
भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़े बताते हैं कि फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में UPI ट्रांजेक्शन 240 अरब तक पहुंच सकते हैं, जो FY25 के 185 अरब से करीब 30 प्रतिशत ज्यादा है। जनवरी 2026 में 21.7 अरब ट्रांजेक्शन (वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपये) और फरवरी में 20.39 अरब (26.84 लाख करोड़) के साथ यह तेजी साफ दिख रही है।
NPCI डेटा के अनुसार, FY25 में पूरे साल 228 अरब ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 300 लाख करोड़ रही, जबकि दिसंबर 2025 तक FY25-26 के पहले नौ महीनों में 230 लाख करोड़ का आंकड़ा पार हो गया।
UPI का लगातार ऊपर चढ़ता ग्रोथ ग्राफ
UPI का ग्रोथ ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ रहा है। FY24 में 131 अरब ट्रांजेक्शन के मुकाबले FY25 में 41 प्रतिशत की छलांग लगी। अब FY26 में 30 प्रतिशत सालाना बढ़त का अनुमान है, जो डिजिटल इंडिया की सफलता का प्रतीक है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में UPI की पैठ बढ़ने से यह संभव हुआ। रोजाना ट्रांजेक्शन में भी इतिहास रचा गया।
इस वित्त वर्ष में औसतन 657 मिलियन (65.7 करोड़) दैनिक ट्रांजेक्शन हुए, जो FY25 के 506 मिलियन से 30 प्रतिशत ज्यादा हैं। मार्च 2026 में पहली बार 800 मिलियन दैनिक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड टूटा। NPCI और सरकार का लक्ष्य 1 बिलियन (100 करोड़) रोजाना ट्रांजेक्शन है, जो FY27 में हकीकत बन सकता है। जनवरी में औसत 70 करोड़ और फरवरी में 72.8 करोड़ दैनिक ट्रांजेक्शन इस दिशा में मजबूत संकेत हैं।
तेज ग्रोथ के बीच उभरती चुनौतियां
हालांकि, इस चमक के बीच चुनौतियां भी उभर रही हैं। डिजिटल पेमेंट कंपनियां सरकार से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दोबारा लागू करने की मांग तेज कर रही हैं। 2020 में UPI पर 0.3 प्रतिशत MDR हटाने से कंपनियों को सब्सिडी पर निर्भरता बढ़ी। अब उनका तर्क है कि यह स्थायी नहीं।
खासकर 40 लाख रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले बड़े व्यापारियों पर MDR लगाने से स्थिर रेवेन्यू मॉडल बनेगा। फरवरी 2026 में 27 प्रतिशत ग्रोथ के बावजूद, साइबर फ्रॉड बढ़ने से DFS पैनल ने सुरक्षा सुधार की सलाह दी है। NPCI ने 2026 में 10 सेकंड ट्रांजेक्शन, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, ऑटोपे मैनेजमेंट और हाई-वैल्यू लिमिट (5-10 लाख) जैसे नए नियम लागू किए।
UPI: ग्लोबल लीडर की ओर मजबूत कदम
UPI ने भारत को ग्लोबल डिजिटल पेमेंट लीडर बनाया है। FY26 के अंत तक 240 अरब ट्रांजेक्शन न सिर्फ रिकॉर्ड होंगे, बल्कि अर्थव्यवस्था को डिजिटल बूस्ट देंगे। लेकिन MDR बहस और सिक्योरिटी पर सरकार को संतुलित कदम उठाने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से UPI की ग्रोथ बरकरार रहेगी।









