
तेलंगाना सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए देश में एक अभूतपूर्व पहल शुरू की है। राज्य के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने हाल ही में घोषणा की कि तेलंगाना के सरकारी कर्मचारियों अब इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर 20% तक की सीधी छूट मिलेगी, जिससे एक कर्मचारी को ₹4 लाख तक की बचत हो सकती है। यह योजना देश में किसी राज्य सरकार द्वारा EV कंपनियों के साथ सीधा समझौता करके दी गई पहली ऐसी छूट है।
5 लाख कर्मचारी होंगे लाभान्वित
इस विशेष पहल के तहत राज्य के लगभग 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। मंत्री प्रभाकर ने बताया कि सरकार ने Mahindra Electric, Ola Electric, Ather Energy और Gravton Motors जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ कई दौर की बातचीत की है। इन बातचीत के परिणामस्वरूप कंपनियों ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सीधा 20% डिस्काउंट देने पर सहमति जताई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस छूट में सरकार का सीधा कोई वित्तीय भार नहीं है; यह पूरी तरह से कंपनियों के साथ किए गए बातचीत-समझौते (negotiated discount) का परिणाम है।
टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों पर लागू
यह छूट केवल इलेक्ट्रिक कारों तक सीमित नहीं है। इसमें इलेक्ट्रिक दो-पहिया (स्कूटर/बाइक) और चार-पहिया वाहन दोनों शामिल हैं। महंगी इलेक्ट्रिक कारों पर 20% की छूट आसानी से ₹4 लाख तक पहुंच सकती है, जबकि किफायती मॉडल्स पर भी significant बचत होगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि टाटा मोटर्स समेत अन्य बड़ी कंपनियों के साथ भी वार्ता चल रही है ताकि कर्मचारियों को और अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें।
पहले से मिल रही 100% टैक्स छूट
यह 20% की छूट तेलंगाना में EV खरीद के लिए पहले से मौजूद सुविधाओं के अतिरिक्त होगी। वर्ष 2024 में ही राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% रोड टैक्स और 100% रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दिया था। इस छूट में टू-व्हीलर, कार, टैक्सी, ऑटो, माल ढोने वाले वाहन, ट्रैक्टर और बसें सभी शामिल हैं। मंत्री प्रभाकर के अनुसार, “20% की सीधी कीमत-कटौती और 100% टैक्स छूट के साथ, तेलंगाना में EV खरीदना देश के सबसे सस्ते विकल्पों में से एक बन जाएगा।”
सरकारी विभागों का होगा केवल EV इस्तेमाल
यह घोषणा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस ऐलान के बाद आई है जिसमें स्पष्ट किया गया कि अब सभी सरकारी विभाग केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदेंगे। शहरों में सरकारी काम के लिए किराए पर ली जाने वाली गाड़ियां भी अब इलेक्ट्रिक ही होंगी। वर्तमान में तेलंगाना अपने पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में 2,800 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है, जो इसे ग्रीन मोबिलिटी का अग्रदूत बनाती हैं।
EV हेडक्वार्टर और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
भविष्य की योजनाओं के तहत मंत्री ने बताया कि हैदराबाद में एक विशेष EV हेडक्वार्टर बनाया जाएगा, जिसे तेलंगाना के साफ और टिकाऊ विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया है। साथ ही, पूरे राज्य में चार्जिंग स्टेशन की संख्या में तेजी से वृद्धि की जाएगी। सचिवालय से लेकर जिला और मंडल स्तर के दफ्तरों, पब्लिक पार्किंग, होटल, मॉल और अन्य कमर्शियल जगहों पर चार्जिंग सुविधाएं लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि EV का इस्तेमाल और आसान हो सके।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य साफ हवा, ईंधन पर कम निर्भरता और भवि्य के लिए टिकाऊ परिवहन प्रणाली बनाना है, जिससे तेलंगाना पुरे देश में ग्रीन मोबिलिटी का एक मिसाल बन सके।









