
वैश्विक तनाव के बीच करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने राहत भरी खबर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। ईरान-इजराइल संकट से प्रभावित सप्लाई चेन के बावजूद बुकिंग व डिलीवरी नियमों में अहम बदलाव कर उपभोक्ताओं को समय पर गैस सुनिश्चित की गई है।
सरकार की अपील: पैनिक बुकिंग न करें
सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग या स्टॉकिंग न करें, क्योंकि इससे सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि रिफाइनरियों का उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ाया गया है और सभी यूनिट्स 100 प्रतिशत क्षमता पर चल रही हैं। वैकल्पिक ईंधनों जैसे केरोसिन व कोयले को बढ़ावा देकर एलपीजी पर लोड कम किया जा रहा है, खासकर छोटे-मध्यम उपभोक्ताओं के लिए।
बुकिंग नियमों में मुख्य बदलाव
बुकिंग नियमों में मुख्य बदलाव यह है कि शहरी क्षेत्रों में पिछले सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग हो सकेगी, पहले यह 21 दिन था। ग्रामीण व दुर्गम इलाकों में अंतराल 45 दिन कर दिया गया, जबकि डबल सिलेंडर वाले घरों के लिए 35 दिन का प्रावधान है। पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी 45 दिन का गैप लागू है। यह कदम होर्डिंग व ब्लैकमार्केटिंग रोकने के लिए उठाया गया, जिससे हर उपभोक्ता को बराबर हिस्सा मिले।
डिलीवरी प्रक्रिया को पारदर्शिता
डिलीवरी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनिवार्य हो गया है। अब 91 प्रतिशत डिलीवरी इस सिस्टम से हो रही, जहां मोबाइल पर आया OTP बताना जरूरी है। बिना कोड के डिलीवरी रद्द हो जाएगी, जिससे चोरी-हेराफेरी रुकेगी। ऑनलाइन बुकिंग 95 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है- IVRS नंबर 1906, ऐप या वेबसाइट से आसानी से बुक करें। eKYC भी केवल लंबे समय से बाकी वालों के लिए जरूरी है, पहले से पूरे मामलों में दोहराव नहीं।
प्राथमिकता जरूरी सेवाओं को
जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है- अस्पतालों, स्कूलों व उद्योगों को बिना रुकावट गैस मिलेगी। मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित 7 लाख कंटेनरों के बावजूद सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाया। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव लंबे समय तक सप्लाई स्थिर रखेंगे। उपभोक्ता सतर्क रहें, सही समय पर बुकिंग करें ताकि कोई कमी न महसूस हो।









