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आपके GST नंबर में ही छिपा है आपका PAN कार्ड! अगर नहीं मिल रहा तो समझिए फर्जी है दुकान, ऐसे करें असली-नकली की पहचान

क्या आप जानते हैं कि आपके जीएसटी नंबर के 10 अंक असल में आपका पैन कार्ड नंबर होते हैं? अगर दुकानदार के बिल पर यह मेल नहीं खाता, तो आप ठगी का शिकार हो सकते हैं। जानें असली-नकली की पहचान का आसान तरीका।

By Pinki Negi

आपके GST नंबर में ही छिपा है आपका PAN कार्ड! अगर नहीं मिल रहा तो समझिए फर्जी है दुकान, ऐसे करें असली-नकली की पहचान
PAN कार्ड

अगर आपके बिजनेस का सालाना टर्नओवर ₹20 लाख या उससे अधिक है, तो आपके लिए जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। अच्छी बात यह है कि सरकार इस रजिस्ट्रेशन के लिए कोई शुल्क नहीं लेती, यह बिल्कुल मुफ्त है। लेकिन सावधानी जरूरी है—यदि आप समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं, तो आपको बकाया टैक्स का 10% या ₹10,000 का जुर्माना भरना पड़ सकता है। टैक्स चोरी के मामलों में तो यह जुर्माना 100% तक जा सकता है। इसके अलावा, यदि आप एक से ज्यादा राज्यों में व्यापार करते हैं, तो आपको हर राज्य के लिए अलग जीएसटी नंबर लेना होगा।

ऐसे करें 15 अंकों के GST नंबर की पहचान और धोखाधड़ी से बचें

जीएसटी नंबर (GSTIN) केवल रैंडम नंबर नहीं होता, बल्कि यह 15 अंकों का एक खास कोड है जिसे आप आसानी से समझ सकते हैं। इसके शुरुआती दो अंक राज्य के कोड को दर्शाते हैं और उसके बाद के 10 अंक सीधे आपके पैन (PAN) कार्ड नंबर होते हैं। यदि किसी बिल या फर्म का जीएसटी नंबर उसके पैन कार्ड से मेल नहीं खाता है, तो समझ लीजिए कि नंबर में कोई गड़बड़ी या धोखाधड़ी हो सकती है। सुरक्षित लेन-देन के लिए हमेशा पैन कार्ड नंबर से जीएसटी नंबर को क्रॉस-चेक जरूर करना चाहिए, ताकि आप फर्जी बिलिंग का शिकार होने से बच सकें।

आधिकारिक पोर्टल पर ऐसे करें ऑनलाइन वेरिफिकेशन

देश में 2017 से लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) ने वैट और सर्विस टैक्स जैसे कई जटिल अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर टैक्स सिस्टम को सरल बना दिया है। लेकिन बाजार में फर्जी जीएसटी नंबर से बचने के लिए इसकी जांच करना जरूरी है। आप आधिकारिक पोर्टल www.gst.gov.in पर जाकर बहुत आसानी से किसी भी नंबर की सच्चाई जान सकते हैं।

पोर्टल पर ‘सर्च टैक्सपेयर’ (Search Taxpayer) विकल्प को चुनें और संबंधित जीएसटी नंबर दर्ज करें। यदि नंबर असली है, तो बिजनेस और मालिक की पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। अगर पोर्टल पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो समझ लीजिए कि वह नंबर फेक (Fake) है।

आपके हर बड़े लेन-देन पर आयकर विभाग की पैनी नजर

पैन (PAN) कार्ड केवल एक लेमिनेटेड कार्ड नहीं, बल्कि 10 अंकों का एक शक्तिशाली यूनिक कोड है जो आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है। एक बार यह कार्ड बनने के बाद, आपके सभी वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) सीधे विभाग से जुड़ जाते हैं। चाहे आप इनकम टैक्स भर रहे हों, बैंक में बड़ी नकदी जमा कर रहे हों या क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग कर रहे हों—हर जानकारी आपके पैन नंबर के जरिए रिकॉर्ड होती है। यह पारदर्शी सिस्टम टैक्स चोरी को रोकने में मदद करता है और आपकी वित्तीय साख को मजबूत बनाता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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