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पुरानी पेट्रोल कार को बनाएं इलेक्ट्रिक! सरकार दे रही है रेट्रोफिटिंग किट पर भारी सब्सिडी, अब प्रदूषण और महंगे तेल से मिलेगी मुक्ति

पुरानी कार को कबाड़ में न फेंकें! सरकार अब पेट्रोल कार को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए रेट्रोफिटिंग किट पर सब्सिडी दे रही है। जानें कैसे कम खर्च में अपनी गाड़ी को नया बनाएं और महंगे पेट्रोल से हमेशा के लिए आजादी पाएं।

By Pinki Negi

पुरानी पेट्रोल कार को बनाएं इलेक्ट्रिक! सरकार दे रही है रेट्रोफिटिंग किट पर भारी सब्सिडी, अब प्रदूषण और महंगे तेल से मिलेगी मुक्ति
पुरानी पेट्रोल कार को बनाएं इलेक्ट्रिक

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों के कारण दिल्ली-NCR जैसे शहरों में 10-15 साल पुरानी पेट्रोल और डीजल कारों को सड़क से हटाना अनिवार्य है। लेकिन अब आपको अपनी कार को कबाड़ में देने की जरूरत नहीं है। सरकार की नई रेट्रोफिटिंग पॉलिसी (Retrofitting Policy) के तहत आप अपनी पुरानी कार में इलेक्ट्रिक किट लगवाकर उसे फिर से नया बना सकते हैं और सरकार इस पर भारी सब्सिडी भी दे रही है।

क्या होती है इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग (Retrofitting)?

रेट्रोफिटिंग का सीधा मतलब है पुरानी कार के इंजन, फ्यूल टैंक और गियरबॉक्स को हटाकर उसकी जगह इलेक्ट्रिक मोटर, कंट्रोलर और लिथियम-आयन बैटरी फिट करना।

  • इस प्रक्रिया के बाद आपकी कार बिना पेट्रोल के पूरी तरह बिजली से चलेगी।
  • इसे “कन्वर्जन किट” भी कहा जाता है, जो सरकार द्वारा प्रमाणित (RTO Approved) होनी चाहिए।

सरकार की सब्सिडी और वित्तीय मदद

इलेक्ट्रिक किट लगवाने का खर्च ₹2 लाख से ₹5 लाख तक आ सकता है। इसे किफायती बनाने के लिए केंद्र और कई राज्य सरकारें (जैसे दिल्ली और गुजरात) विशेष प्रोत्साहन दे रही हैं:

  • FAME-II और राज्य सब्सिडी: कई राज्यों में किट की कुल लागत पर 15% से 30% तक की सब्सिडी दी जा रही है।
  • रजिस्ट्रेशन फीस में छूट: रेट्रोफिटेड इलेक्ट्रिक वाहन को फिर से रजिस्टर कराते समय लगने वाले शुल्क और रोड टैक्स में 100% तक की छूट मिल सकती है।
  • ग्रीन टैक्स से राहत: पुरानी कार होने के बावजूद आपको इस पर कोई ग्रीन टैक्स नहीं देना होगा।

रेट्रोफिटिंग के जबरदस्त फायदे

  1. ईंधन की बचत: पेट्रोल पर प्रति किलोमीटर ₹8-10 खर्च करने के बजाय, इलेक्ट्रिक कार मात्र ₹1-1.5 प्रति किलोमीटर में चलेगी।
  2. 10 साल की अतिरिक्त लाइफ: आरटीओ (RTO) से मंजूरी मिलने के बाद आपकी पुरानी कार की वैलिडिटी 10 साल तक और बढ़ सकती है।
  3. प्रदूषण मुक्त: यह कार शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) करती है, जो पर्यावरण के लिए वरदान है।
  4. मेंटेनेंस की कमी: इंजन न होने के कारण सर्विसिंग और ऑयल चेंज का झंझट खत्म हो जाता है।

आवेदन और किट लगवाने की प्रक्रिया

अपनी कार को इलेक्ट्रिक बनाने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  • स्टेप 1: केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (Approved) रेट्रोफिटिंग सेंटर पर ही जाएं।
  • स्टेप 2: अपनी कार की कंडीशन के हिसाब से उपयुक्त रेंज वाली बैटरी और मोटर किट चुनें।
  • स्टेप 3: किट फिट होने के बाद, सेंटर आपको एक प्रमाण पत्र देगा।
  • स्टेप 4: इस प्रमाण पत्र को लेकर RTO जाएं, जहाँ आपकी कार के RC (Registration Certificate) पर ईंधन के प्रकार को ‘Petrol’ से बदलकर ‘Electric’ कर दिया जाएगा।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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