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पेंशन धारकों के लिए बुरी खबर! आधार कार्ड से आयु प्रमाण देने पर फाॅर्म होंगे वापस; अब ये 2 डॉक्यूमेंट्स हैं अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आधार कार्ड अब आयु प्रमाण के रूप में अमान्य। जिन्होंने आधार छायाप्रति जमा की, उनके फॉर्म वापस होंगे। परिवार रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाण पत्र अनिवार्य। जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास दिग्विजय सिंह के निर्देश पर एनआईसी फॉर्म लौटा रहा। लाखों लाभार्थी प्रभावित, तुरंत सुधारें।

By Pinki Negi

aadhaar not valid for old age pension age proof

उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में बड़ा बदलाव करते हुए आधार कार्ड को आयु प्रमाण के रूप में मान्यता समाप्त कर दी है। अब जिन आवेदकों ने अपने फॉर्म में आधार कार्ड की छायाप्रति आयु प्रमाण के तौर पर जमा की है, उनके फॉर्म वापस कर दिए जाएंगे। इसके स्थान पर परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति या शैक्षिक प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।

यह फैसला पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र व्यक्तियों को लाभ रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि अब वैध नहीं मानी जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास दिग्विजय सिंह ने सभी ब्लॉकों को निर्देश जारी कर कहा है कि प्रभावित फॉर्म तुरंत सुधारें। आगरा जैसे जिलों में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जहां एनआईसी द्वारा जिला स्तर पर भेजे गए फॉर्म वापस आ रहे हैं।

क्यों बदला नियम?

आधार कार्ड को आयु प्रमाण मानने से कई अनियमितताएं सामने आ रही थीं, क्योंकि इसमें जन्मतिथि स्वयं घोषित होती है और अदालती फैसलों ने भी इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। अब आवेदकों को परिवार रजिस्टर (जिसमें जन्म विवरण दर्ज हो) या 10वीं/हाईस्कूल की मार्कशीट जैसी शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करने होंगे। जिला अधिकारी सिंह ने स्पष्ट किया कि एनआईसी राज्य सरकार को भेजे गए सभी फॉर्मों का पुन: सत्यापन करेगा। यदि आधार ही एकमात्र प्रमाण है, तो फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा और लाभार्थी को नया फॉर्म भरना पड़ेगा।

प्रभाव कितना व्यापक?

उत्तर प्रदेश में लाखों बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन (60 वर्ष से अधिक आयु) पर निर्भर हैं। पारिवारिक लाभ योजना के तहत भी यही नियम लागू होगा। आगरा मंडल में सैकड़ों आवेदन प्रभावित हो चुके हैं, जबकि मेरठ जैसे शहरों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मौजूदा लाभार्थियों का भी सत्यापन शुरू हो सकता है, जिससे पेंशन रुकने का खतरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भ्रष्टाचार रोकेगा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तावेजों की कमी से वंचित बुजुर्ग प्रभावित हो सकते हैं।

आगे क्या करें आवेदक?

लाभार्थी तत्काल जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंचें या ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड करें। परिवार रजिस्टर न होने पर तहसील से प्रमाणित प्रति लें। अधिकारी सिंह ने चेतावनी दी कि समय रहते सुधार न करने पर योजना का लाभ मिलना मुश्किल होगा। सरकार का लक्ष्य 100% सत्यापन सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरतमंद तक पेंशन पहुंचे। यह बदलाव 13 मार्च 2026 से प्रभावी है और पूरे प्रदेश में लागू हो रहा है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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