
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार ने उन लाखों कर्मचारियों की चिंता दूर कर दी है जो 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में साफ किया कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशनभोगियों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार के पास यह अधिकार है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशों को कब और कैसे लागू करे, लेकिन इसका मकसद सभी पेंशनभोगियों को उचित लाभ देना है। इस अपडेट से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो इस उलझन में थे कि क्या उन्हें नए वेतन आयोग के तहत रिवाइज्ड पेंशन (बढ़ी हुई पेंशन) का फायदा मिलेगा या नहीं।
क्या 2025 का बजट आपकी पेंशन बढ़ाएगा? वित्त मंत्रालय की सफाई
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों की पेंशन किसी एक बिल से नहीं, बल्कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) नियम के तहत चलती है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद पेंशन में जो भी बदलाव होंगे, वे सरकार द्वारा जारी किए गए विशेष आदेशों के जरिए आएंगे।
यह प्रक्रिया फाइनेंस बिल 2025 के माध्यम से अपने आप (Automatically) नहीं होती। आसान भाषा में समझें तो, जब सरकार पे कमीशन की सिफारिशों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लेगी, तभी पेंशन रिवीजन के अलग से नियम जारी किए जाएंगे। इससे यह साफ हो गया है कि पेंशन में सुधार की प्रक्रिया एक व्यवस्थित कानूनी तरीके से पूरी की जाएगी।
क्या फाइनेंस एक्ट 2025 से बदलेगी आपकी पेंशन? जानें सरकार का रुख
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वेतन आयोग (Pay Commission) एक विशेषज्ञ संस्था है, जिसका काम सरकारी कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से सैलरी, भत्ते और पेंशन तय करना है। उन्होंने साफ किया कि फाइनेंस एक्ट 2025 ने केवल पेंशन देने के मौजूदा नियमों और बजट फंड (Consolidated Fund of India) से जुड़े सिद्धांतों को मंजूरी दी है।
इसका मतलब यह है कि इस एक्ट ने सिविल या डिफेंस पेंशन के मौजूदा नियमों में खुद से कोई बदलाव नहीं किया है। पेंशन में कोई भी बड़ा सुधार या बदलाव केवल तभी होगा जब सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार करेगी और नए आदेश जारी करेगी।
पेंशन में बदलाव कब और कैसे? सरकार ने बताया असली फॉर्मूला
वित्त राज्य मंत्री ने साफ़ किया कि पेंशन की राशि में कोई भी फेरबदल मनमर्जी से नहीं, बल्कि तय कानूनी नियमों (Statutory Rules) के आधार पर ही होता है। प्रक्रिया बहुत सरल है: सबसे पहले वेतन आयोग (Pay Commission) अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपता है, फिर सरकार उन सिफारिशों पर विचार करके उन्हें स्वीकार करती है। इसके बाद ही सरकार ‘सामान्य आदेश’ जारी करती है, जिससे पेंशन में बढ़ोतरी या संशोधन का रास्ता साफ होता है। यानी, जब तक सरकार आधिकारिक तौर पर वेतन आयोग की बातों को मानकर नया आदेश नहीं निकालती, तब तक पेंशन के पुराने नियम ही लागू रहते हैं।
वेबसाइट लॉन्च और जनता से मांगे सुझाव, जानें कब आएगी रिपोर्ट
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 को ही 8वें वेतन आयोग के गठन और उसके नियमों को अधिसूचित (Notify) कर दिया था। अब आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू कर दी है।
सबसे खास बात यह है कि आयोग ने MyGov पोर्टल पर एक प्रश्नावली (Questionnaire) जारी की है, जिसके जरिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से सीधा फीडबैक लिया जा रहा है। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन तय करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, ताकि सबकी राय जानकर एक बेहतर फैसला लिया जा सके।









