
लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत में अपनी सभी कारों की कीमतों में औसतन 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगी, जो कंपनी के पूरे मॉडल लाइनअप- सेडान, एसयूवी, इलेक्ट्रिक वाहन, कूपे, कैब्रियोलेट और परफॉर्मेंस मॉडल्स – पर असर डालेंगी। बढ़ती इनपुट लागतों, लॉजिस्टिक्स खर्च और रुपये के यूरो के मुकाबले कमजोर होने के कारण कंपनी को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। पिछले कुछ महीनों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियां और विदेशी मुद्रा बाजार की अस्थिरता लग्जरी सेगमेंट को प्रभावित कर रही हैं।
कीमत बढ़ोतरी के पीछे की मुख्य वजहें
मर्सिडीज-बेंज की लग्जरी कारों में ज्यादातर पार्ट्स और उन्नत तकनीकें जर्मनी व अन्य देशों से आयात की जाती हैं, जिससे करेंसी उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। कंपनी के अनुसार, हालिया समय में कच्चे माल, सेमी-कंडक्टर चिप्स और शिपिंग लागतों में आई तेज बढ़ोतरी ने उत्पादन खर्च को ऊंचा कर दिया।
इसके अलावा, भारत में जीएसटी में कोई बदलाव न होने के बावजूद वैश्विक इन्फ्लेशन ने दबाव बनाया। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ऑडी जैसी अन्य लग्जरी ब्रांड्स ने भी इसी वजह से 2% हाइक की घोषणा की है, जो पूरे सेगमेंट में ट्रेंड सेट कर रहा। मर्सिडीज ने पहले इन लागतों को खुद absorb किया, लेकिन अब न्यूनतम ग्राहक प्रभाव के साथ एडजस्टमेंट जरूरी हो गया।
कंपनी का आधिकारिक बयान और रणनीति
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग वाइस प्रेसिडेंट ब्रेंडन सिसिंग ने कहा, “हम ग्राहक अनुभव और प्रीमियम क्वालिटी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विदेशी मुद्रा में अस्थिरता और बढ़ती लागतों के बावजूद, हमने हाइक को बहुत कम रखा है ताकि लंबे समय तक स्थिरता बनी रहे।” कंपनी का फोकस अब भी इनोवेशन और कस्टमर सेंट्रीसिटी पर है। भारत में मर्सिडीज की बिक्री 2025 में 18% बढ़ी थी, लेकिन 2026 की पहली तिमाही में चुनौतियां बरकरार हैं। यह हाइक बिजनेस सस्टेनेबिलिटी सुनिश्चित करेगा, साथ ही ग्राहकों को वैल्यू-एडेड सर्विसेज मिलती रहेंगी।
प्रभावित मॉडल्स और अनुमानित नई कीमतें
यह बढ़ोतरी पूरे पोर्टफोलियो पर लागू होगी, जिसमें सी-क्लास, ई-क्लास, जीएलसी, जीएलई, जीएलएस, ईक्यूसी (इलेक्ट्रिक) और एएमजी वेरिएंट शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर:
- मर्सिडीज-बेंज जीएलएस (वर्तमान एक्स-शोरूम ~1.32 करोड़) अब ~1.34-1.35 करोड़ तक महंगी हो सकती है।
- सी-क्लास (58.65 लाख से शुरू) पर ~1.17 लाख की बढ़ोतरी, नई कीमत ~59.82 लाख।
- जीएलसी एसयूवी (~74 लाख) ~75.5 लाख तक पहुंच सकती है।
इन आंकड़ों से साफ है कि टॉप-एंड मॉडल्स पर लाखों का फर्क पड़ेगा। कंपनी ने मॉडल-वाइज ब्रेकअप नहीं दिया, लेकिन 2% औसत पर सभी वेरिएंट्स प्रभावित होंगे। वर्तमान में कारवाले और कारडेको जैसी साइट्स पर अपडेटेड प्राइस लिस्ट चेक करें।
खरीदारों के लिए सलाह और बाजार पर प्रभाव
लग्जरी कार खरीदारों को 31 मार्च तक जल्द बुकिंग करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि 2% हाइक से 1 करोड़ की कार पर 2 लाख अतिरिक्त चुकाना पड़ेगा। डीलरशिप्स पर चल रहे ऑफर्स, जैसे CLE कैब्रियोलेट पर डिस्काउंट, का फायदा उठाएं। बाजार में यह खबर बीएमडब्ल्यू और लेक्सस जैसे प्रतिद्वंद्वियों को भी प्रॉम्प्ट कर सकती है।
भारत का लग्जरी कार बाजार 2026 में 20% ग्रोथ की उम्मीद पर है, लेकिन यह हाइक डिमांड को थोड़ा प्रभावित कर सकता है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक मॉडल्स की ओर रुख कर रहे हैं, जहां सब्सिडी बेनिफिट्स बरकरार हैं। कुल मिलाकर, मर्सिडीज का यह कदम सेक्टर की वास्तविकताओं को दर्शाता है- लागत कंट्रोल और ग्राहक ट्रस्ट का बैलेंस।









