
अगर आप आयुष्मान योजना के जरिए मुफ्त इलाज का लाभ लेना चाहते हैं, तो अब आपको अपने कार्ड की e-KYC करानी होगी। सरकार के नए नियमों के अनुसार, बिना आधार कार्ड वेरिफिकेशन के न तो नया आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा और न ही पुराने कार्ड पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इसलिए, ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज का लाभ जारी रखने के लिए अपनी e-KYC प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर लें।
आयुष्मान कार्ड बनाने की नई और सुरक्षित प्रक्रिया
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने अब आयुष्मान कार्ड बनाने के नियमों को पहले से अधिक कड़ा कर दिया है। इसके लिए BIS 2.0 नाम का नया सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके तहत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। अब किसी भी व्यक्ति को नया आयुष्मान कार्ड तभी मिलेगा, जब वह अपने आधार कार्ड के जरिए e-KYC (पहचान का सत्यापन) पूरा कर लेगा। बिना इस वेरिफिकेशन के नया कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।
AI की मदद से फर्जी आयुष्मान कार्डों पर शिकंजा
आयुष्मान योजना में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। जांच के दौरान देशभर में लगभग 62,000 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें से 48,000 कार्डों की जमीनी स्तर पर जांच (फिजिकल वेरिफिकेशन) शुरू कर दी गई है। अगर जांच में कोई भी कार्ड फर्जी पाया जाता है, तो उस पर मिलने वाला मुफ्त इलाज तुरंत बंद कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल जरूरतमंद और असली लाभार्थियों को ही मिले।
नए सदस्यों को जोड़ने के नियमों में सख्ती
सरकार ने आयुष्मान कार्ड में परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को अब काफी कठिन बना दिया है। पहले यह काम आसानी से हो जाता था, लेकिन अब BIS 2.0 सिस्टम के तहत नए नाम जोड़ने का विकल्प लगभग बंद कर दिया गया है। अब केवल उन्हीं परिवारों में नए सदस्य जोड़े जा सकेंगे, जिनका नाम SECC-2011 की मूल सूची में पहले से मौजूद है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य योजना में हो रही धांधली को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि इसका लाभ केवल पात्र और गरीब लोगों को ही मिले।
आयुष्मान कार्ड के नियमों में बदलाव का मुख्य कारण
सरकार ने आयुष्मान योजना में ये कड़े बदलाव इसलिए किए हैं ताकि गलत तरीके से लाभ लेने वाले लोगों को रोका जा सके। कई अपात्र लोग इस सुविधा का फायदा उठा रहे थे, जिससे असली जरूरतमंदों तक मदद नहीं पहुँच पा रही थी और सरकारी धन का भी नुकसान हो रहा था।
इस फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए ही अब आधार लिंक और e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपके कार्ड की जानकारी सही नहीं है या वह आधार से लिंक नहीं है, तो अस्पताल में भर्ती होते समय आपको इलाज मिलने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए परेशानी से बचने के लिए समय रहते अपना स्टेटस जरूर चेक करवा लें।









