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NHAI Land Case: किसानों के लिए बुरी खबर, 2018 से पहले के जमीन अधिग्रहण केस नहीं खुलेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले ने हजारों किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि 2018 से पहले के जमीन अधिग्रहण मामले अब दोबारा नहीं खोले जाएंगे। आखिर क्यों कोर्ट ने ₹32,000 करोड़ की दलील को माना? पूरी कानूनी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

By Pinki Negi

NHAI Land Case: किसानों के लिए बुरी खबर, 2018 से पहले के जमीन अधिग्रहण केस नहीं खुलेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
NHAI Land Case

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा 2018 से पहले अधिग्रहित की गई जमीनों के मुआवजे वाले मामलों को अब दोबारा नहीं खोला जाएगा। हालांकि 2019 के एक फैसले में कोर्ट ने किसानों को ब्याज सहित मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन अब जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा है कि इन पुराने केसों को फिर से शुरू नहीं किया जा सकता।

NHAI ने दलील दी थी कि पुराने फैसले से उन पर ₹32,000 करोड़ का भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है, इसलिए इसे भविष्य के मामलों पर ही लागू किया जाए। इससे पहले कोर्ट ने समानता के अधिकार का हवाला देते हुए किसानों को राहत देने की बात कही थी।

2018 से पुराने जमीन मुआवजे के केस अब नहीं खुलेंगे

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि मुआवजे का बोझ अनुमान से कहीं ज्यादा है और पुराने निपट चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाना चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस (CJI) ने स्पष्ट किया कि साल 2018 से पहले के बंद हो चुके मामलों को फिर से खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कोर्ट ने कहा कि केवल वही मामले चलते रहेंगे जो 2008 से लंबित (Pending) हैं। यदि कोई व्यक्ति 2020 में पुराने आधार पर मुआवजे की मांग करता है, तो उसे मूल मुआवजा (Solatium) तो मिल सकता है, लेकिन ब्याज (Interest) का लाभ नहीं मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट में ₹32,000 करोड़ के भारी बोझ पर अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद

सुप्रीम कोर्ट ने NHAI की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों से लिखित दलीलें पेश करने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि 2019 के फैसले को पिछली तारीख से लागू करने पर सरकार पर ₹32,000 करोड़ का भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा, जो पहले बताए गए ₹100 करोड़ से कहीं ज्यादा है। गौरतलब है कि फरवरी 2025 में कोर्ट ने मुआवजे को पिछली तारीख से देने का आदेश दिया था, लेकिन अब भारी भरकम राशि को देखते हुए कोर्ट इस पर दोबारा विचार करने को तैयार हो गया है।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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