संख्या में सालाना 9.5% की बढ़ोतरी हुई, जबकि फंड वैल्यू में 37.3% (CAGR) की शानदार ग्रोथ देखी गई।
रिटायरमेंट सेविंग्स का बदलता नजरिया
भारतीय अब अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स को लेकर अधिक जागरूक और संगठित हो रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों और सैलरीड क्लास के बीच NPS की लोकप्रियता बढ़ने की मुख्य वजह शेयर बाजार से जुड़ा रिटर्न और सरकार द्वारा दी जाने वाली टैक्स राहत है।
पिछली घोषणाओं का मिल रहा फायदा
बता दें कि पिछले बजट (2025) में सरकार ने ‘NPS वात्सल्य’ स्कीम के जरिए बच्चों के लिए भी निवेश के रास्ते खोले थे। इसके तहत:
- धारा 80CCD(1B): सालाना ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है।
- कुल टैक्स छूट: 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के अलावा NPS में निवेश कर कुल ₹2 लाख तक का टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है।
बजट 2026 ने भले ही यथास्थिति बनाए रखी हो, लेकिन आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े साबित करते हैं कि NPS अब भारत की सबसे भरोसेमंद और तेजी से बढ़ती रिटायरमेंट स्कीम बन चुकी है।









