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RBI का नया सख्त नियम! अब ‘2FA’ के बिना नहीं होगा कोई पेमेंट, जानें क्या है यह और कैसे सुरक्षित रहेगा आपका पैसा

1 अप्रैल 2026 से आरबीआई ने सभी डिजिटल पेमेंट्स- UPI, कार्ड, वॉलेट- के लिए 2FA अनिवार्य कर दिया। सिर्फ OTP काफी नहीं; OTP+PIN/बायोमेट्रिक्स जरूरी। फिशिंग, सिम स्वैपिंग रोकने का सख्त कदम। रिस्क-बेस्ड अप्रोच, छोटे पेमेंट्स में छूट। बैंकों पर मुआवजा जिम्मेदारी। ट्रांजेक्शन में 5-10 सेकंड अतिरिक्त समय संभव। फ्रॉड 80% कम, डिजिटल इकोनॉमी मजबूत।

By Pinki Negi

RBI का नया सख्त नियम! अब '2FA' के बिना नहीं होगा कोई पेमेंट, जानें क्या है यह और कैसे सुरक्षित रहेगा आपका पैसा

डिजिटल इंडिया की तेज रफ्तार में एक बड़ा बदलाव आ गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने आज से सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को अनिवार्य कर दिया है। अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट जैसे किसी भी ऑनलाइन लेनदेन को सिर्फ एक OTP से पूरा नहीं किया जा सकेगा। यूजर्स को कम से कम दो अलग-अलग स्तरों पर अपनी पहचान साबित करनी होगी, जैसे OTP के साथ PIN, पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। यह कदम बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने और आम आदमी के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

2FA नियम की शुरुआत: डिजिटल पेमेंट्स में बड़ा बदलाव

पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले आसमान छूने लगे हैं। फिशिंग अटैक, सिम स्वैपिंग और मैलवेयर के जरिए हैकर्स आसानी से OTP चुरा लेते थे, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो जाता था। आरबीआई के इस नए निर्देश, जिसे ‘ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म्स फॉर डिजिटल पेमेंट ट्रांजेक्शन्स डायरेक्शन्स 2025’ कहा जा रहा है, ने सिंगल फैक्टर ऑथेंटिकेशन की कमजोरी को दूर करने का फैसला किया है।

अब हर ट्रांजेक्शन में ‘कुछ जो आप जानते हैं’ (पासवर्ड/PIN), ‘कुछ जो आपके पास है’ (OTP/टोकन) और ‘कुछ जो आप हैं’ (बायोमेट्रिक्स) में से दो फैक्टर्स जरूरी होंगे। एक फैक्टर हमेशा डायनामिक, जैसे OTP या बायोमेट्रिक होना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे फ्रॉड के 80% से ज्यादा केस रुक जाएंगे।

ट्रांजेक्शन प्रक्रिया में बदलाव और अपवाद

ट्रांजेक्शन प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव जरूर आएगा। नए डिवाइस या बड़े अमाउंट वाले पेमेंट्स में अतिरिक्त वेरिफिकेशन के कारण 5-10 सेकंड ज्यादा समय लग सकता है। हालांकि, रिस्क-बेस्ड अप्रोच अपनाई गई है। नियमित डिवाइस और कम रिस्क वाले छोटे ट्रांजेक्शन्स (जैसे ₹5000 तक के कॉन्टैक्टलेस PoS पेमेंट्स या EMI मैंडेट्स) में छूट मिलेगी। क्रॉस-बॉर्डर कार्ड पेमेंट्स पर 1 अक्टूबर 2026 से और सख्त चेक लगेंगे। बैंकों और फिनटेक कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। अगर उनकी सिस्टम की कमी से फ्रॉड होता है, तो उन्हें ग्राहकों को पूरा मुआवजा देना पड़ेगा। गैर-अनुपालन पर जुर्माना और लायसेंस रद्द होने का खतरा भी मंडरा रहा है।

विशेषज्ञों की राय और यूजर्स के लिए सलाह

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इसे सकारात्मक कदम मान रहे हैं। ‘यह नियम डिजिटल पेमेंट्स को और मजबूत बनाएगा, खासकर UPI जैसे प्लेटफॉर्म्स पर जहां रोज करोड़ों ट्रांजेक्शन्स होते हैं। यूजर्स को अब अपने बैंक ऐप्स अपडेट करने, बायोमेट्रिक्स इनेबल करने और संदिग्ध लिंक्स से बचने की सलाह दी जा रही है,’says पूर्व RBI अधिकारी। छोटे व्यापारियों को शुरुआत में परेशानी हो सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म में फ्रॉड कम होने से उनका भरोसा बढ़ेगा।

यूजर्स के लिए टिप्स: तुरंत 2FA सेटअप चेक करें, मजबूत पासवर्ड यूज करें और कभी OTP शेयर न करें। आरबीआई ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षित पेमेंट्स ही भविष्य हैं। इस बदलाव से भारत का डिजिटल इकोनॉमी और मजबूत होगा।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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