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क्या बैंक को पता होता है आपके लॉकर में क्या रखा है? सामान चोरी या गायब होने पर कितना मिलता है मुआवजा, जानें RBI का नियम

बैंक लॉकर में सोना हो या कागज, बैंक को कुछ पता नहीं! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा - गोपनीयता सर्वोपरि, चोरी पर सालाना किराए का 100 गुना मुआवजा। RBI नियम साफ: बैंक लापरवाही पर ही जिम्मेदार। कानपुर चोरी केस में मिला उदाहरण। निजी बीमा लें, सतर्क रहें!

By Pinki Negi

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बैंक लॉकर को लाखों भारतीय परिवार अपने सोने-चांदी, गहनों और महत्वपूर्ण कागजातों का सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बैंक को आपके लॉकर के अंदर क्या रखा है, इसका जरा भी अंदाजा नहीं होता? खुदा ना खास्ता चोरी या नुकसान हो जाए, तो क्या आपको गहनों की पूरी कीमत मिलेगी? इन सवालों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में साफ-साफ बता दिया।

उन्होंने कहा, “बैंक लॉकर में रखे सामान को न देखा जा सकता है, न रिकॉर्ड किया जा सकता है। गोपनीयता सर्वोपरि है।” यह बयान न केवल ग्राहकों के भ्रम को दूर करता है, बल्कि RBI नियमों की सीमाओं को भी उजागर करता है।

बैंक क्यों नहीं झांकता लॉकर?

बैंक लॉकर सिस्टम दशकों पुराना है, लेकिन 2021 में RBI ने इसे मजबूत बनाया। दिशानिर्देशों के मुताबिक, जब आप लॉकर रूम जाते हैं, बैंक अधिकारी बाहर इंतजार करते हैं। अंदर क्या रखा – सोना, नकदी या प्रॉपर्टी पेपर – इसका कोई हिसाब-किताब नहीं। वित्त मंत्री ने कांग्रेस सांसद किरसन नामदेव के पूरक सवाल पर मार्च 2026 में लोकसभा में जवाब देते हुए जोर दिया, “यह बैंकिंग नियमों का उल्लंघन होगा अगर बैंक झांके।”

इसी गोपनीयता की वजह से लॉकर बीमा सामान्य नहीं हो सकता। RBI मानक फॉर्मूला अपनाता है: सालाना किराए का 100 गुना मुआवजा। मसलन, 2,000 रुपये किराए पर अधिकतम 2 लाख। अगर किराया ज्यादा, मुआवजा भी बढ़ेगा। लेकिन यह केवल बैंक लापरवाही, चोरी, आग, डकैती या कर्मचारी धोखे पर लागू होता है। बाढ़-भूकंप या ग्राहक भूल पर बैंक बरी।

संसद में वित्त मंत्री का स्पष्ट बयान

वित्त मंत्री का बयान इसलिए अहम है क्योंकि कई केसों में ग्राहक भ्रमित रहते हैं। कानपुर के सेंट्रल बैंक में 2022 के चोरी कांड में 42 लॉकर खाली हो गए। 11 ग्राहकों को शपथ-पत्र पर किराए का 100 गुना मिला – देश का पहला बड़ा उदाहरण। इसी तरह, हाल के मामलों में बैंकों ने पालन किया। निर्मला सीतारमण ने साफ कहा, “हमें लॉकर अंदर का कुछ पता नहीं, इसलिए वैल्यूएशन असंभव। यही निष्पक्ष तरीका है।” RBI ने 2025 में बायोमेट्रिक लॉक, CCTV और तेज क्लेम प्रक्रिया जोड़ी, जो दिसंबर तक लागू हो चुकी।

ग्राहकों के लिए जरूरी टिप्स

फिर भी, विशेषज्ञ चेताते हैं: बैंक लॉकर पर भरोसा न करें। होम इंश्योरेंस में लॉकर कवर ऐड करें। लॉकर एग्रीमेंट साइन करें, विवरण अपडेट रखें। करोड़ों ग्राहक अब सतर्क होंगे। वित्त मंत्री का बयान सुरक्षा की इस मजबूत दीवार को मजबूत बनाता है, लेकिन पूरी जिम्मेदारी ग्राहक पर भी डालता है। क्या आपका लॉकर सुरक्षित है? जाँच लें!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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