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सोने की कीमतों में 42 साल की सबसे बड़ी गिरावट! चांदी भी हुई सस्ती, क्या अभी गोल्ड खरीदना है सही?

इजरायल-ईरान युद्ध के 22वें दिन सोना 4500 डॉलर/औंस से नीचे लुढ़का, चांदी 70 डॉलर पर। जनवरी के हाई (सोना 1.92 लाख, चांदी 4.2 लाख रुपये) से अब 1.47 लाख और 2.32 लाख पर सिमटीं कीमतें। मजबूत डॉलर, मुनाफावसूली, ऊंची ब्याज दरें व क्रूड ऑयल (119 डॉलर) ने निवेशकों को एनर्जी की ओर धकेला। एक्सपर्ट: SIP जारी रखें, युद्ध रुके तो रिकवरी। शॉर्ट टर्म जोखिम भरा।

By Pinki Negi

सोने की कीमतों में 42 साल की सबसे बड़ी गिरावट! चांदी भी हुई सस्ती, क्या अभी गोल्ड खरीदना है सही?

इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग आज अपना 22वां दिन पूरा कर चुकी है। 28 फरवरी से शुरू इस संघर्ष ने दुनिया भर को हलकान कर दिया है। विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, जबकि सोने-चांदी से लेकर शेयर बाजार तक सब कुछ प्रभावित हुआ है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव में सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश माना जाता है, जैसा रूस-यूक्रेन युद्ध में देखा गया। लेकिन इस बार थ्योरी उलट गई।

युद्ध शुरू होने के बाद सोना इंटरनेशनल मार्केट में 4500 डॉलर प्रति औंस से नीचे लुढ़क गया, जो 1983 के बाद हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट है। चांदी भी 5% गिरकर 70 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

निवेशकों का सब्र टूटा

पिछले साल सोने ने 80% और चांदी ने 160% रिटर्न दिया था। जनवरी 2026 में चांदी 4.2 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.92 लाख रुपये (10 ग्राम) के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा। लेकिन अब भारतीय बाजार में सोना 1,47,000 रुपये और चांदी 2.32 लाख रुपये पर सिमट गया। शॉर्ट टर्म निवेशक राहुल जैसे लोग बेचैन हैं, जिनका ‘सब्र का बांध’ टूट रहा है। कुछ ने सस्ते दामों पर खरीदकर प्रॉफिट बुक किया, बाकी लॉन्ग टर्म के इंतजार में हैं। मार्च तक 24 कैरेट सोना 1,64,000 रुपये के आसपास स्थिर, लेकिन उतार-चढ़ाव जारी है।​​

गिरावट के पीछे छिपे कारण

ईरान-इजरायल युद्ध ने क्रूड ऑयल को 119 डॉलर प्रति बैरल तक धकेल दिया, 50% की तेजी के साथ। निवेशकों का फोकस एनर्जी मार्केट पर शिफ्ट हो गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर ने सोने-चांदी की मांग घटाई, क्योंकि डॉलर बढ़ने पर ये महंगे हो जाते हैं। बढ़ती महंगाई और ऊंची ब्याज दरें भी जिम्मेदार हैं- ब्याज बढ़ने पर सोना कम आकर्षक लगता है। मुनाफावसूली ने रिकॉर्ड हाई के बाद 4-5% की गिरावट को तेज किया। युद्ध के बीच सेफ-हैवन की बजाय रिस्क सेंटिमेंट सुधरा, जिससे बिकवाली बढ़ी।​

भारतीय बाजार पर असर

भारत में रुपये पर दबाव बढ़ा, RBI ने भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों का आकलन किया। ज्वेलरी खरीदारी के लिए मौका मिला, लेकिन वैश्विक संकट से महंगाई चरम पर। पिछले हफ्ते सोना 27 लाख का नुकसान, चांदी में 27% गिरावट।​​

एक्सपर्ट्स की सलाह

पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन कहते हैं, “यह गिरावट अस्थायी है। युद्ध रुकने पर रिकवरी होगी। SIP से निवेश करें, एकमुश्त से बचें। कम दाम पर खरीदा है तो प्रॉफिट बुक करें, लॉन्ग टर्म वालों को होल्ड करना चाहिए।” अगर जंग 1-2 हफ्ते और चली तो सोना 200 डॉलर और गिर सकता है। फेड रिजर्व की ब्याज कटौती से तेजी संभव। अभी खरीदना जोखिम भरा, लेकिन ज्वेलरी या ETF के लिए ठीक।​

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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