
सरकारी नवरत्न कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार 25 मार्च को शेयर बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹0.60 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया। यह 10 रुपये फेस वैल्यू पर 6% के बराबर है। बोर्ड मीटिंग में मंजूर इस प्रस्ताव से IREDA के लाखों शेयरधारकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह IREDA का निवेशकों को पहला डिविडेंड है। 1987 में स्थापित यह NBFC रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को फाइनेंस करने में अग्रणी है। सोलर, विंड और अन्य ग्रीन प्रोजेक्ट्स को लोन देकर कंपनी ने भारत के नेट जीरो लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान मार्केट कैप ₹32,040 करोड़ के आसपास है।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का इनाम
डिविडेंड का फैसला कंपनी के शानदार नतीजों पर आधारित है। दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) में नेट प्रॉफिट 37.56% बढ़कर ₹585.16 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹425.38 करोड़ था। रेवेन्यू 25.42% उछलकर ₹2,130.19 करोड़ पर पहुंचा। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 34.8% बढ़ी। लोन बुक 28% बढ़कर ₹87,975 करोड़ और डिसबर्समेंट 32% चढ़कर ₹9,860 करोड़ हो गया।
रिकॉर्ड डेट और पेमेंट शेड्यूल
रिकॉर्ड डेट 2 अप्रैल 2026 तय की गई है। इस तारीख तक शेयर होल्डर्स ही पात्र होंगे। डिविडेंड घोषणा के 30 दिनों में इलेक्ट्रॉनिक मोड से पेमेंट होगा, जिसमें इनकम टैक्स एक्ट के तहत TDS कटेगा। निवेशकों को सलाह है कि 1 अप्रैल तक शेयर न बेचें।
शेयर बाजार में जोरदार रिएक्शन
घोषणा के बाद IREDA शेयर में 4.07% की तेजी आई और यह ₹119.02 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक साल में 29.97% गिरावट के बाद यह राहत भरा है। 5 साल में 89.67% रिटर्न मिला। 52-वीक हाई ₹186.58 और लो ₹110 रहा। ट्रेडर्स वैल्यू इन्वेस्टिंग का मौका तलाश रहे हैं। IREDA का नवरत्न स्टेटस और ग्रीन एनर्जी फोकस इसे आकर्षक बनाता है। बोर्ड ने FY26 बॉरोइंग लिमिट भी ₹35,800 करोड़ तक बढ़ाई। निवेशक उत्साहित हैं, लेकिन मार्केट वोलेटिलिटी पर नजर रखें।









