
भारत में शादियों और त्योहारों का सीजन आते ही रसोई गैस की मांग आसमान छूने लगती है। घरों में मेहमानों का तांता लग जाता है, बड़े-बड़े बर्तनों में खाना पकता है, लेकिन LPG सिलेंडर की कमी से कई परिवार परेशान हो जाते हैं। तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। एक महीने में महज 2 सिलेंडर और सालाना 15 की सीमा ने उपभोक्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
मासिक व वार्षिक बुकिंग लिमिट
मौजूदा नियमों के तहत एक घरेलू कनेक्शन (14.2 किलो वाला लाल सिलेंडर) पर महीने में अधिकतम 2 सब्सिडी वाले सिलेंडर ही बुक हो सकते हैं। वित्तीय वर्ष में कुल 12 सब्सिडी + 3 नॉन-सब्सिडी, यानी 15 सिलेंडर मिलते हैं। सॉफ्टवेयर सिस्टम तीसरे सिलेंडर की बुकिंग को रिजेक्ट कर देता है। शादी जैसे मौके पर एक कनेक्शन से काम चलाना मुश्किल होता है। पहले 21 दिन का गैप था, अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण में 45 दिन का इंतजार जरूरी है।
फंक्शन के लिए एक्स्ट्रा सिलेंडर की प्रक्रिया
शादी-ब्याह में पड़ोसी के ‘लाल सिलेंडर’ मांगना गैरकानूनी है। घरेलू LPG केवल निजी उपयोग के लिए है। बड़े आयोजन में हलवाई को नीले 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने चाहिए। BPCL का ‘Hello BPCL’ ऐप अतिरिक्त बुकिंग का नया रास्ता है। ऐप पर पूछे जाते हैं- परिवार के सदस्य कितने? शादी/फंक्शन है? मेहमानों की संख्या? इन जवाबों से जरूरत तय होती है। कुछ क्षेत्रों जैसे पानीपत में 1 सप्ताह पहले आवेदन जरूरी।
KYC और बुकिंग के नए नियम
बुकिंग से पहले KYC अपडेट अनिवार्य है। बिना आधार e-KYC के रिफिल रिजेक्ट हो सकता है। MyLPG.in, IVRS, SMS या ऐप से बुकिंग करें। डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) लेने वालों को दोगुनी सुविधा मिलती है, लेकिन सिक्योरिटी डिपॉजिट और दस्तावेज चाहिए। सरकार ने अफवाहें खारिज कीं कि बुकिंग गैप 35 दिन हो गया।
कालाबाजारी से सावधान, जुर्माना लाखों में
शादी सीजन में ऊंचे दामों पर ब्लैकमार्केट सिलेंडर बिकते हैं। चेकिंग में घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पकड़े जाने पर जब्ती और भारी जुर्माना होता है। मेरठ जैसे शहरों में जागरूकता अभियान चल रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं- पहले प्लान करें, कमर्शियल कनेक्शन लें या 5 किलो छोटे सिलेंडर इस्तेमाल करें।
तेल कंपनियां स्टॉक पर्याप्त होने का दावा कर रही हैं, लेकिन उपभोक्ता पहले बुकिंग करें। ये नियम न केवल जमाखोरी रोकते हैं, बल्कि हर घर तक गैस पहुंचाने में मददगार हैं।









