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अब भारत में ही बनेगा ‘राफेल’, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के एक फैसले से कांपा चीन

रक्षा क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक छलांग! अब विदेशी धरती पर नहीं, बल्कि 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में ही तैयार होंगे राफेल विमान। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के इस साहसिक फैसले ने कैसे बदल दी दक्षिण एशिया की सैन्य रणनीति और क्यों उड़ गई है चीन की नींद? पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

By Pinki Negi

अब भारत में ही बनेगा 'राफेल', फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के एक फैसले से कांपा चीन
अब भारत में ही बनेगा ‘राफेल’

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के साथ हुई राफेल डील का खुलकर समर्थन किया है और इस पर उठने वाले सभी सवालों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समझौता न केवल भारत की सैन्य ताकत को आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच अटूट रिश्तों को भी एक नई दिशा देगा। मैक्रों के अनुसार, राफेल विमानों का भारत में होना क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए बेहद जरूरी है।

“मुझे भारत से प्यार है”: राफेल डील पर बोले मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के प्रति अपना गहरा प्रेम जताते हुए 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को भारत की सैन्य शक्ति के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि भारत का एक वर्ग इस महत्वपूर्ण डील की आलोचना क्यों कर रहा है, जबकि यह समझौता न केवल देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाएगा बल्कि रोजगार के ढेरों नए अवसर भी पैदा करेगा। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G7 शिखर सम्मेलन में ‘विशेष अतिथि’ के रूप में आमंत्रित कर दोनों देशों की मजबूत दोस्ती का एक और बड़ा सबूत दिया है।

अब ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही बनेंगे राफेल विमान

दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान मीडिया से बात करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने 114 नए राफेल विमानों की खरीद और उनके सह-उत्पादन (Co-production) की इच्छा जताई है। मैक्रों ने जोर देकर कहा कि इस बार विमान केवल खरीदे नहीं जाएंगे, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ इस पूरी योजना का मुख्य हिस्सा होगा। इसका मतलब है कि राफेल का निर्माण अब भारतीय जमीन पर होगा, जिससे न केवल स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत लड़ाकू विमानों के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा।

राफेल के पुर्जे भी अब भारत में बनेंगे, मैक्रों का बड़ा वादा

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि राफेल विमानों का निर्माण अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें अधिकतम स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत में ही महत्वपूर्ण उपकरणों और कलपुर्जों के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैक्रों ने आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए कहा कि यह समझौता भारत को सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा और हज़ारों नई नौकरियाँ पैदा करेगा। उन्होंने भारत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस रणनीतिक साझेदारी में फ्रांस एक अटूट साथी की तरह खड़ा है।

14 नए राफेल विमानों की खरीद को सरकार ने दी हरी झंडी

भारतीय वायुसेना को और भी घातक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पिछले हफ्ते रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 14 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सौदा ‘सरकार-से-सरकार’ (G-to-G) फ्रेमवर्क के तहत किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये मल्टी-रोल लड़ाकू विमान हर तरह के मौसम और कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। इन विमानों के बेड़े में शामिल होने से भारतीय वायुसेना की रणनीतिक पकड़ और मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

मैक्रों ने भारत-फ्रांस दोस्ती को बताया वैश्विक शक्ति

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और फ्रांस के रिश्तों को केवल एक समझौता नहीं, बल्कि एक ‘वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों का सहयोग अब केवल लड़ाकू विमानों की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा। फ्रांस अब भारत के साथ मिलकर पनडुब्बियों (Submarines) के निर्माण और सैन्य उपकरणों के रखरखाव (Maintenance) की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम करना चाहता है। मैक्रों का यह विजन दर्शाता है कि हिंद महासागर से लेकर अंतरिक्ष तक, दोनों देश एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साथी बनकर उभर रहे हैं।

G7 समिट में छाएगा भारत

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी जुलाई में फ्रांस की राजकीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी G7 शिखर सम्मेलन में ‘विशेष अतिथि’ के रूप में शिरकत करेंगे।

मैक्रों ने जोर देकर कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध वर्तमान में अपने सबसे सुनहरे दौर (उच्चतम बिंदु) पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी इस बार न केवल भारत के प्रतिनिधि के रूप में, बल्कि ब्रिक्स (BRICS) के अध्यक्ष के तौर पर भी इस वैश्विक मंच का हिस्सा बनेंगे, जो दुनिया की राजनीति में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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