
राज्यसभा में बुधवार (25 मार्च 2026) को जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने होटलों, ढाबों और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले काले प्लास्टिक बर्तनों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने विशेष उल्लेख के जरिए इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से ऐसे खतरनाक प्लास्टिक पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
तिवाड़ी ने सदन को बताया कि देश के कई हिस्सों में भोजन परोसने और पैकेजिंग के लिए काले प्लास्टिक के बर्तनों का व्यापक उपयोग हो रहा है, जो सेहत के लिए जहर साबित हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह सामान्य प्लास्टिक नहीं है, बल्कि इसे अक्सर इलेक्ट्रॉनिक कचरे या अन्य रीसाइकिल्ड प्लास्टिक अवशिष्ट सामग्री से तैयार किया जाता है।
गर्म खाने से खून में घुलते हैं जहरीले कण
सांसद तिवाड़ी ने कहा, “जब इन काले प्लास्टिक के बर्तनों में गर्म भोजन रखा जाता है, तो इनसे माइक्रोप्लास्टिक कण निकलकर भोजन में मिल जाते हैं। ये सूक्ष्म कण मानव शरीर में प्रवेश कर खून में घुलने की क्षमता रखते हैं, जिससे कैंसर, हृदय रोग, हार्मोनल विकार और किडनी-लीवर डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।”
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, काले प्लास्टिक में फ्लेम रिटार्डेंट केमिकल्स, बिस्फेनॉल-A (BPA) और फ्थेलेट्स जैसे घातक तत्व पाए जाते हैं, जो गर्मी के संपर्क में आने पर सक्रिय हो जाते हैं। AIIMS के कैंसर विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इन रसायनों का लंबे समय तक सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। तिवाड़ी ने सरकार से अपील की कि भारतीय रेल सहित सभी सार्वजनिक स्थानों, होटलों, ढाबों और फूड डिलीवरी सेवाओं पर इस तरह के प्लास्टिक के उपयोग पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए और सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए।
सुधा मूर्ति ने उठाया वजन घटाने वाली दवाओं का मुद्दा
इसी दौरान मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति ने तेजी से लोकप्रिय हो रही वजन घटाने वाली दवाओं के दुष्प्रभावों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इस विषय में जागरूकता अभियान चलाने और उचित दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता बताई।
प्लास्टिक प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा सांसद केसरीदेव सिंह झाला ने प्लास्टिक प्रदूषण के बढ़ते खतरे को उजागर करते हुए इसके नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा न केवल पर्यावरण को नष्ट कर रहा है, बल्कि जल स्रोतों और कृषि भूमि को भी प्रदूषित कर रहा है।
रोजगार संकट और कृषि समस्याएं भी उठीं
बीजेपी सांसद अशोक सिंह ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिलों की चिंताजनक स्थिति पर सदन का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से वीरों की भूमि रहा है, लेकिन वर्तमान में रोजगार की कमी के कारण यहां के युवा पलायन करने को मजबूर हैं। साथ ही किसानों को सिंचाई सुविधाओं के अभाव और कम आय के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबित रेल परियोजनाओं और देहदान पर भी चर्चा
बीजेपी के अजीत माधवराव गोपछड़े ने मराठवाड़ा क्षेत्र में लंबित रेल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की, जबकि नवीन जैन ने मरणोपरांत देहदान के प्रति समाज में जागरूकता की कमी का मुद्दा उठाया।
आशा कार्यकर्ताओं के लिए बेहतर वेतन की मांग
समाजवादी पार्टी के रामजीलाल सुमन ने आशा कार्यकर्ताओं की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दो दशकों से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में इनका योगदान अहम रहा है, लेकिन उन्हें अभी भी बहुत कम मानदेय मिलता है। उन्होंने इनकी सेवाओं को स्थायी करने और बेहतर वेतन देने की मांग की।









