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स्मार्टफोन से गायब हो जाएंगे सारे Apps! Nothing के CEO कार्ल पेई ने दी भविष्य की बड़ी चेतावनी

नथिंग के CEO कार्ल पेई का मानना है कि आने वाले सालों में स्मार्टफोन से पारंपरिक ऐप्स लगभग गायब हो जाएंगे और उनकी जगह एआई एजेंट ले लेंगे। यूजर सिर्फ अपनी जरूरत बोलेगा और एआई बैकग्राउंड में टेबल बुकिंग, कैब, कैलेंडर, मैसेज जैसे सारे काम खुद ऑटोमैटिक तरीके से निपटा देगा, जिससे पूरा अनुभव स्मूद और कम जटिल होगा।

By Pinki Negi

स्मार्टफोन से गायब हो जाएंगे सारे Apps! Nothing के CEO कार्ल पेई ने दी भविष्य की बड़ी चेतावनी

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में अगली बड़ी क्रांति शायद आपके होमस्क्रीन से शुरू होगी- या यूं कहें, वहां से ऐप्स के गायब होने से। Nothing के CEO और को-फाउंडर कार्ल पेई ने हाल ही में स्मार्टफोन के भविष्य को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने टेक जगत में नई बहस छेड़ दी है। उनके मुताबिक आने वाले समय में फोन से पारंपरिक ऐप्स लगभग खत्म हो जाएंगे और उनकी जगह एआई एजेंट (AI Agents) ले लेंगे, जो यूजर के लिए ज्यादातर काम अपने आप संभाल लेंगे।

20 साल पुराना ऐप मॉडल

पेई का मानना है कि फिलहाल दुनिया जिस “ऐप-सेंट्रिक” मॉडल पर चल रही है, वह करीब दो दशक पुराना ढांचा है, जो अब यूजर्स के लिए न सिर्फ जटिल बल्कि बोरिंग भी हो चुका है। SXSW जैसे बड़े टेक इवेंट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज स्मार्टफोन की मूल संरचना- लॉक स्क्रीन, होम स्क्रीन और आइकन के रूप में सजे ढेरों ऐप्स – पिछले 15-20 साल में बहुत ज्यादा नहीं बदली है। लोगों को हर छोटे काम के लिए अलग-अलग ऐप खोलने पड़ते हैं, अलग इंटरफेस समझने पड़ते हैं और अलग-अलग सर्विसेज को मैनेज करना पड़ता है; ये पूरा अनुभव अब वक्त और दिमाग, दोनों पर बोझ डालने लगा है।

कॉफी डेट के लिए भी यूजर बनता है ‘ऑपरेटर’

उन्होंने एक साधारण उदाहरण देकर इस मॉडल की कमियां समझाईं। मान लीजिए, किसी को शाम को दोस्त के साथ कॉफी पर जाना है। इसके लिए यूजर को आमतौर पर पहले रेस्टोरेंट या कैफे में टेबल रिजर्व करने के लिए एक ऐप खोलना पड़ता है, फिर मैसेज या चैटिंग ऐप से दोस्त को सूचना भेजनी होती है, फिर कैलेंडर ऐप में इवेंट डालना पड़ता है और उसके बाद राइड-हेलिंग ऐप से कैब बुक करनी पड़ती है। एक साधारण आउटिंग प्लान करने के लिए इतने सारे स्टेप और ऐप्स के बीच जूझना पड़ता है कि खुद यूजर “ऑपरेटर” या “एडमिन” जैसा महसूस करने लगता है।

यूजर की ‘इंटेंट’, काम करेगा AI एजेंट

पेई के मुताबिक भविष्य की दिशा बिल्कुल उलटी होगी। आने वाले समय में यूजर को सिर्फ अपनी जरूरत या इरादा बताना होगा – जैसे, “कल शाम 6 बजे कनॉट प्लेस में कॉफी मीटिंग प्लान कर दो, बजट इतना है और टाइम इतना रखना है।” इसके बाद एक शक्तिशाली एआई एजेंट बैकग्राउंड में खुद तय करेगा कि किस ऐप या सर्विस से बात करनी है, कहां टेबल बुक करनी है, किस मैप या कैब सर्विस से रूट और राइड फाइनल करनी है, किस कैलेंडर में इवेंट डालना है और किस प्लेटफॉर्म से कन्फर्मेशन भेजना है। यूजर के लिए यह पूरा काम एक ही बातचीत या कमांड में हो जाएगा, उसे अलग-अलग ऐप्स का “मैनुअल ऑपरेटर” नहीं बनना पड़ेगा।

होम स्क्रीन से ऐप आइकन गायब

इस विजन में स्मार्टफोन स्क्रीन पर दिखने वाले सैकड़ों ऐप आइकन की अहमियत काफी हद तक कम हो जाती है। सामने की लेयर एक एआई-ड्रिवन इंटरफेस होगी, जो चैट, वॉइस या कॉन्टेक्स्ट के आधार पर यूजर से बात करेगी, जबकि नीचे छुपी लेयर में वही सर्विसेज, प्लेटफॉर्म और कंपनियां काम करती रहेंगी जिन्हें हम आज ऐप्स या प्लेटफॉर्म के रूप में जानते हैं। फर्क बस इतना होगा कि इन सर्विसेज को सीधे इंसान नहीं, बल्कि एआई एजेंट ऑपरेट करेंगे।

डेवलपर्स के लिए अलर्ट

कार्ल पेई ने इस बदलाव को लेकर डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों को खुली चेतावनी भी दी है। उनके अनुसार, अगर किसी कंपनी का पूरा बिजनेस मॉडल सिर्फ इस पर टिका है कि यूजर उसका ऐप इंस्टॉल करे और रोज खुद खोल कर इस्तेमाल करे, तो उसे अपनी रणनीति पर दोबारा सोचना पड़ेगा। आने वाले दौर में असली मूल्य उन सेवाओं का होगा जो एआई एजेंट के लिए आसान इंटरफेस प्रदान कर सकें- यानी मजबूत एपीआई, कनेक्टर और एआई-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर। कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स को इस तरह डिजाइन करना होगा कि उन्हें सीधे यूजर नहीं, बल्कि यूजर के लिए काम कर रहे एआई एजेंट आसानी से एक्सेस और कंट्रोल कर सकें।

‘इनविजिबल टेक’ की ओर शिफ्ट

पेई की इस भविष्यवाणी का एक अहम संदेश यह भी है कि टेक्नोलॉजी का फोकस “स्क्रीन पर समय बिताने” से हटकर “काम को ऑटोमैटिक और इनविजिबल तरीके से पूरा करने” की तरफ शिफ्ट हो रहा है। जहां आज की दौड़ यूजर का स्क्रीन टाइम और ऐप एंगेजमेंट बढ़ाने पर है, वहीं अगली पीढ़ी के डिवाइसेज शायद यूजर को कम से कम स्क्रीन देखने पर मजबूर करें, लेकिन उसके ज्यादा से ज्यादा काम चुपचाप निपटा दें।

इंडस्ट्री के लिए बड़ा मोड़

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इसे स्मार्टफोन इकोसिस्टम के लिए एक बड़े मोड़ के रूप में देख रहे हैं, जहां हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और एआई की नई त्रिकोणीय साझेदारी तय करेगी कि कल का फोन कैसा दिखेगा- और उससे भी ज्यादा, वह आपके लिए क्या-क्या खुद बखुद कर पाएगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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