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8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 25% भत्ता बढ़ाने का हुआ ऐलान, सैलरी में आएगा बड़ा उछाल

रेलवे रनिंग स्टाफ के लिए बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने लोको पायलट, गार्ड और ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों के किलोमीटर अलाउंस (KMA) में 25% बढ़ोतरी मंजूर कर दी है। यह फैसला DA 50% होने के बाद भत्तों की समीक्षा प्रक्रिया के तहत आया है और 8वें वेतन आयोग से पहले बड़े वेतन सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

By Pinki Negi

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रेलवे कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से पहले बड़ी राहत की खबर आई है। रनिंग स्टाफ के किलोमीटर अलाउंस (KMA) में 25 फीसदी बढ़ोतरी को वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है, जिसे कर्मचारी संगठनों ने बड़ी जीत करार दिया है। आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार जरूर है, लेकिन फैसला सामने आते ही देशभर के लोको पायलट, गार्ड और ट्रेन ऑपरेशन से जुड़े कर्मचारियों में उत्साह साफ दिख रहा है।

DA 50% के बाद भत्तों की बड़ी समीक्षा

रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी महंगाई भत्ता (DA) 50 फीसदी की सीमा पार होने के बाद की गई व्यापक समीक्षा का हिस्सा है, जिसमें रेलवे बोर्ड ने कई भत्तों की दरें रिवाइज की हैं। इंडियन रेलवे ने रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर अलाउंस और ALK (Allowance in lieu of Kilometrage) की नई दरें 1 जनवरी 2024 से प्रभावी करने का फैसला लिया है, जिसे हाल में रेलवे बोर्ड और वित्त मंत्रालय स्तर पर क्लियर किया गया है।

AIRF और शिव गोपाल मिश्रा की बड़ी जीत

ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने पुष्टि की कि रनिंग स्टाफ के लिए KMA में 25 फीसदी बढ़ोतरी पर सहमति बन चुकी है। उनके मुताबिक यह फैसला लंबे समय से चल रही मांग, लगातार पत्राचार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव व वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों का नतीजा है। मिश्रा ने इसे रेलवे कर्मचारियों के लिए “बड़ी उपलब्धि” बताते हुए कहा कि जब भी महंगाई भत्ता 50 फीसदी के स्तर पर पहुंचता है, नियमों के अनुसार कई भत्तों की दरों में 25 फीसदी तक संशोधन किया जाता है, और यह निर्णय उसी प्रावधान के तहत लिया गया है।

किलोमीटर अलाउंस: रनिंग स्टाफ की कमाई की रीढ़

किलोमीटर अलाउंस यानी KMA, रेलवे के रनिंग स्टाफ की आय का सबसे अहम हिस्सा है। लोको पायलट और गार्ड जैसे कर्मचारियों को सामान्य TA/DA की जगह ट्रेन चलाने के दौरान तय की गई दूरी के आधार पर भुगतान होता है, यानी जितने ज्यादा किलोमीटर, उतनी ज्यादा कमाई। इसके साथ एक न्यूनतम गारंटी सिस्टम भी लागू रहता है, ताकि कम दूरी की ड्यूटी होने पर भी तय राशि से कम न मिले।

25% बढ़ोतरी से जेब में कितना फर्क?

अब 25 फीसदी बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर दिखेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी रनिंग स्टाफ को अभी KMA के रूप में करीब 10,000 रुपये मिल रहे हैं, तो दरें 25 फीसदी बढ़ने के बाद यह राशि लगभग 12,500 रुपये तक पहुंच सकती है, यानी महीने में 2,500 रुपये की अतिरिक्त आमदनी। जिन कर्मचारियों की मासिक रनिंग ज्यादा है, उनकी इन‑हैंड सैलरी में इसका प्रभाव और अधिक होगा, क्योंकि कई लोको पायलटों की कुल आय का बड़ा हिस्सा इसी भत्ते से बनता है।

8वें वेतन आयोग की तैयारियों के बीच बड़ा संकेत

दिलचस्प बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है और कर्मचारी संगठनों ने नए फिटमेंट फैक्टर, बेहतर इन्क्रीमेंट और पेंशन सुधार की जोरदार मांग उठाई हुई है। माना जा रहा है कि 8th Pay Commission की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं और एक्सपर्ट्स 30–34 फीसदी तक की समग्र सैलरी जंप का अनुमान जता रहे हैं, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं है। ऐसे में KMA में 25 फीसदी की यह बढ़ोतरी आने वाले बड़े वेतन पुनरीक्षण का शुरुआती संकेत मानी जा रही है।

नियम वही, रेट नए; भरोसे का संदेश

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेशों के मसौदे में साफ किया गया है कि किलोमीटर अलाउंस और ALK की नई दरें 7वें वेतन आयोग के तहत बने Railway Services (Revised Pay) Rules, 2016 के प्रावधानों के अनुसार हैं और केवल रेट में बदलाव किया गया है, बाकी पात्रता शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। यह कदम न सिर्फ रनिंग स्टाफ की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि रेलवे द्वारा अपने ऑपरेशनल फ्रंटलाइन कर्मचारियों के प्रति दिखाए जा रहे भरोसे और अहमियत का संकेत भी देता है।

राहत के साथ उम्मीदें भी बढ़ीं

कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग से पहले लिए गए इस फैसले ने रेलवे के लाखों रनिंग कर्मचारियों को तात्कालिक आर्थिक राहत दी है और आगे होने वाले बड़े वेतन‑पुनरीक्षण के लिए उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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