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Indian Railway: अब हवाई जहाज की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन! 220 किमी/घंटा वाली नेक्स्ट-जेन ट्रेनें तैयार, बदल जाएगा सफर का अंदाज

भारतीय रेलवे हाई-स्पीड यात्रा में क्रांति लाने वाली है। वंदे भारत (180 किमी/घंटा) के बाद 220 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली नेक्स्ट-जेन ट्रेनें 2027-28 में दौड़ेंगी। BEML द्वारा 866 करोड़ में डिजाइन, ये मौजूदा ट्रैकों पर 200 किमी/घंटा स्पीड देंगी। 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा, यात्रियों को तेज-आरामदायक सफर मिलेगा।

By Pinki Negi

Indian Railway: अब हवाई जहाज की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन! 220 किमी/घंटा वाली नेक्स्ट-जेन ट्रेनें तैयार, बदल जाएगा सफर का अंदाज

 भारतीय रेलवे अब हवाई जहाज की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस की जबरदस्त सफलता के बाद रेल मंत्रालय ने 220 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली दो नई नेक्स्ट-जेन ट्रेनसेट को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला 23 मार्च 2026 को रेलवे बोर्ड ने 2027-28 कोच प्रोडक्शन प्लान के तहत लिया, जो देश के सेमी-हाई स्पीड नेटवर्क को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

नई ट्रेनों की खासियतें

वर्तमान में 81 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें देशभर में सेवा दे रही हैं, जिनकी अधिकतम स्पीड 180 किमी/घंटा है। लेकिन ये नई 16-कोच वाली स्टील बॉडी ट्रेनसेट इससे कहीं आगे होंगी। इनकी ऑपरेशनल स्पीड 200 किमी/घंटा तक होगी, जो मौजूदा ब्रॉड गेज ट्रैकों पर आसानी से संभव है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) में इनका निर्माण होगा, जबकि अक्टूबर 2024 में BEML को 866 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट से डिजाइन व प्रोटोटाइप तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया। यह ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत धक्का देगा और स्वदेशी हाई-स्पीड तकनीक का विकास करेगा।

यात्रियों को मिलेगा नया अनुभव

यात्रियों के लिए यह ट्रेनें वरदान साबित होंगी। पूरी तरह एयर-कंडीशंड चेयर कारों में रिक्लाइनिंग सीट्स, आधुनिक ऑनबोर्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम, बेहतर सस्पेंशन और स्मूथ राइड सुनिश्चित होगी। तेज रफ्तार से दिल्ली-लखनऊ जैसे रूट्स पर सफर का समय आधा हो जाएगा, जबकि सुरक्षा के नए पैरामीटर्स जैसे एडवांस्ड ब्रेकिंग और सिग्नलिंग से दुर्घटनाओं का जोखिम न्यूनतम रहेगा। नेक्स्ट-जेन अमृत भारत कोच भी इसी दिशा में एक कदम हैं, जो ज्यादा कंफर्ट और सिक्योरिटी प्रदान करेंगे।

व्यापक आधुनिकीकरण का हिस्सा

यह प्रोजेक्ट रेलवे के व्यापक आधुनिकीकरण का हिस्सा है। राजस्थान के जोधपुर मंडल में 59 किमी लंबा 220 किमी/घंटा टेस्टिंग ट्रैक पहले से तैयार हो चुका है, जहां स्टेबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और व्हील टेस्टिंग होगी। इसके अलावा, बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की, जिनकी कुल लंबाई 4,000 किमी से अधिक होगी। इनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, चेन्नई-बेंगलुरु जैसे रूट्स शामिल हैं, जहां 250-320 किमी/घंटा की बुलेट ट्रेनें दौड़ेंगी। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट प्रोजेक्ट में जापान की शिंकानसेन E5 सीरीज 2026-27 में ट्रायल शुरू करेगी।

भविष्य की रेल यात्रा

फिलहाल ज्यादातर ट्रेनें 160 किमी/घंटा की औसत स्पीड पर चलती हैं, लेकिन ये बदलाव मेल-एक्सप्रेस की गति को 60-70% बढ़ाएंगे। गुजरात में असारवा-उदयपुर वंदे भारत जैसी नई सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे 2.81 लाख करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान से इंजन-कोच उत्पादन, ट्रैक अपग्रेड और नई लाइनों पर फोकस कर रहा है। इससे न केवल यात्रा तेज-सुविधाजनक बनेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक हाई-स्पीड रेल मानचित्र पर चमकेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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