
वीडियो स्ट्रीमिंग की दुनिया पर राज करने वाली यूट्यूब ने एक बार फिर अपना पुराना लेकिन क्रांतिकारी फीचर ‘डायरेक्ट मैसेजिंग’ को पुनर्जीवित कर दिया है। कंपनी ने इस फीचर को अब यूरोप के 31 देशों में रोलआउट कर दिया है, जो व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसी मैसेजिंग दिग्गजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। पहले टेस्टिंग के दौरान यह केवल पोलैंड और आयरलैंड तक सीमित था, लेकिन अब ऑस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, बेल्जियम और स्वीडन जैसे देशों में उपलब्ध हो गया है।
यह कदम यूट्यूब की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें प्लेटफॉर्म को महज वीडियो देखने का माध्यम न बनाकर सोशल नेटवर्किंग हब में तब्दील किया जा रहा है। यूजर्स अब ऐप के अंदर ही वीडियो, शॉर्ट्स और लाइव स्ट्रीम शेयर कर सकेंगे, बिना लिंक कॉपी-पेस्ट कर व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम पर स्विच किए। सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यूजर एंगेजमेंट बढ़ेगा और ऐप छोड़ने की दर कम होगी। भारत और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में जल्द लॉन्च की उम्मीद है।
फीचर कैसे काम करता है?
यूट्यूब ऐप में वीडियो देखते हुए शेयर बटन पर क्लिक करने से फुल-स्क्रीन चैट विंडो खुलेगी। यहां टेक्स्ट, इमोजी, वीडियो रिप्लाई और ग्रुप चैट्स संभव होंगे। चैट शुरू करने के लिए ‘इनवाइट लिंक’ जेनरेट करना पड़ता है, जो 7 दिनों तक वैलिड रहता है। प्राप्तकर्ता लिंक स्वीकार करे तो कनेक्शन स्थापित। वन-टू-वन या ग्रुप चैट्स में वीडियो प्राइवेटली शेयर हो सकेंगे, जो डेटा बचत भी सुनिश्चित करेगा।
सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। केवल 18+ उम्र के साइन-इन यूजर्स ही इस्तेमाल कर सकेंगे, जिसमें उम्र वेरिफिकेशन जरूरी। मैसेजेस को अनसेंड या डिलीट करने का ऑप्शन है, और स्पैम रोकने के लिए कम्युनिटी गाइडलाइंस मॉनिटरिंग होगी। जीआईएफ या फाइल शेयरिंग अभी उपलब्ध नहीं, लेकिन एन्क्रिप्टेड मैसेजेस हैं।
व्हाट्सएप की नींद हराम क्यों?
भारत जैसे देश में जहां व्हाट्सएप का दबदबा है, यूट्यूब का यह फीचर वीडियो शेयरिंग को ऐप-इन-ऐप बना देगा। पहले यूजर्स लिंक शेयर कर ऐप स्विच करते थे, जो समय और डेटा खर्चीला था। अब यूट्यूब क्रिएटर्स फैंस से डायरेक्ट बातचीत कर सकेंगे, जो एंगेजमेंट बढ़ाएगा। इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉक को भी टक्कर मिलेगी। एक्सपर्ट्स कहते हैं, ‘यह मेटा और बाइटडांस के लिए अलार्म है।’
इतिहास और वापसी की वजह
2019 में यूट्यूब ने अपना पुराना मैसेजिंग फीचर बंद कर दिया था, क्योंकि कम यूज और प्राइवेसी इश्यूज थे। लेकिन 2025 के अंत से टेस्टिंग शुरू हुई, और 2026 में विस्तार। यूजर डिमांड, राइवल्स की ग्रोथ और एंगेजमेंट बढ़ाने की होड़ ने इसे वापस लाया। एंड्रॉयड अथॉरिटी और पुइनिका वेब ने सबसे पहले स्पॉट किया।
भारत के लिए क्या मतलब?
भारतीय यूजर्स, खासकर कंटेंट क्रिएटर्स, को इंतजार। 500 मिलियन+ यूजर्स वाले बाजार में रोलआउट जल्द संभव। इससे शॉर्ट्स शेयरिंग आसान होगी। लेकिन प्राइवेसी चिंताएं बरकरार- स्कैम्स से सावधान रहें। यूट्यूब सपोर्ट पेज पर अपडेट चेक करें। यह फीचर यूट्यूब को ‘सुपर ऐप’ बना सकता है। क्या व्हाट्सएप जवाब दे पाएगा? आने वाले महीने बताएंगे।





