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ई-कारें बेचने में इन कंपनियों ने गाड़े झंडे! बना दिया बिक्री का नया रिकॉर्ड, इन मॉडलों की है सबसे ज्यादा डिमांड

भारत में इलेक्ट्रिक कारों ने वित्त वर्ष 2026 में कमाल कर दिखाया। 1,98,224 यूनिट्स बिकीं, 84% उछाल के साथ। टाटा (77,658 यूनिट्स, 39.2% शेयर), MG (52,408) और महिंद्रा (42,006, 21.2%) ने बाजार पर कब्जा जमाया। मार्च में 19,711 रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड बने। बेहतर रेंज और सप्लाई ने डिमांड बढ़ाई।

By Pinki Negi

tata motors became number 1 in electric car segment leave behind mg and mahindra

वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल 2025-मार्च 2026) में पैसेंजर ईवी सेगमेंट ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। कुल 1,98,224 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 84 प्रतिशत की उछाल दर्शाती है। 47 लाख के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में ईवी की हिस्सेदारी 2.7 प्रतिशत से बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई। कम बजट वाली कारों की एंट्री, बेहतर रेंज और बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क ने खरीदारों को आकर्षित किया।

मार्च 2026 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

मार्च 2026 ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया। इस महीने 19,711 ईवी कारें रजिस्टर्ड हुईं, जो अब तक का मासिक हाई है। सब्सिडी बदलाव की अफवाहों और CAFE-2 मानकों ने खरीदारी की होड़ मचा दी। टाटा ने 8,224 यूनिट, महिंद्रा 5,217 और MG 5,113 बेचीं। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन मजबूत होने से डिलीवरी समय कम हुआ, जिससे डिमांड फुल हुई। हालांकि, चार्जिंग स्टेशनों की कमी और पार्किंग दिक्कतें अभी चुनौतियां बनी हुई हैं।

टाटा की नंबर वन पोजीशन बरकरार

कंपनियों के बीच मुकाबला कांटे का रहा। टाटा मोटर्स ने 77,658 यूनिट बेचकर नंबर वन की कुर्सी बरकरार रखी, लेकिन मार्केट शेयर 53.4 प्रतिशत से घटकर 39.2 प्रतिशत हो गया। नेक्सन ईवी और पंच ईवी जैसे मॉडल्स ने धूम मचाई। नेक्सन ने जनवरी में अकेले 3,098 यूनिट बिकीं।

MG का मजबूत प्रदर्शन

JSW MG मोटर ने 52,408 यूनिट (26.4 प्रतिशत शेयर) के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। विंडसर ईवी ने टॉप चार्ट पर राज किया, 74 प्रतिशत सालाना ग्रोथ के साथ।

महिंद्रा की रॉकेट जैसी स्पीड

महिंद्रा ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी। बिक्री 5 गुना उछलकर 42,006 यूनिट पहुंची, मार्केट शेयर 7.8 से 21.2 प्रतिशत। XEV 9e, BE 6 और BE 07 जैसे नए SUVs ने कमाल किया। कंपनी की कुल 6.6 लाख गाड़ियों में ईवी की हिस्सेदारी 6.4 प्रतिशत रही। अन्य कंपनियां जैसे किआ (क्रेटा ईवी), हुंडई और विनफास्ट भी पीछे नहीं रहीं।

चुनौतियां और भविष्य की राह

GST 2.0 ने थोड़ा झटका दिया। पेट्रोल-डीजल कारों पर जीएसटी घटने से ईवी के साथ प्राइस गैप बढ़ा, लेकिन लंबी रेंज (400-500 किमी) ने खरीदारों को बांधे रखा। सरकार की नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर पुश से ईवी बाजार 2027 तक दोगुना होने का अनुमान है। फिलहाल, टाटा, MG और महिंद्रा ने झंडे गाड़ दिए। ई-कारें अब सिर्फ लग्जरी नहीं, आम आदमी की पसंद बन रही हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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