
उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को सशुल्क करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में इसके लिए 10 रुपये का शुरुआती शुल्क तय किया गया है, लेकिन यह अंतिम राशि नहीं है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे के अनुसार, रजिस्ट्रेशन की सही फीस निर्धारित करने के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है। समिति के सुझावों के आधार पर सरकार जल्द ही अंतिम शुल्क की घोषणा करेगी। अब श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले रजिस्ट्रेशन फीस का ध्यान रखना होगा।
फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए चार धाम यात्रा पर लगेगा शुल्क
गढ़वाल के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने जानकारी दी है कि चार धाम यात्रा में होने वाले फर्जी रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए अब ऑनलाइन पंजीकरण पर शुल्क लगाया जाएगा। इसके लिए एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। शुरुआती सुझाव के तौर पर कम से कम 10 रुपये का शुल्क रखने की बात कही गई है, ताकि केवल गंभीर यात्री ही पंजीकरण कराएं। यात्रा से जुड़े विभिन्न पक्षों (हितधारकों) ने भी इस कदम का समर्थन किया है। समिति की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही अंतिम फीस लागू की जाएगी।
Uttarakhand | During the meeting held regarding the Char Dham Yatra, stakeholders demanded that a fee be imposed for online registration for the Char Dham Yatra to prevent undesirable elements from attending. A committee has been formed under the chairmanship of the Additional… https://t.co/WH8u6GttHK
— ANI (@ANI) February 17, 2026
चारधाम यात्रा के लिए जल्द शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
सोमवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त और आईजी ने होटल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टरों और डंडी-कंडी संघ के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना और सभी के सुझावों पर विचार करना था। आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने भरोसा दिलाया है कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि अगले एक-दो दिनों के भीतर चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी जाएगी।
19 अप्रैल से शुरू होगी पवित्र चार धाम यात्रा
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा इस साल 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा का शुभारंभ यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए भक्तों में भारी उत्साह है और अगले कुछ दिनों में पंजीकरण की प्रक्रिया भी सक्रिय हो जाएगी।









