
राष्ट्रपति भवन का खूबसूरत अमृत उद्यान एक बार फिर जनता के लिए खुल चुका है। अगर आप यहाँ के रंग-बिरंगे फूलों और शांत माहौल का आनंद लेना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि अब ऑनलाइन स्लॉट बुक करना अनिवार्य कर दिया गया है। भीड़ को संभालने और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस बार एंट्री सिस्टम में बदलाव किए गए हैं। साथ ही, स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे इसे एक शैक्षिक भ्रमण (Educational Visit) के रूप में देख सकें। यदि आप ग्रुप में जाने का प्लान बना रहे हैं, तो घर से निकलने पहले नए नियमों को अच्छी तरह ज़रूर समझ लें।
अमृत उद्यान जाने का नया नियम
अगर आप राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान जाने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं! अब गेट पर पहुँचकर तुरंत रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब आप अचानक वहाँ जाकर प्रवेश नहीं पा सकेंगे। उद्यान घूमने के लिए आपको अपनी विजिट से कम से कम एक दिन पहले सुबह 10 बजे तक राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाकर अपना टाइम स्लॉट ऑनलाइन बुक करना अनिवार्य होगा। बिना एडवांस बुकिंग के किसी भी विजिटर को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एक बुकिंग पर केवल 6 लोग, समय का रखें खास ध्यान
अमृत उद्यान में प्रवेश के नियम अब काफी सख्त कर दिए गए हैं। यहाँ हर विजिटर को एक निश्चित समय (टाइम स्लॉट) दिया जाता है और आपको उसी तय समय पर गेट पर पहुँचना होगा। सामान्य बुकिंग के तहत एक बार में अधिकतम 6 लोगों को ही ले जाया जा सकता है। वहीं, स्कूल और कॉलेज के ग्रुप्स के लिए एक अलग कैटेगरी बनाई गई है, लेकिन उनके लिए भी प्री-बुकिंग अनिवार्य है। याद रखें, यदि आपने पहले से स्लॉट बुक नहीं किया है, तो आपको गेट से प्रवेश नहीं मिलेगा।
छात्रों के लिए विशेष नियम, 50 की लिमिट और क्यूआर कोड से मिलेगी जानकारी
अमृत उद्यान में एजुकेशनल विजिट के लिए इस बार नए नियम लागू किए गए हैं। एक स्कूल या कॉलेज ग्रुप में अधिकतम 50 छात्र शामिल हो सकते हैं, जिनके साथ उनके टीचर्स या स्टाफ भी जा सकते हैं। ग्रुप लीडर को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय ही सभी छात्रों और स्टाफ की पूरी जानकारी देनी होगी। ध्यान रहे कि यहाँ समय का पालन बहुत सख्ती से होता है, इसलिए देर से पहुँचने पर एंट्री नहीं दी जाएगी। यह विजिट छात्रों के लिए सीखने का भी बेहतरीन मौका है, क्योंकि उद्यान में पौधों और गुलाबों के पास क्यूआर (QR) कोड लगे हैं। इन्हें स्कैन करके छात्र सीधे अपने फोन पर उन पौधों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।









