
असम सरकार ने प्रोपर्टी बेचने और खरीदने के लिए सख्त नियम बनाएं है. अगर अलग-अलग धर्म के लोग आपस में कोई संपत्ति खरीदते या बेचते हैं, तो राज्य पुलिस की स्पेशल ब्रांच इस मामले के जांच करेगी. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसंख्या में बदलाव को देखते हुए लिया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि हर साल बांग्लादेश से कई लोग अवैध रूप से हमारे देश में घुस रहे है, जिन्हें रोकने के लिए सरकार ने 30 सितंबर के बाद 18 वर्ष के लोगों का आधार कार्ड बनाना बंद कर दिया है.
पुलिस की स्पेशल टीम करेगी जांच
कैबिनेट नोट में बताया गया है कि नया नियम अंतरधार्मिक जोड़ों के बीच ज़मीन के लेन-देन को लेकर बनाया गया है, ताकि कोई धोखे, ज़बरदस्ती या गैरकानूनी तरीके से जमीन का लेन -देन न करें. इस मामले में डिप्टी कमिश्नर तभी कोई फैसला लेंगे, जब उन्हें राज्य पुलिस की स्पेशल ब्रांच से रिपोर्ट मिलेगी. नए नियम से यह तय हो जायेगा कि भी के साथ बराबरी का व्यवहार हो.
सावधानी के साथ होगा ज़मीन का लेन-देन
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में दूसरे देश के लोगों को रोकने के लिए यह नियम बनाया गया है. इसलिए ऐसे संवेदनशील राज्य में जमीन की लेन-देन का काम बड़ी सावधानी से किया जाना चाहिए. दो धर्मों के समूहों के बीच होने वाले सभी लेन-देन अब सीधे सरकार के पास आएंगे, जहाँ उनकी जाँच स्पेशल ब्रांच करेगी. उन्होंने कहा कि इस नए नियम उद्देश्य वहां के मूल निवासियों के ज़मीन के अधिकारों की रक्षा करना है. खासतौर पर यह नया नियम उन एनजीओ पर भी लागू होगा जो असम के बाहर से आकर शिक्षा या स्वास्थ्य के लिए ज़मीन खरीदना चाहते हैं.
