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UP Home Guard: 41,424 पदों के लिए महापरीक्षा! 25 लाख अभ्यर्थी और चप्पे-चप्पे पर पुलिस; परीक्षा केंद्र जाने से पहले जान लें सुरक्षा नियम

उत्तर प्रदेश की होमगार्ड भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा अब “सुरक्षा‑पारदर्शिता” की परीक्षा बन गई है, जहाँ 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी 1,053 केंद्रों पर बैठ रहे हैं। हर जगह मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक जांच, डबल‑लॉक स्ट्रॉन्ग रूम और CCTV के तहत नकल रोकी जा रही है, जबकि रेलवे स्टेशनों से लेकर बस स्टैंड तक भीड़ और आपात सेवाएं तैनात हैं।

By Pinki Negi

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उत्तर प्रदेश की पुलिस‑स्तर की “महापरीक्षा” आज से शुरू हो गई है: 41,424 होमगार्ड पदों के लिए 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के बीच लड़ी जा रही भर्ती, जिसमें नकल और गड़बड़ी पर शिकंजा इतना कसा गया है कि प्रदेश के 1,053 परीक्षा केंद्र पुलिस, बैक‑अप दल और टेक्नो‑इंटेलिजेंस की नजर में डब गए हैं। लगातार तीन दिन (25, 26 और 27 अप्रैल) चलने वाली इस परीक्षा में जनता ने सिर्फ नौकरी की भीड़ नहीं बल्कि सरकारी भर्ती में नई “सुरक्षा‑संस्कृति” की कसौटी देखी है।

परीक्षा और कंट्रोल रूम की भूमिका

परीक्षा के लिए लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहाँ से प्रत्येक जिले के स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरों की लाइव फीड मॉनिटर की जा रही है। इस तरह प्रश्न‑पत्र की सुरक्षा और अभ्यर्थियों की नियमित आवाजाही दोनों पर “एंड‑टू‑एंड” निगरानी रखी गई है ताकि ई‑भर्ती की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।

सुरक्षा की बड़ी लहर और नकल‑रोकथाम

सुरक्षा के हिसाब से इस बार हर 240 अभ्यर्थियों पर एक पुलिस निरीक्षक या उपनिरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है, जो न केवल नकल रोकने बल्कि भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर “नकल‑मुक्त और पारदर्शी भर्ती” को राज्य की प्राथमिकता बताया है, जिसके तहत जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या उससे ऊपर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

प्रवेश और जांच की सख्त प्रणाली

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश पर नियम भी चरणबद्ध और सख्त रखे गए हैं। गेट पर हाथ से चलाए जाने वाले मेटल डिटेक्टर से हर अभ्यर्थी की जांच की जाती है, जिसमें बैग, बटुआ, बॉक्स आदि रखने वाली चीजें पहले बाहर जमा करवाई जाती हैं। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग विशेष रूप से अलग तैयार बनाए गए बूथ या एनक्लोजर में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की जाती है, ताकि गोपनीयता और आत्मसम्मान दोनों बने रहें।

प्रश्नपत्र सुरक्षा और तकनीकी निगरानी

प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए सरकार ने डबल‑लॉक सिस्टम अपनाया है, यानी स्ट्रॉन्ग रूम की दो अलग‑अलग तालों की चाबियाँ अलग‑अलग वरिष्ठ अधिकारियों के पास रखी गई हैं। इन कक्षों में 24×7 बिजली, इंटरनेट, फायर‑सेफ्टी और लगातार CCTV कैमरा लगाए गए हैं, ताकि कोई भी गैर‑मान्य चल या गलत आंदोलन पकड़ में आ सके। प्रश्न‑पत्र को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए पहले से नक्शे बनाए गए हैं और इस रास्ते पर अभ्यास भी किया गया है, जिसमें फोटो या गोपनीय फुटेज लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

e‑KYC, आईरिस और सोशल मीडिया निगरानी

पहचान की पकड़ को और मजबूत करने के लिए आधार‑आधारित e‑KYC और आईरिस बायोमेट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नकली या भरस्क तरीके से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों पर बड़ी‑सुरक्षित पकड़ संभव हो पाई है। साथ ही बोर्ड ने सोशल मीडिया पर भी नजर रखे रखने का आदेश दिय tastाकि कोई भी धोखेबाज या ग्रुप परीक्षा से पहले प्रश्न‑पत्र की चर्चा, तस्वीर शेयरिंग या फर्जी जानकारी न फैला सके; ऐसे कामों के लिए उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों से बचाव) अधिनियम, 2024 के तहत सख्त कार्रवाई तय की गई है।

लेकर जाने की अनुमति और प्रतिबंधित सामान

परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थी केवल एडमिट कार्ड, कोई वैध फोटो आईडी (आधार, वोटर, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट), काली या नीली इंक वाली पेन और घड़ी के अलावा कुछ भी ले जाने को मना मानते हैं। मोबाइल, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैलकुलेटर, नोटबुक, रीफरेंस बुक, टैबलेट या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अंदर ले जाना सख्ती से वर्जित है; इनमें छोटे ट्रांसमिटर या GPS वाले गैजेट भी शामिल हैं। बैग या बड़ा बटुआ ले जाने पर अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भीड़, ट्रैफिक और आपातकालीन तैयारी

परीक्षा के दौरान बैठक‑व्यवस्था भी ऐसी रखी गई है कि आस‑पास के अन्य अभ्यर्थियों से नोट, सिग्नल या दृश्य के माध्यम से सहायता लेना मुश्किल हो। साथ ही ट्रैफिक और आवागमन नियंत्रण के लिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और कोई तकनीकी या सामाजिक अघटन न हो। परीक्षा केंद्रों के चारों ओर एंबुलेंस और UP‑112 वाहन उपलब्ध रखे गए हैं ताकि अचानक तबीयत खराब होने या अन्य आपातकालीन स्थिति में त्वरित इलाज और ले जाया जा सके।

इस पूरी व्यवस्था से स्पष्ट है कि यूपी होमगार्ड भर्ती 2025 सिर्फ 41,424 पदों की नौकरी नहीं, बल्कि राज्य में निष्पक्ष भर्ती, तकनीकी दृष्टिकोण और सामाजिक शांति दोनों की एक जीवंत परीक्षा बन गई है, जिसने मीडिया, नौकरी‑खोजों और प्रशासन सभी के लिए नए मानक खड़े कर दिए हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।