
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने औद्योगिक क्रांति को नई गति देने के लिए ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना को मंजूरी दे दी है। भारत औद्योगिक विकास योजना (Bharat Audyogik Vikas Yojana) के नाम से जानी जाने वाली इस ₹33,660 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत देशभर में 100 विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। केंद्रीय कैबिनेट ने 17 मार्च को इसकी स्वीकृति प्रदान की, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना का परिचय और लक्ष्य
यह योजना विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे लगभग 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लाखों नौकरियां पैदा होंगी। MSME, स्टार्टअप्स और वैश्विक कंपनियों को लक्ष्य बनाकर डिजाइन की गई यह पहल, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) की सफलता पर आधारित है।
प्रत्येक पार्क 100 से 1,000 एकड़ क्षेत्र में फैलेगा, जहां प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की केंद्रीय सहायता मिलेगी। वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक चलने वाली योजना में राज्य सरकारें, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और निजी डेवलपर्स साझेदारी करेंगे।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल
BHAVYA के तहत विकसित पार्कों में आधुनिक सुविधाएं होंगी, जो उद्योगों को ‘इंटेंट टू प्रोडक्शन’ तक की प्रक्रिया को मात्र कुछ दिनों में पूरा करने में सक्षम बनाएंगी। इनमें भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर, आंतरिक सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट, ICT नेटवर्क और प्रशासनिक ब्लॉक शामिल हैं। इसके अलावा, रेडीमेड फैक्ट्री शेड, वेयरहाउस, टेस्टिंग लैब्स और श्रमिकों के लिए आवास उपलब्ध होंगे।
‘नो-डिग’ इंफ्रा सुनिश्चित करेगी कि रखरखाव के दौरान उत्पादन बाधित न हो। सिंगल-विंडो क्लियरेंस और पूर्व-अनुमोदित मंजूरियां निवेशकों की राह आसान करेंगी। चुनौती-आधारित (‘चैलेंज मोड’) चयन प्रक्रिया से केवल उच्च गुणवत्ता वाले 34,000 एकड़ निवेश-तैयार भूमि ही मंजूर होंगी।
आम जनता को लाभ
यह योजना खासतौर पर ग्रामीण, पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। 15 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में पैदा होंगी, जिससे युवाओं को कुशल रोजगार मिलेगा। स्थानीय स्तर पर सस्ती जमीन, बेहतर कनेक्टिविटी और इकोसिस्टम से MSME को बूस्ट मिलेगा। उद्योगों के तेज सेटअप से निर्यात बढ़ेगा, जिसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘मेक इन इंडिया’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
पर्यावरण और कनेक्टिविटी
पार्क ग्रीन एनर्जी पर आधारित होंगे, संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित करेंगे। PM गतिशक्ति योजना से मल्टीमोडल कनेक्टिविटी (रेल, सड़क, एयर) मिलेगी, जो लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगी। इसके साथ ही, बजट 2026 में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स के लिए ₹3,000 करोड़ अलग से आवंटित हैं।
विशेषज्ञों की राय
इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स इसे ‘गेम चेंजर’ बता रहे हैं। “यह योजना भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में ठोस कदम है,” एक उद्योग विशेषज्ञ ने कहा। राज्य सरकारें उत्साहित हैं, हरियाणा CMO ने इसे ऐतिहासिक बताया। कुल मिलाकर, BHAVYA से भारत की GDP ग्रोथ को बल मिलेगा।









