
केंद्र सरकार के लगभग 49 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए सोमवार, 13 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक साबित हो सकता है। नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक इसी दिन होने वाली है, जहां 8वें वेतन आयोग के लिए शेयर मेमोरेंडम को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर, सैलरी संरचना, भत्तों और अन्य लाभों पर विस्तृत चर्चा होने की पूरी संभावना है, जो कर्मचारियों की ‘मौज’ बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
बैठक का ऐतिहासिक महत्व
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को एकत्रित कर आयोग के समक्ष रखा जाएगा। इससे पहले 12 मार्च को हुई बैठक में इन प्रस्तावों पर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी थी। कर्मचारी संगठनों ने आयोग को कई महत्वपूर्ण सुझाव सौंपे हैं। हाल ही में NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने आयोग को पत्र लिखकर नौ अन्य मुद्दों को शामिल करने की मांग की है। आयोग ने पहले ही 18 सवालों की सूची जारी कर सभी पक्षों से राय मांगी थी, जिसके जवाबों के आधार पर मेमोरेंडम तैयार हो रहा है।
आयोग का गठन और समयसीमा
सरकार ने नवंबर 2025 में ही 8वें वेतन आयोग का गठन कर लिया है, जिसमें जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को चेयरपर्सन नियुक्त किया गया। आयोग को अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है, यानी अक्टूबर 2027 तक। इसका मुख्य कार्य वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये है, जिसे नए आयोग में कई गुना बढ़ाने की उम्मीद है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा
कर्मचारियों की नजरें सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं, जो सैलरी निर्धारण का मूल मल्टीप्लायर है। कर्मचारी संगठन इसे 3.25 या इससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं, ताकि महंगाई के अनुरूप वास्तविक बढ़ोतरी हो सके। विशेषज्ञ अनुमान के मुताबिक, 2.5 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय होने पर सैलरी में 20 से 34 प्रतिशत की वृद्धि संभव है।
उदाहरण के तौर पर, वर्तमान 18,000 रुपये का न्यूनतम पे 41,000 से 51,480 रुपये तक पहुंच सकता है। अगर 2.86 का आंकड़ा लागू होता है, तो एक सामान्य कर्मचारी की मासिक सैलरी में 25,000 रुपये से अधिक का इजाफा हो सकता है।
DA मर्जर की प्रमुख मांग
इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) पर भी चर्चा होगी। अभी 58 प्रतिशत DA मिल रहा है, जिसे अप्रैल में 60 प्रतिशत तक बढ़ाने की उम्मीद है। कर्मचारी संगठन DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की जोरदार मांग कर रहे हैं। ऐसा होने पर न केवल बेसिक पे बढ़ेगा, बल्कि HRA, TA, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे लाभ भी बढ़ जाएंगे। 13 अप्रैल के बाद तैयार मेमोरेंडम ही आयोग के लिए आधार बनेगा, जिससे करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कर्मचारियों की उम्मीदें और भविष्य
कर्मचारी यूनियनें इसे ‘बड़ा तोहफा’ बता रही हैं। शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, “यह मेमोरेंडम कर्मचारियों की लंबी मांगों को पूरा करने का मौका है।” हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट लेगी। कुल मिलाकर, 13 अप्रैल की बैठक से सैलरी में जबरदस्त उछाल की उम्मीदें प्रबल हैं, जो अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार देगी।









