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Tata Sierra के माइलेज ने सबको चौंकाया! RTI में सामने आए पेट्रोल और डीजल वेरिएंट के आंकड़े, खरीदने से पहले देख लें

टाटा सिएरा के माइलेज को लेकर RTI ने खोला बड़ा राज। आधिकारिक ARAI आंकड़ों के अनुसार, 1.5L टर्बोपेट्रोल इंजन केवल 13.5 किमी/लीटर देता है, जबकि 1.5L डीजल वर्जन 18.8 किमी/लीटर की एफिशिएंसी सुनिश्चित करता है। कंपनी के 29.9 किमी/लीटर के दावे आदर्श परिस्थितियों तक सीमित हैं; रियल-वर्ल्ड में माइलेज 2-3 कम Expected है।

By Pinki Negi

Tata Sierra के माइलेज ने सबको चौंकाया! RTI में सामने आए पेट्रोल और डीजल वेरिएंट के आंकड़े, खरीदने से पहले देख लें

भारत के मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में बादल छा गए हैं। टाटा मोटर्स की फ्लैगशिप वापसी, टाटा सिएरा, अपने स्टाइलिस डिजाइन और फीचर्स के साथ चर्चा में थी, लेकिन अब इसकी फ्यूल एफिशिएंसी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हाल ही में रिaadत to Information (RTI) के जरिए सामने आए आधिकारिक आंकड़ों ने संभावित खरीदारों को सतर्क कर दिया है। कंपनी ने लॉन्च के समय जो दावे किए थे, वे ARAI (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन of इंडिया) के टेस्ट में पूरी तरह सही नहीं निकले।

RTI में क्या खुलासा हुआ?

नवंबर 2025 में लॉन्च होने के करीब चार महीने बाद, एक RTI आवेदन के जवाब में ARAI ने टाटा सिएरा के अलग-अलग इंजन विकल्पों के वास्तविक माइलेज फिगर्स प्रकट किए। आंकड़े स्पष्ट हैं: 1.5 लीटर TGDi टर्बोपेट्रोल इंजन केवल 13.5 किमी प्रति लीटर (kmpl) का माइलेज देता है, जबकि 1.5 लीटर क्रायोजेट डीजल इंजन 18.8 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी सुनिश्चित करता है।

यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने लॉन्च के दौरान इन ARAI सर्टिफाइड आंकड़ों को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया था। पहले मीडिया रिपोर्ट्स में 29.9 kmpl तक के दावे भी किए गए थे, जो NATRAX ट्रैक जैसे आदर्श परिस्थितियों में थे, लेकिन RTI के आंकड़े वास्तविक उपयोग के काफी करीब हैं।

पेट्रोल बनाम डीजल

ये आंकड़े पेट्रोल और डीजल इंजनों के बीच के Classical भंतर को रेखांकित करते हैं। टर्बोपेट्रोल वेरिएंट, जो अधिक परफॉर्मेंस, स्मूथ ड्राइविंग और तेज त्वरण के लिए जाना जाता है, इस मामले में पीछे रह जाता है। 13.5 kmpl का फिगर मिड-साइज एसयूवी के हिसाब से ‘सामान्य’ माना जाता है, क्योंकि इन वाहनों का वजन और एयरोडायनामिक्स फ्यूल खपत बढ़ा देते है।

दूसरी ओर, डीजल वेरिएंट फ्यूल एफिशिएंसी का राजा साबित हुआ है। 18.8 kmpl का आंकड़ा न केवल अच्छा है, बल्कि इस सेगमेंट के प्रतिस्पर्धी मॉडल्स के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है। लंबी दूरी, हाईवे ड्राइव और रोजमर्रा के हाई-किमी उपयोग (60 किमी से अधिक प्रतिदिन) के लिए डीजल वेरिएंट सबसे बेहतर विकल्प है।

ARAI बनाम रियल-वर्ल्ड माइलेज

हालांकि RTI के आंकड़े ARAI द्वारा मानक परिस्थितियों में टेस्ट किए गए हैं और विश्वसनीय हैं, लेकिन भारतीय ट्रैफिक, रोड कंडीशन्स और ड्राइविंग आदतों के मद्देनजर रियल-वर्ल्ड माइलेज इनसे 2-3 kmpl कम हो सकता है।

  • शहरी ड्राइविंग: पेट्रोल वेरिएंट में 11-12 kmpl और डीजल में 14-15 kmpl तक की उम्मीद की जा सकती है।
  • हाईवे ड्राइविंग: यहाँ डीजल वेरिएंट 18 kmpl तक और पेट्रोल 15 kmpl तक का परफॉर्मेंस दे सकता है।
    टाटा सिएरा के 50 लीटर के फ्यूल टैंक के साथ, डीजल वेरिएंट एक टैंक पर 800-900 किमी तक की रेंज दे सकता है, जो कि एसयूवी सेगमेंट में बहुत बड़ी बात है।

कौन सा वेरिएंट चुनें?

टाटा सिएरा अपने माइलेज आंकड़ों के साथ सेगमेंट में एक ‘बैलेंस्ड ऑप्शन’ साबित हो रही है। अगर आपका उपयोग ज्यादातर शहर में है और आप परफॉर्मेंस व स्मूथनेंस को प्राथमिकता देते हैं, तो टर्बोपेट्रोल बेहतर है। लेकिन, अगर आपकी प्राथमिकता कम फ्यूल बिल और लंबी दूरी की यात्रा है, तो 18.8 kmpl वाला डीजल वेरिएंट साफ़ विजेता है। खरीदने से पहले अपनी ड्राइविंग आदतों को समझना और एक बार टेस्ट ड्राइव जरूर लेना चाहिए।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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