
देश की तमाम सरकारी योजनाओं- PM‑KISAN, छात्रवृत्ति, लक्ष्मी बाई महिला योजना, LPG सब्सिडी, पेंशन आदि- का पैसा अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। लेकिन कई बार लोगों के खाते में पैसा नहीं आता, जबकि बैंक खाता चालू होता है और IFSC, नाम‑नंबर भी सही होते हैं। इसकी मुख्य वजह अक्सर यह रहती है कि आपके खाते में NPCI Aadhaar Mapping (Aadhaar Seeding) की यह “सेटिंग” अभी ‘Disabled’ या ‘Off’ है।
यदि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है, लेकिन उसे Direct Benefit Transfer के लिए सक्षम नहीं किया गया है, तो सरकारी सब्सिडी या अनुदान आपके खाते में नहीं पहुंचेगा। यह वही तकनीकी रुकावट भरी स्थिति है जिसे आम भाषा में “DBT Alert: बैंक अकाउंट में यह सेटिंग है ‘OFF’” कहा जा रहा है। अच्छी खबर यह है कि आप घर बैठे अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में इस स्थिति की जांच कर सकते हैं और अगर जरूरत हो तो इसे ‘ON’ यानी ‘Enabled’ भी करा सकते हैं।
NPCI पोर्टल से खाते की DBT स्थिति कैसे चेक करें
सबसे पहले जरूरी है कि आप यह जानें कि आपका बैंक खाता सरकारी मदद के पैसे के लिए सक्षम है या नहीं। इसके लिए सबसे भरोसेमंद तरीका NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का पोर्टल है। आपको बस NPCI के ऑफिशियल कंज्यूमर पोर्टल पर जाकर ‘Consumer’ टैब के तहत ‘Bharat Aadhaar Seeding Enabler (BASE)’ सेक्शन में जाना होता है और वहां ‘Aadhaar Mapped Status’ वाला ऑप्शन चुनना होता है। इसके बाद आप 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा कोड भरते हैं, जिस पर OTP आता है; उस OTP को सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर यदि ‘Enabled for DBT’ लिखा दिखता है, तो समझ लें कि आपका खाता DBT के हिसाब से पूरी तरह ठीक है। अगर ऐसा न लिखे तो आपको आधार‑बैंक लिंकिंग की प्रक्रिया दोबारा करवानी होगी।
इसके अलावा UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर भी आप ‘Bank Seeding Status’ वाले ऑप्शन से देख सकते हैं कि आपका आधार किस बैंक और किस खाते से मैप किया गया है। अगर आपके पास इंटरनेट कनेक्शन न हो तो भी चिंता की कोई बात नहीं। अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से आप USSD कोड *99*99*1# डायल करके आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं और आपका Aadhaar‑bank DBT स्टेटस तुरंत दिखाया जा सकता है।
‘OFF’ DBT सेटिंग को ‘ON’ कैसे करें
अब जब जांच में यह पता चले कि आपकी DBT सेटिंग ‘Inactive’ या ‘Disabled’ है, तो अगला कदम उसे ‘ON’ करना है। इसके लिए आजकल ज्यादातर बड़े बैंक- जैसे SBI, HDFC, ICICI, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, PNB आदि- ने मोबाइल ऐप और नेट बैंकिंग के ज़रिए ही ‘Aadhaar Seeding’ या ‘DBT Mapping’ का विकल्प दिया है। आप बैंक के ऐप में लॉग इन करके खाता विवरण या KYC सेक्शन में जाकर आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं और Aadhaar‑bank लिंकेज की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके बाद 24 से 48 घंटों में NPCI के रिकॉर्ड में भी आपका खाता “Enabled for DBT” के रूप में दिखने लगता है।
अगर ऑनलाइन या ऐप से दिक्कत आए तो आप अपनी बैंक शाखा में जाकर भी यह काम करवा सकते हैं। ज्यादातर बैंक फॉर्म‑26 जैसे ‘Aadhaar Seeding / NPCI Mapping Consent Form’ देते हैं, जिसे भरकर जमा करने के बाद बैंक आपके आधार और खाते को दोबारा सीड कर देता है। इसके अलावा NPCI के BASE पोर्टल पर ‘Request for Aadhaar Seeding’ का विकल्प भी है, जहां से आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और बाद में ऐप या ब्रांच के ज़रिए अपडेशन ले सकते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि एक समय में आप सिर्फ एक ही बैंक खाते में DBT का लाभ ले सकते हैं। अगर आपके नाम के कई खाते हों, तो यह जरूरी है कि जिस खाते में आप सरकारी पैसा लेना चाहते हैं उसी को Aadhaar‑bank mapping के रूप में सेट करवाएं। इसके लिए जरूरी है कि आपका आधार आपके सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक हो, क्योंकि सभी OTP और अपडेट उसी नंबर पर आते हैं। इसके साथ‑साथ यह भी सुनिश्चित करें कि आपके खाते की KYC (E‑KYC) अपडेट है; नहीं तो लिंक होने के बाद भी पेमेंट रुक जाने की संभावना रहती है।
इन सरल कदमों को अपनाकर अक्सर लाखों लोगों की उलझन दूर हो जाती है और अगली बार जब सरकार आपके खाते में DBT पैसा भेजेगी, तो वह सही‑सलामत आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा, बिना बीच‑में रुकावट के।









